रबी-खरीफ अल्पकालीन फसली ऋण वितरण व्यवस्था पर संकट के बादल!
साल में दो बार ऋण वितरण व्यवस्था को बदलने की तैयारी, कमेटी का गठन
जयपुर, 18 जून (मुखपत्र)। दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के तहत सहकारी भूमि विकास बैंकों की वित्तीय स्थिति में सुधार के राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों के बीच, अल्पकालीन सहकारी साख संरचना के ताने-बाने के साथ चिंताजनक छेड़छाड़ आरंभ हो गयी है। शॉर्ट टर्म लोन स्ट्रक्चर के तहत एक साल में राज्य के 30 लाख से अधिक किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये का अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जो रबी व खरीफ सीजन के लिए पृथक-पृथक वितरित किया जाता है।
अब इस दो बारीय व्यवस्था को एक बारगी करने पर विचार हो रहा है, जिसे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB) के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। क्योंकि, इससे केंद्रीय सहकारी बैंकों को मिलने वाले क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान (0.80 प्रतिशत) में कमी होने की आशंका है। दो वर्ष पूर्व तक सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान के रूप में 1 प्रतिशत राशि डीसीसीबी को उपलब्ध करायी जाती थी, जिसे पहले घटाकर 0.80 प्रतिशत कर दिया गया है।
फिलहाल, एक बारगी ऋण वितरण व्यवस्था को लागू करने पर इससे सहकारी साख संरचना, सहकारी बैंकों एवं कृषकों को होने वाले लाभ-हानि पर सुझाव देने के लिए रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया है, जो एक माह में अपनी रिपोर्ट सहकारिता विभाग को प्रस्तुत करेगी।

अभी दो बार में बंटता है अल्पकालीन ऋण
वर्तमान में, राजस्थान में जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा बहुउद्देशीय कृषि ऋणदात्री समितियां (ग्राम सेवा सहकारी समितियां) के माध्यम से अल्पकालीन फसली ऋण खरीफ एवं रबी फसल अनुसार पृथक-पृथक दिया जाता है, जिसकी देय तिथि क्रमश: 31 मार्च एवं 30 जून निर्धारित है। जबकि अन्य राज्यों में अल्पकालीन फसली ऋण एक बारीय प्रदान किया जाता है। नाबार्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार अल्पकालीन फसली ऋण एक वर्ष के लिए दिये जाने का प्रावधान है। इसके संदर्भ में वर्तमान में प्रचलित ऋण प्रक्रिया का राजस्थान के परिप्रेक्ष्य में अध्ययन कर उचित सुझाव देने के लिए रजिस्ट्रार द्वारा एक कमेटी का गठन किया है।
अपेक्स बैंक एमडी होंगे कमेटी के अध्यक्ष
राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लि. (अपेक्स बैंक), जयपुर के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में तीन केंद्रीय सहकारी बैंकों (जयपुर, दौसा एवं कोटा) के प्रबंध निदेशक सदस्य होंगे जबकि अपेक्स बैंक के उप महाप्रबन्धक (परिचालन) सदस्य सचिव होंगे।
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