आरसीडीएफ : पारदर्शिता के लिए आवेदन से आवंटन तक, सब कार्य ऑनलाइन होंगे
– नये प्रोसेसिंग प्लांट एवं केटल फीड प्लांट का लोकार्पण शीघ्र होगा
जयपुर, 2 जून (मुखपत्र)। राजस्थान में सहकारी डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने और पशुपालकों को संबल देने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को शासन सचिवालय में डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्धाज सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बजट घोषणा, लंबित भुगतान और बुनियादी ढांचे के विकास पर मंथन हुआ।
डेयरी नेटवर्क में पारदर्शिता लाने के लिए डेयरी मंत्री के निर्देश पर नई आवंटन नीति के तहत दुग्ध सहकारी समितियां और दुग्ध संकलन केंद्र खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इनका आवंटन भी पूरी तरह ऑनलाइन ही होगा।
मंत्री ने बताया कि नई नीति के तहत अब दुग्ध सहकारी समितियां स्वयं के पूंजी निवेश से भी बीएमसी स्थापित कर सकेंगी। इससे दूध की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बुनियादी ढांचे का विस्तार के लिए नए प्लांट
राज्य में निर्मित हो चुके नए प्रोसेसिंग और कैटल फीड प्लांट के लोकार्पण की तैयारी की समीक्षा के उपरांत कुमावत ने बताया कि जयपुर डेयरी में 10 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाली एक और नई प्रोसेसिंग यूनिट, राजसमंद में 50 हजार लीटर क्षमता का नया प्रोसेसिंग प्लांट, पाली में 300 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला आधुनिक कैटल फीड प्लांट और गुलाबपुरा में 150 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला कैटल फीड प्लांट बनकर तैयार हो चुका है। मंत्री ने इन प्लांट के लोकार्पण को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कोटा में 150 टन प्रतिदिन क्षमता के नए कैटल फीड प्लांट के भूमि पूजन पर भी चर्चा हुई।
भुगतान और योजनाओं की समीक्षा
डेयरी मंत्री ने बजट घोषणाओं को समय पर धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को डेडलाइन तय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना और पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने पशुपालकों और डेयरियों के सभी लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने के सख्त निर्देश दिए।

