सहकारिता

सहकारिता विभाग में स्थानांतरण : योग्य, दक्ष एवं अनुभवी अधिकारियों को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

पहली बार सहकारिता के सात में से पांच संभागों में ‘फ्रेश फेस’ को मिली कमान

जयपुर, 11 जुलाई (मुखपत्र)। सहकारिता विभाग में कार्यरत, राज्य सहकारिता सेवा के अधिकारियों की स्थानांतरण एवं पदस्थापन सूची में काफी हद तक, शासन सचिव डॉ. समित शर्मा की झलक देखने को मिल रही है। लम्बे अर्से के पश्चात, स्वामीभक्ति के स्थान पर अनुभवी, योग्य, दक्ष और निष्ठावान अधिकारियों को महत्व दिया गया है। सहकारिता सेवा के लगभग 400 अधिकारियों के कैडर वाले इस महकमे में करीब एक चौथाई अधिकारियों को इधर-उधर कर, डॉ. समित शर्मा ने गागर में सागर भर दिया।

यही वे महत्वपूर्ण विभागीय पद और सहकारी संस्थाएं थी, जिसमें आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता थी। इन 119 अधिकारियों की ट्रांसफर/पोस्टिंग लिस्ट में राज्य के 29 में से 22 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और सात में से पांच संभागों का फेस चेंज कर दिया गया और जो अपनी चमक बिखेर रहे थे, उन्हें यथावत रखा गया। इसी सूची में प्रधान कार्यालय (कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान) सहित खंडीय अधिकारियों और इकाई अधिकारियों की सीटों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया। महत्वपूर्ण विभागीय पदों पर अनुभवी और निष्ठावान अधिकारियों की पोस्टिंग में शासन सचिव की दूरदर्शिता और सहकारी आंदोलन को प्रगति के पथ पर आगे बढाये रखने की उनकी ललक झलकती है। संस्थाओं में अच्छेे अधिकारियों की पोस्टिंग कर, उन्होंने भ्रष्ट और नकारा लोगों को कड़ा संदेश दिया है। हालांकि, पोलिटिकल डिजायर सिस्टम की आड़ में, डॉ. समित शर्मा की इस फ्रेश फू्रट बास्केट में इक्का-दुक्का दागी फल भी जगह पाने में कामयाब रहे।

स्थानांतरण सूची की तीन किश्तों में समीक्षा की जायेगी। पहली किश्त में खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पदों की समीक्षा करते हैं। संभागों की बात करें तो बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा एवं अजमेर खंड और एडिशनल रजिस्ट्रार (अपील्स), जोधपुर में अनुभवी अधिकारियों को एडजस्ट किया गया है, जो पहली बार इन पदों पर अपना महत्ती योगदान देंगे।

जोधपुर खंड

गुंजन चौबे

एडिशनल रजिस्ट्रार (अपील्स) जोधपुर की पोस्ट पर अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सीनियर स्केल गुंजन चौबे को लगाया गया है, जो अभी तक उदयपुर खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर सेवाएं दे रही थी। चर्चा है कि मंत्री उन्हें पहले भी उदयपुर जोन से बाहर भेजने की फिराक में थे। कुछ माह पूर्व, जब मंजू राजपाल रजिस्ट्रार थी, तब चौबे को प्रधान कार्यालय में एडिशनल रजिस्ट्रार-वन की पोस्ट के लिए सेलेक्ट किया गया था। उस समय तबादलों पर प्रतिबंध के कारण, एक संक्षिप्त सूची में गुंजन चौबे का नाम एडिशनल-वन और ज्वाइंट रजिस्ट्रार अनिलकुमार (संयुक्त रजिस्ट्रार, आयोजना) का नाम भरतपुर सीसीबी एमडी के लिए स्वीकृति हेतु सीएमओ भेजा गया था। इन दोनों पदों के लिए संबंधित अधिकारी को विश्वास में लेना तो दूर, उन्हें बताया तक नहीं गया था, इसलिए राजनीतिक हस्तक्षेप से तब यह मामला टल गया और केवल संजय पाठक एवं रणजीतसिंह चूंडावत की अदला बदली हुई और अनिल कुमार की जगह नरेश शुक्ला को हनुमानगढ़ सीसीबी एमडी से भरतपुर सीसीबी एमडी के पद पर भेज दिया गया। एडिशनल-वन का पद एडिशनल चार्ज में ही झूलता रह गया। अब गुंजन चौबे जोधपुर भेज दी गयी हैं और अनिलकुमार टोंक सीसीबी एमडी बना दिये गये हैं। व्यक्तिगत कारणों से हटकर देखें, तो दोनों ही जगह पर अच्छे अधिकारियों को पोस्टिंग मिली है।

 

प्रशांत कल्ला

जोधपुर खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार पद पर प्रशांत कल्ला को लगाया गया है। होम टाउन में वापसी के साथ ही कल्ला को पहली बार जोन की कमान सौंपनी गयी है। यहां उनके पास समतुल्य कैडर वाले कई सहकारी अधिकारी हैं, जिनमें शुद्धोधन उज्ज्वल, एमडी सीसीबी सिरोही, अनिल बिश्नोई, एमडी जोधपुर सीसीबी, देवेंद्र अमरावत, एमडी जोधपुर नागरिक सहकारी बैंक, ओमपालसिंह क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी, जितेंद्र गोदारा एमडी बाड़मेर सीसीबी, भंवर सुरेंद्रसिंह एमडी पाली सीसीबी, वेदप्रकाश सैनी एमडी जैसलमेर सीसीबी शामिल हैं। कल्ला के पास सहकारिता का व्यापक अनुभव है। इससे पहले वे इकाई अधिकारी, क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी और एमडी, सीसीबी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं।

उदयपुर खंड

नानालाल चावला

उदयपुर में ‘सरकार’ को अपने खास अधिकारी नानालाल चावला को एडजस्ट करना था, उसके लिए गुंजन चौबे को बाहर भेजना जरूरी हो गया था। नानालाल एक दशक से अधिक समय से चित्तौड़ में ही जमे हुए थे, जिनमें से पिछले 6-7 साल से लगातार चित्तौडग़ढ़ केेंद्रीय सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत थे। भाजपा के ही कुछ कार्यकर्ता उन्हें लम्बे समय से हटाये जाने के लिए मुखर हो रखे थे, लेकिन क्षेत्रीय निर्दलीय विधायक का वरदहस्त होने से उन्हें कार्यकर्ताओं की मांग के अनुरूप नहीं हटाकर, राजनीतिक हित और जातिगत वोटों को साधने के लिए मान-सम्मान पूर्वक खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर भेजा गया है। वे पहली बार खंडीय अधिकारी के रूप में सेवाएं देंगे।

बीकानेर खंड

संजय गर्ग

बीकानेर जोन की कमान राजेश टाक, एडिशनल रजिस्ट्रार के स्थान पर, उन्हीं के बैच मेट संजय गर्ग, अतिरिक्त रजिस्ट्रार को सौंपी गयी है। संजय गर्ग को गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक से बीकानेर लगाया गया है। उनके पास हनुमानगढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी था। वे इसी जोन के रहने वाले हैं और पहली बार पूरे संभाग को कमांड करेंगे। गर्ग गंगानगर व हनुमानगढ़ में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। इस समय वे जोन में सबसे अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी हैं, इसलिए बीकानेर खंड के संचालन में उन्हें दिक्कत पेश नहीं आने वाली।

कोटा खंड

बीना बैरवा

एडिशनल रजिस्ट्रार बीना बैरवा, कोटा की अनुभवी अधिकारी हैं। उनकी अधिकांश सर्विस इसी जोन में रही है। विभाग एवं संस्थाओं से भलि-भांति परिचित हैं। उन्हें भी सरकार ने पहली बार खंड के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है। बैरवा की इस पद पर पोस्टिंग के साथ ही कोटा की लम्बे अर्से से पूर्णकालिक खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार की तलाश भी पूरी हो गयी है। वे अभी तक कोटा सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थी।

अजमेर खंड

मनोजकुमार मान

जोनल अधिकारियों के पोस्टिंग में सबसे चौंकाने वाला नाम मनोजकुमार मान, ज्वाइंट रजिस्ट्रार का है। अब उन्हें अपनी दक्षता से विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का जोन संभालना है, जो वर्तमान में सहकारिता की दृष्टि से बहुत अधिक समृद्ध खंड नहीं है। वर्ष 2016 बैच के अधिकारी मान अपने सेवाकाल के आरंभ में अजमेर में इकाई अधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इस सूची में खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर लगाये जाने वाले वे सबसे युवा अधिकारी हैं। सूची आने से एक दिन पहले तक मान को किसी जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक लगाये जाने के कयास लगाये जा रहे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें पूरे जोन की कमान सौंप कर, एक की अपेक्षा चार बैंकों – अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, टोंक डीसीसीबी की जिम्मेदारी दे दी है।

जयपुर, भरतपुर यथावत

राजधानी की राजनीतिक गहमागहमी वाले जयपुर जोन में एमएल गुर्जर, एडिशनल रजिस्ट्रार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भरतपुर जोन में दीपक बेरवाल, ज्वांइट रजिस्ट्रार को खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर यथावत रखना, सरकार का इन अफसरों पर, इनकी कार्यक्षमता पर भरोसे को प्रदर्शित करता है।

 

अधिकारियों का प्रदर्शन तय करेगा कि वे पुरस्कार के हकदार हैं या दंड के भागीदार : डॉ. समित शर्मा

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