सहकारिता

अधिकारियों का प्रदर्शन तय करेगा कि वे पुरस्कार के हकदार हैं या दंड के भागीदार : डॉ. समित शर्मा

– सहकारी संस्थाओं की ऑडिट का सत्यानाश करने वाले चार्टर्ड एकाउंटेंट्स पर कड़ी कार्यवाही होगी

जयपुर, 8 जुलाई (मुखपत्र)। सहकारिता विभाग एवं सहकारी संस्थाओं में अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रदर्शन इस बात का आधार बनेगा कि उन्हें पुरस्कार मिलेगा, या आरोपपत्र। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा के अनुसार, जिन जिलों के अधिकारियों द्वारा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उन्हें सम्मान दिया जायेगा। लेकिन विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी प्रकार की कौताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी, ऐसे अधिकारी एवं कार्मिक कड़ी कार्यवाही के लिये तैयार रहें। वे बुधवार को नेहरू सहकार भवन स्थित मीटिंग हॉल में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। अपनी कथनी को करनी का रूप देते हुए शासन सचिव ने राजस्थान उच्च न्यायालय के कंटेम्प्ट के प्रकरण में समय पर जवाब दावा पेश नहीं करने तथा लापरवाही बरतने के लिये सीकर केन्द्रीय सहकारी बैंक में पदस्थापित अधिशाषी अधिकारी के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान किये।

उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग के कार्यालय और सहकारी संस्थाएं, अधिकारियों एवं कार्मिकों की सेवा प्रदाता स्थल पर उपस्थिति आमजन को सेवायें देने का साधन मात्र है, वास्तविक लक्ष्य पूर्ण मनोयोग से विभागीय योजनाओं की निर्धारित समयावधि में सर्विस डिलेवरी सुनिश्चित करना है और हमें इसके लिये लगातार एवं मिलकर प्रयास करना होगा ताकि अन्तिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को सहकारी योजनाओं का निश्चित समयावधि में लाभ मिल सके।

सहकारी संस्थाओं का टेस्ट ऑडिट करवाया जायेगा

उन्होंने बताया कि सहकारी संस्थाओं की समय पर ऑडिट एवं गुणवत्तापूर्ण ऑडिट उसकी फाइनेंसियल हैल्थ को मापने का सबसे अधिक विश्वसनीय टूल है। इससे संस्था के कार्यों में पारदर्शिता बढती है और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को समय पर रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में रेण्डम आधार पर सहकारी संस्थाओं का टेस्ट ऑडिट करवाया जायेगा और ऐसी अंकेक्षक फर्म एवं विभागीय अंकेक्षक जिनकी ऑडिट विभागीय मापदण्ड एवं प्रक्रिया के अनुसार नहीं पायी जायेगी, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्ट किया जायेगा।

जयपुर: सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित शासन सचिव डॉ. समित शर्मा एवं विभागीय अधिकारीगण।

अजमेर, जोधपुर व कोटा खंड का प्रदर्शन उत्तम

डॉ. शर्मा ने बताया कि सहकार से समृद्धि कार्यक्रम के क्रियान्वयन, अधिनियमान्तर्गत वैधानिक दायित्वों के निष्पादन तथा प्रशासनिक कार्यों के लिये की-परफोरमेंस-इण्डीकेटर्स (केपीआई) के आधार पर खण्ड एवं जिलों को रेंकिंग दी गई है। खण्ड स्तर पर अजमेर खण्ड प्रथम स्थान पर, जोधपुर खण्ड द्वितीय स्थान तथा कोटा खण्ड तृतीय स्थान पर रहा। इसी प्रकार खैरथल-तिजारा जिला प्रथम स्थान पर रहा, जबकि बाडमेर द्वितीय तथा बालोतरा जिला तृतीय स्थान पर रहा।

इन जिलों की स्थिति कमजोर

शासन सचिव ने विश्व की सबसे बड़ी अन्न भण्डारण योजना के अन्तर्गत केवीएसएस में गुणवत्तापूर्ण गोदामों के निर्माण एवं उपयोग में अलवर, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, प्रतापगढ, कोटा, दौसा, डीग एवं अजमेर जिलों की प्रगति कम रही, जिसके लिये उन्हें इस क्षेत्र में तेजी से कार्य कर लक्ष्यों की प्राप्ति के निर्देश दिये गये।

कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिये कोटपूतली-बहरोड, बीकानेर, भरतपुर, कोटा, चुरू, धोलपुर, झालावाड़, दौसा, सिरोही, डीग, जैसलमेर, उदयुपर एवं बांसवाड़ा जिलों को प्राथमिकता से 20 जुलाई से पूर्व कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये ताकि खेती के कार्यों में आवश्यकता के आधार पर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

डॉ शर्मा ने पैक्स विहीन ग्राम पंचायतों में एम-पैक्स के गठन में पिछड़ रहे डूंगरपुर, जैसलमेर, भरतपुर, उदयपुर, बालोतरा, डीग, कुचामन आदि जिलों को युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिये गये ताकि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप सभी ग्राम पंचायतों में एम-पैक्स का गठन कर अधिक से अधिक आमजन को सहकारिता के दायरे में लाकर उन्हें विभागीय सहकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया जा सके।

सदस्यता के लिए प्रोत्साहित किया

उन्होंने पैक्स की एनसीओएल, एनसीईएल एवं बीबीएसएसएल की सदस्यता लेने की महत्ता पर जोर देते हुये कहा कि बीबीएसएसएल की सदस्यता से पैक्स के माध्यम से आईसीएआर के द्वारा तैयार किये गये उन्नत बीज किसानों को प्राप्त होने से उनकी उत्पादकता बढेगी तथा आय में वृद्धि होगी। ऑर्गेनिक उत्पादन से उन्हें उपज का अधिक मूल्य प्राप्त होगा तथा उन्हें अपनी उपज को विदेशों में निर्यात करने के अवसर मिल सकेंगे।

प्रकरणों को तुरंत निपटान करें

रजिस्ट्रार, सहकारिता ने कहा कि अधिनियमान्तर्गत वैधानिक दायित्वों के त्वरित निष्पादन से सहकारी संस्थाओं की सर्विस डिलेवरी में सुधार आता है और आगे होने वाली अनियमितताओं में कमी आती है। उन्होंने सभी इकाई अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अधिनियमान्तर्गत वैधानिक कार्यवाहियों का रिकॉर्ड, तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर त्वरित ढंग से निपटान सुनिश्चित करें।

ये अधिकारी रहे उपस्थित

समीक्षा बैठक में राजफेड के प्रबंध निदेशक एवं सहकार से समृद्धि के राज्य नोडल अधिकारी सौरभ स्वामी, आई.ए.एस., अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रथम) कार्तिकेय मिश्र, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) संदीप खण्डेलवाल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (एचआरडी) भोमाराम, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (आरसीडीएफ) सुरभि शर्मा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रोसेसिंग) शुद्धोधन उज्ज्वल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) ज्योति शर्मा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मार्केटिंग) केदारमल मीणा, ज्वाइंट रजिस्ट्रार (प्रशासन) अभिलाषा पारिक, ज्वाइंट रजिस्ट्रार (आयोजना) अनिलकुमार, संयुक्त मुख्य अंकेक्षक शिवदयाल मीणा आदि अधिकारी नेहरू सहकार भवन में उपस्थित थे। जिला एवं खण्ड स्तर के अधिकारी एवं कार्मिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

 

 

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