कोऑपरेटिव बैंक और सहकारी समिति व्यवस्थापकों की मिलीभगत से फसल बीमा में करोड़ों रुपये का खेल
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत श्रीकरणपुर में सहकारी बैंक की ब्रांच में जैसलमेर, बीकानेर और हनुमानगढ़ जिलों की कृषि भूमि का फसल बीमा
श्रीगंगानगर, 22 जुलाई (मुखपत्र) । श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर क्षेत्र में केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिकारियों और कुछ ग्राम सेवा सहकारी समितियां के व्यवस्थापकों की कथित मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत फर्जी फसल बीमा करने, फर्जी नाम से खाते खोलने और फर्जी ढंग से फसल खराबा दिखाकर, करोड़ों रुपये का क्लेम उठाने के मामले की जांच सहकारिता विभाग ने आरंभ कर दी है।
आरोप है कि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की श्रीकरणपुर शाखा की कुछ ग्राम सेवा सहकारी समितियों, मुख्य से नग्गी ग्राम सेवा सहकारी के व्यवस्थापक और श्रीकरणपुर शाखा के एक निवर्तमान शाखा प्रबंधक द्वारा, कुछ प्राइवेट व्यक्तियों के साथ मिलकर, बड़ी संख्या में फर्जी बटाईदार/साझेदार किसानों के नाम से ठेकानामा बनाये गये और श्रीकरणपुर के एक गांव में बैठे-बैठे बीकानेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर इत्यादि जिलों में स्थित कृषि भूमि का फसल बीमा कर दिया।
इसके उपरांत फसल बीमा एवं क्लेम की प्रक्रिया में लिप्त बैंक, सरकारी तंत्र और बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलाकर, फर्जी खराबा दिखाया और करोड़ों रुपये के क्लेम उठा लिये। क्लेम प्राप्त करने के लिए, श्रीकरणपुर में ही स्थित एक ई-मित्र संचालक और नग्गी पैक्स सहित श्रीकरणपुर क्षेत्र में कार्यरत लगभग एक दर्जन कॉमन सर्विस सेंटर (Common Service Center – CHC) की मदद से आधार कार्डों में कांटछांट की गयी, उनके नामए फोटो व एड्रेस बदल कर, गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की श्रीकरणपुर ब्रांच में तथा कुछ अन्य बैंकों में, ठेकानामा वाले संदिग्ध व्यक्तियों के नाम से खाते खुलवाये और ऐसे खातों के माध्यम से क्लेम की राशि प्राप्त कर करोड़ों रुपये का गोलमाल किया। बताते हैं कि इस पूरे खेल से, कुछ साल पहले तक, बैलगाड़ी पर सब्जी बेचने वाले नौजवानए आज कई करोड़ रुपये की नामी-बेनामी जमीन के मालिक हो गये हैं।
87 हजार से अधिक किसानों का फसल बीमा
जानकारी के अनुसार, गंगानगर जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत फसल बीमा का अधिकांश काम वाणिज्यिक बैंकों द्वारा किया जाता है, परन्तु श्रीकरणपुर क्षेत्र में यह काम पिछले कुछ साल से गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की श्रीकरणपुर शाखा के माध्यम से किया जा रहा है। पहले गड़बड़ी का दायरा सीमित था, लेकिन पकड़ में नहीं आने पर अब यह मामला वृहद स्तर पर पहुंच गया और राशि करोड़ों रुपये में पहुंच गयी है। अकेले गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की करणपुर शाखा में 2025 के दौरान लगभग 87 हजार फसल बीमा हुए।
आवेदन में भूमि का विस्तृत विवरण, तो दूसरे जिलों का फसल बीमा गंगानगर में कैसे?
किसान द्वारा फसल बीमा के लिए आवेदन करने पर व्यवस्थापक/सीएससी की आईडी से डीएमआर तैयार होता है, जिसे व्यवस्थापक/सीएससी संचालक द्वारा संबंधित शाखा प्रबंधक की आईडी पर भेजा जाता है। इसमें खाताधारक का नाम, पता, आधार कार्ड नंबर, फार्मर आईडी और कृषि भूमि का पूरा विवरण (चक/गांव, मुरब्बा नंबर, रकबा, हलका व पटवार सर्किल, जिला, राज्य) अंकित होता है। इसलिए इस गड़बड़ी में शाखा प्रबंधक की प्रत्यक्ष भागीदारी से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि जमीन के विवरण से ही यह पता चल जाता है कि जिस कृषि भूमि का फसल बीमा किया जा रहा है, वह किस जिले के किस पटवार सर्किल में स्थित है? ऐसे में सहकारी बैंक की श्रीकरणपुर ब्रांच में जैसलमेर, बीकानेर और हनुमानगढ़ में स्थित कृषि भूमि का फसल बीमा अपलोड होना, मैनेजर की मिलीभगत को प्रमाणित करता है।
सहकारी विभाग ने जांच शुरू की
अब राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग ने फसल बीमा के इस गड़बड़झाले की जांच का बीड़ा उठाया है। सहकारी बैंक के अधिकारियों और व्यवस्थापकों की मिलीभगत की आशंका को देखते हुए, सहकारिता विभाग, जयपुर के स्तर से बीकानेर खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार के माध्यम से प्राप्त निर्देश के क्रम में उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, श्रीगंगानगर द्वारा मामले की जांच आंरभ कर दी गयी है। इसके लिए सहकारी निरीक्षक (कार्यकारी) मुकेश मीणा को जांच सौंपी गयी है, जो श्रीकरणपुर के सर्किल इंस्पेक्टर भी हैं।
18 शाखाएं कर रही फसल बीमा का कार्य
सूत्रों से जानकारी मिली है कि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की कुल 22 में से 18 शाखाओं द्वारा फसल बीमा का कार्य करवाया जा रहा है। लेकिन शेष समस्त शाखाएं मिलकर जितना कार्य कर रही हैं, उससे दोगुना फसल बीमा अकेली श्रीकरणपुर शाखा ने किया है। श्रीकरणपुर के अलावा गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की कुछ अन्य शाखाओं में भी इसी पैटर्न पर फसल बीमा किये जाने की जानकारी सामने आ रही है, जो श्रीकरणपुर क्षेत्र में सक्रिय गैंग के साथ सम्पर्क में हैं। संभवत: श्रीकरणपुर में इस खेल में शामिल व्यवस्थापकों के माध्यम से इस कार्य का विस्तार दिया जा रहा है। (क्रमश:)
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