मुखपत्र

सहकारी बैंक और सहकारी समिति व्यवस्थापकों की मिलीभगत से फसल बीमा में करोड़ों रुपये का खेल

 

श्रीगंगानगर, 21 जुलाई। श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर क्षेत्र में केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिकारियों और ग्राम सेवा सहकारी समितियां के व्यवस्थापकों की कथित मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फसल बीमा करने और करोड़ों रुपये का क्लेम उठाने के मामले की जांच सहकारिता विभाग ने आरंभ कर दी है। आरोप है कि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की श्रीकरणपुर शाखा के सहकारी समिति व्यवस्थापकों द्वारा, कुछ प्राइवेट व्यक्तियों के साथ मिलकर, हजारों की संख्या में फर्जी बटाईदार/साझेदार किसानों के नाम से ठेकानामा बनाये गये और श्रीकरणपुर के एक गांव में बैठे-बैठे बीकानेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर इत्यादि जिलों में स्थित कृषि भूमि का फसल बीमा कर दिया।

इसके उपरांत फसल बीमा एवं क्लेम की प्रक्रिया में लिप्त बैंक, सरकारी तंत्र और बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलाकर, फर्जी खराबा दिखाया और करोड़ों रुपये के क्लेम उठा लिये। क्लेम प्राप्त करने के लिए, श्रीकरणपुर में ही स्थित एक ई-मित्र संचालक की मदद से आधार कार्डों में कांटछांट की, उनके नाम, फोटो व एड्रेस बदल कर, गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की श्रीकरणपुर ब्रांच में तथा कुछ अन्य बैंकों में, ठेकानामा वाले संदिग्ध व्यक्तियों के नाम से खाते खुलवाये और ऐसे खातों के माध्यम से क्लेम की राशि प्राप्त कर करोड़ों रुपये का गोलमाल किया। बताते हैं कि इस पूरे खेल से, कुछ साल पहले तक, सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले नौजवान, आज कई करोड़ रुपये की नामी-बेनामी जमीन के मालिक हो गये हैं।

87 हजार से अधिक किसानों का फसल बीमा

जानकारी के अनुसार, गंगानगर जिले में फसल बीमा का अधिकांश काम वाणिज्यिक बैंकों द्वारा किया जाता है, परन्तु श्रीकरणपुर क्षेत्र में यह काम गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की श्रीकरणपुर शाखा के माध्यम से किया गया। वैसे तो यह खेल 2018 से ही जारी है, लेकिन पहले सीमित स्तर पर था। पहले कुछ लाखों रुपये के क्लेम पारित करवाये गये, फिर कुछ करोड़ रुपये के। मामला पकड़ में नहीं आये पर हौंसले इस कदर बुलंद हो गये कि अकेले करणपुर शाखा में 2025 के दौरान लगभग 87 हजार फसल बीमा हुए। इस ब्रांच में शाखा प्रबंधक की आईडी से कुल आवेदन 1 लाख 15 हजार आवेदन अपलोड किये गये, जिसमें से 87 हजार से अधिक आवेदन स्वीकृत हुए।

सहकारी विभाग ने जांच शुरू की

अब राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग ने फसल बीमा के इस गड़बड़झाले की जांच का बीड़ा उठाया है। सहकारी बैंक के अधिकारियों और व्यवस्थापकों की मिलीभगत की आशंका को देखते हुए, सहकारिता विभाग, जयपुर के स्तर से, बीकानेर खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार के माध्यम से प्राप्त निर्देश के क्रम में उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, श्रीगंगानगर द्वारा मामले की जांच आंरभ कर दी गयी है।

18 शाखाएं कर रही फसल बीमा का कार्य

सूत्रों से जानकारी मिली है कि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की कुल 22 में से 18 शाखाओं द्वारा फसल बीमा का कार्य करवाया जा रहा है। लेकिन शेष समस्त शाखाएं मिलकर, जितना कार्य कर रही हैं, उससे दोगुना फसल बीमा अकेली श्रीकरणपुर ने किया है। श्रीकरणपुर के अलावा गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की कुछ अन्य शाखाओं में भी इसी पैटर्न पर फसल बीमा किये जाने की जानकारी सामने आ रही है, जो श्रीकरणपुर क्षेत्र में सक्रिय गैंग के साथ सम्पर्क में हैं। संभवत: श्रीकरणपुर में इस खेल में शामिल व्यवस्थापकों के माध्यम से इस कार्य का विस्तार दिया जा रहा है। (अगली कड़ी में पढिये कैसे शुरू हुआ इस मामले की जांच का सिलसिला और कौन लोग हैं संदेह के घेरे में)

 

 

error: Content is protected !!