अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना में गड़बड़ी : तत्कालिन स्टेट नोडल ऑफिसर राजीव लोचन शर्मा को नोटिस थमाया
– अनुशासनात्मक एवं वसूली योग्य राशि की वसूली के लिए कार्यवाही आरंभ
– 7 दिन में बिन्दूवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश
जयपुर, 3 सितम्बर (मुखपत्र)। प्रदेश की पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना की विभिन्न विकृतियों के लिए उत्तरदायी ठहराए गए, सेवानिवृत्त सहकारी अधिकारी राजीव लोचन शर्मा के विरुद्ध सहकारिता विभाग ने कार्यवाही आरंभ कर दी है। रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से राजीव लोचन शर्मा को नोटिस जारी कर, सात दिन में बिन्दूवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
सहकारिता रजिस्ट्रार कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार, अन्नपूर्णा फूड पैकेट के उपानन, वितरण और भुगतान में हुई अनियमितताओं के संबंध में निरीक्षण विभाग के विशेष जांच प्रतिवेदन में अनियमितताओं के लिए दोषी पाए गए अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही और वसूली योग्य राशि की वसूली की जानी है।
राजीव लोचन शर्मा, तत्समय प्रधान कार्यालय, जयपुर में अतिरिक्त रजिस्ट्रार-प्रथम के पद पर कार्यरत थे और फूड पैकेट योजना के राज्य नोडल अधिकारी थे। योजना को मूर्तरूप देने से लेकर टैंडर के लिए मॉडल बिड डॉक्यूमेंट्स तैयार करने, योजना की मोनेटरिंग करने, टेंडर की दरों में एकरूपता रखने, तैयार फूड पैकेट में शामिल खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को मेंटेंन रखने आदि की जिम्मेदारी राजीव लोचन शर्मा और सहकारिता विभाग को सौंपी गई थी, लेकिन वे इसमें बुरी तरह से फेल सिद्ध हुए और योजना में 74 दिन की अनावश्यक देरी हुई।
सरकार ने अंतत: योजना के टेंडरं की जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों को दी, जो खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को परखने, बरकरार रखने और एक समान दरों पर टेंडर सम्पादित करने में विफल रहे। विशेष जांच दल के प्रतिवेदन में तत्कालिन सहकारिता रजिस्ट्रार मेघराज सिंह रतनू, सहकारिता विभाग में उस दौरान पदस्थापित रहे संयुक्त शासन सचिव और राज्य नोडल अधिकारी राजीव लोचन शर्मा सहित 14 जिलों के कलेक्टर और इतने ही जिलों के जिला रसद अधिकारियों को भिन्न-भिन्न फेलियॉर के लिए उत्तरादायी ठहराया गया है।
“सहकार गौरव” ने पहले ही कर दिया था खुलासा
उल्लेखनीय है कि ‘सहकार गौरव’ द्वारा योजना की अवधि के दौरान ही इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित कर, इस योजना के संदर्भ में राज्य नोडल अधिकारी राजीव लोचन शर्मा की कार्यशैली को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया था। इस खुलासे के कुछ समय पश्चात ही राजीव लोचन शर्मा ने वीआरएस के लिए आवेदन किया और नवम्बर, 2024 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजकीय सेवा से मुंह मोड़ गए।
साल 2023 में 10 फरवरी को बजट घोषणा, 25 मई से योजना को लागू करना था, सहकारी विभाग ने 26 जून तक पत्रावली ही रोके रखी
तत्कालिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 10 फरवरी 2023 को बजट घोषणा 2023-24 के बिन्दु संख्या 5.01.0 के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे में आने वाले परिवारों को मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट उपलब्ध करवाने की शोषणा की गई। इसके तहत वित्त विभाग द्वारा 13 अप्रेल 2023 को मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा फूड योजना की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। महंगाई राहत कैम्प के दिशा-निर्देशानुसार यह योजना 25 मई 2023 से लागू हो जानी चाहिए थी।
इसकी जिम्मेदारी कॉनफैड को दी गई और सहकारिता विभाग के तत्कालिन अतिरिक्त रजिस्ट्रार-प्रथम राजीव लोचन शर्मा को योजना का राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया। लेकिन फूड पैकेट की पत्रावली को 13 अप्रेल 2023 से 26 जून 2023 तक, कुल 74 दिन (अढ़ाई महीने) तक सहकारी विभाग में ही रोके रखी गई। इसके लिए जांच रिपोर्ट में तत्कालिन रजिस्ट्रार मेघराजसिंह रतनू, राज्य नोडल अधिकारी राजीव लोचन शर्मा और तत्कालिन संयुक्त शासन सचिव को जिम्मेदार माना गया है।
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