पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू, मौसम की मार से फसलों को मिलेगा सुरक्षा कवच
– 41 जिलों में अधिसूचित फसलों का होगा बीमा
– किसान को अधिकतम 5 प्रतिशत तक प्रीमियम चुकाना होगा
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जयपुर, 21 अगस्त (मुखपत्र/सहकार गौरव)। किसानों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार ने पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) को खरीफ 2026 से रबी 2026-27 तक दो फसल मौसमों के लिए प्रदेश में लागू किया है।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि योजना के तहत प्रतिकूल मौसम एवं अवांछित मौसमी घटनाओं से फसल को होने वाले नुकसान के विरुद्ध किसानों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार द्वारा खरीफ 2026 की वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के बीमा के लिए 11 अगस्त 2026 को योजना की अधिसूचना जारी की गई है। योजना के क्रियान्वयन के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) को अधिसूचित किया गया है। किसान योजना का लाभ लेने के लिए अपने निकटतम बैंक शाखा, सहकारी संस्था, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सीएससी, डाकघर अथवा अधिकृत बीमा माध्यम से फसल बीमा करवा सकते हैं।
41 जिलों में अधिसूचित होंगी फसलें
श्री गोयल ने बताया योजना के तहत प्रदेश के सभी 41 जिलों में खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27 के लिए विभिन्न वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों को अधिसूचित किया गया है।
खरीफ : खरीफ 2026 में हरी मिर्च, भिंडी, प्याज, टमाटर, अरंडी, अनार, टिण्डा, मेहंदी, संतरा एवं किन्नू को शामिल किया गया है।
रबी : रबी 2026-27 में आंवला, बैंगन, सौंफ, फूलगोभी, लहसुन, प्याज, मटर, टमाटर, आलू, अमरूद, नींबू, आम, खरबूजा, तरबूज, बेर, पत्तागोभी, मौसंबी एवं पपीता जैसी फसलों को योजना में शामिल किया गया है।
ऋणी, गैर-ऋणी एवं पात्र बंटाईदार किसान उठा सकेंगे लाभ
योजना के तहत ऋणी, गैर-ऋणी एवं पात्र बंटाईदार किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करवा सकेंगे। फसल बीमा करवाना पूर्णत: स्वैच्छिक है। ऋणी एवं गैर-ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा करवाने हेतु एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य होगी। ऋणी किसान यदि योजना से बाहर रहना चाहते हैं तो निर्धारित समय सीमा में संबंधित वित्तीय संस्था को ह्रक्कञ्ज-ह्रञ्ज घोषणा-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
29 अगस्त तक फसल का नाम परिवर्तन करा सकेंगे
योजना के प्रावधानों के अनुसार किसान 29 अगस्त 2026 तक अपनी फसल के नाम में परिवर्तन करवा सकते हैं। योजना से बाहर रहने के इच्छुक ऋणी किसानों को 24 अगस्त 2026 तक संबंधित वित्तीय संस्था में घोषणा-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
किसान को अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा
पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए किसान द्वारा बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम वहन किया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक प्रीमियम राशि का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार किया जाएगा।
कृषि आयुक्त की किसानों से अपील

कृषि आयुक्त
कृषि आयुक्त नरेशकुमार गोयल ने समस्त किसानों से अपील की कि वे अपने जिले में अधिसूचित फसल, बीमित राशि, प्रीमियम दर एवं बीमा कराने की अंतिम तिथि की जानकारी प्राप्त कर निर्धारित समय में अपनी फसल का बीमा करवाएं। मौसम आधारित फसल बीमा योजना किसानों की आय को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें आधुनिक एवं उन्नत कृषि गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करती है। फसल जोखिम के विरुद्ध बीमा सुरक्षा मिलने से कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह को भी मजबूती मिलती है। श्री गोयल ने कहा कि किसान अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी अधिसूचित वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों का बीमा करवाएं, ताकि प्रतिकूल मौसम से होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान के विरुद्ध सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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