सहकारिता

भूमि विकास बैंकों की सेहत के आधार पर बनेगी सहकारी अधिकारियों की “कर्मकुंडली”

– बैंक सचिव के साथ-साथ यूनिट ऑफिसर और जोनल एडिशनल रजिस्ट्रार पर गिरेगी पीएलडीबी के खराब प्रदर्शन की गाज

जयपुर, 16 जून (मुखपत्र)। सहकारिता विभाग ने प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों (PLDB) के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके मायने ये हैं कि इस वित्तीय संस्था में अब प्रदर्शन के आधार पर सहकारी अधिकारी के कार्यों का मूल्यांकन किया जायेगा। कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान डॉ. समित शर्मा द्वारा जारी इस आदेश के तहत, पीएलडीबी द्वारा संचालित की जा रही गतिविधियों और योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के लिए 21 मुख्य निष्पादन संकेतक (Key Performance Indicators: KPIs) निर्धारित किए गए हैं।

इन संकेतकों के आधार पर अब बैंकों की ग्रेडिंग एवं रैंकिंग की जाएगी और बैंकों की सेहत देखकर ही अफसरों के वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) में एंट्री दर्ज होगी। यह पहल राज्य में कृषि विकास और गैर-कृषि क्षेत्रों में प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए की गई है। विगत कुछ वर्षों में विभिन्न कारणों से इन बैंकों के कार्य परिणामों में आई गिरावट को सुधारने और मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 (CM-OTS) के सफल क्रियान्वयन के बाद पीएलडीबी की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के प्रयासों के तहत यह निर्णय लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिकतम किसानों और उद्यमियों को लाभान्वित करना और इन संस्थाओं को सशक्त बनाना है।

डॉ. समित शर्मा, IAS शासन सचिव (सहकारिता) एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान।

योजनाओं/कार्यक्रमों में अर्जित की गयी प्रगति का मुख्य निष्पादन संकेतकों के आधार पर परिणात्मक परिकलन (Quantifiable measurements)  करना संभव हो सकेगा, जो कि योजनाओं के दूरगामी परिणाम तथा पीएलडीबी द्वारा अपनायी गयी कार्यविधि के आंकलन में सहायक सिद्ध होगा।

केपीआई गणना कार्यप्रणाली

– केपीआई के लिये उनकी महत्ता के आधार पर भारांक निर्धारित किये गये है। गतिविधियों/कार्यों में निर्धारित भारांक अनुत्तार समबन्धित केपीआई के लिए प्राप्तांक की गणना की जावेगी।

– समस्त मुख्य निष्पादन संकेतकों में प्रदर्शन/प्राप्तांकों के आधार पर कुल प्राप्तांकों की गणना की जावेगी, जिसके आधार पर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकवार क्रमस्थापन जारी किया जावेगा।

– विगत माह में/माह तक निष्पादित कार्यों के आधार पर ग्रेडिंग रैंकिंग की जावेगी।

मासिक प्रगति रिपोर्ट कार्ड

मुख्य निष्पादन संकेतकों के लिये प्राप्तांकों के आधार पर मासिक प्रगति रिपोर्ट कार्ड तैयार कर जारी किये जायेंगे। इस प्रकार 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के लिये पृथक-पृथक रिपोर्ट कार्ड जारी किये जायेंगे।

सूचना स्त्रोत

केपीआई की प्रगति मासिक प्रगति प्रतिवेदन, गूगल शीट तथा विभिन्न पोर्टल (एनडीएलएम एवं आईओएमएमएस) से प्राप्त की जायेगी।

कार्य/प्रदर्शन मूल्यांकन

केपीआई के आधार पर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों द्वारा सम्पादित कार्यों का मूल्यांकन किया जायेगा। इसका उपयोग मासिक रिव्यू मिटिंग आदि में जिला एवं संभाग स्तरीय अधिकारियों के कार्यों के आंकलन में सहायक रहेगा। विभाग इनके आधार पर ग्रे एरिया/बोटल नेक/कार्य किये जाने हेतु चिन्हित क्षेत्र/गातिविधि चिन्हित किये जाने में सक्षम हो सकेगा।

इसके आधार पर प्रत्येक माह में बेस्ट परफोर्मर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को चिन्हित कर प्रत्येक प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक हेतु माहवार ग्रेडिग चार्ट तैयार किया जायेगा, जिसके आधार पर प्रत्येक वर्ष (सहकार सप्ताह के दौरान) सम्बन्धित पीएलडीबी सचिव को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा।

वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट

पीएलडीबी सचिव के एपीएआर (वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट) में इस कार्य मूल्यांकन के आधार पर प्रविष्टियां अंकित की जायेंगी। निरन्तर असंतोषजनक प्रगति प्रदर्शित करने वाले पीएलडीबी सचिवों एवं नियंत्रण अधिकारियों (जिला उपरजिस्ट्रार, खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार) के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की जायेगी।

पीएलडीबी सचिव की ग्रेडिंग/कार्यमूल्यांकन कार्य के लिए राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रबंध निदेशक जितेन्द्र प्रसाद नोडल अधिकारी के रूप में कार्य सम्पादित करेंगे तथा मासिक रिपोर्ट रजिस्ट्रार को उपलब्ध करायेंगे।

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