खास खबरसहकारिता

आजादी के 75 वर्ष बाद देश को मिल रही पहली कोऑपरेटिव यूनिवर्सिटी

– त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी विधेयक लोकसभा में पारित

– सहकारी क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा

नई दिल्ली, 27 मार्च। लोकसभा में बुधवार को त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी विधेयक, 2025 पारित कर दिया गया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देने के उपरांत सदन ने विधेयक पारित कर दिया।

चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष उपरांत आज देश को पहला सहकारिता विश्वविद्यालय मिल रहा है। इस विधेयक के पारित होने के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, स्वरोजगार और छोटी उद्यमिता का विकास होगा, सामाजिक समावेशिता बढ़ेगी और नवाचार तथा अनुसंधान में कई नए मानांक स्थापित करने के अवसर भी मिलेंगे। इस प्रकार पूरे देश को सहकारिता की भावना से युक्त और आधुनिक शिक्षा से लैस एक नया सहकारिता नेतृत्व मिलेगा।

शाह ने कहा कि इस सहकारी विश्यविद्यालय का नाम त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय रखने का निर्णय लिया गया। त्रिभुवन दास पटेल, सरदार पटेल जैसे महान नेता के सानिध्य में रहकर भारत में सहकारिता की नींव डालने वाले व्यक्तियों में से एक थे। उन्होंने कहा कि आज जिस गुजरात राज्य सहकारी दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) को हम सब अमूल के नाम से जानते हैं, वह त्रिभुवन दास के विचार की ही देन है। उन्होंने कहा कि 1946 में गुजरात के एक कस्बे में 250 लीटर दूध से शुरू हुई अमूल की यात्रा आज भारत का सबसे बड़ा डेयरी ब्रांड बनकर विश्व के सामने खड़ी है। वर्ष2003 में अमूल का टर्नओवर 2882 करोड़ रुपये, था, जो आज 60 हज़ार करोड़ रुपये को पार कर गया है।

प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा

सहकारिता मंत्री ने कहा कि कोऑपरेटिव क्षेत्र के विकास और विस्तार को देखते हुए प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरूरत है और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी इस जरूरत को पूरा करने का काम करेगी। सहकारी यूनिवर्सिटी बनने के बाद इसके डिप्लोमा और डिग्री धारकों को नौकरी मिलेगी। इस यूनिवर्सिटी से हम डोमेस्टिक के साथ ग्लोबल वैल्यू चैन में भी बड़ा योगदान करेंगे। न्यू एज कोऑपरेटिव कल्चर भी इस यूनिवर्सिटी से शुरु होगा।

उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों की संख्या में सहकारी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान फैले हुए हैं, मगर इनके कोर्स में कोई मानकीकरण नहीं है। हमने यूनिवर्सिटी बनने से पहले ही कोऑपरेटिव क्षेत्र की जरूरत को ध्यान में रख कर कोर्स डिजाइन का काम शुरू कर दिया है। इस यूनिवर्सिटी में डिग्री, डिप्लोमा कोर्स भी होंगे और पीएचडी की डिग्री भी दी जाएगी। साथ ही सहकारिता के क्षेत्र में काम कर सभी मौजूदा कर्मचारियों के लिए अल्पावधि का सर्टिफिक़ेट कोर्स भी होगा।

कोऑपरेटिव क्षेत्र को नई प्रोद्योगिकी का लाभ मिलेगा

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से सहकारी सिंद्धांतों और सहकारी गतिविधियों का विस्तार होगा, कोऑपरेटिव क्षेत्र को नई प्रोद्योगिकी का लाभ होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। अनुसंधान और नवाचार भी बढ़ेंगे और जमीनी स्तर पर कोऑपरेटिव क्षेत्र मजबूत भी होगा। शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि त्रिभुवन दास जैसे महान व्यक्ति के नाम से जुड़े होने के कारण यह सहकारी यूनिवर्सिटी उच्च कोटि की यूनिवर्सिटी सिद्ध होगी। यह देश में बहुत अच्छे सहकारिता कर्मी देने का काम करेगी।

हर साल 8 लाख लोगों सहकारी शिक्षित होंगे

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को समर्पित देश का पहला विश्वविद्यालय आजादी के 75 साल बाद बनेगा और पूर्ण रूप से क्रियाशील होने के बाद जब प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख लोग डिप्लोमा, डिग्री या सर्टिफिकेट लेकर निकलेंगे तो सहकारी आंदोलन में एक नए रक्त का संचार होगा।

Top Trending News

सहकारिता विभाग में नयी नियुक्तियों में ‘मुन्नाभाईयों’ की आशंका

सहकारिता मंत्री और प्रमुख शासन सचिव स्तर से समर्थन मूल्य पर खरीद में सुधार की ठोस शुरूआत

आदिवासी क्षेत्र के सहकारी बैंक ने 2 करोड़ 29 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाया

केंद्रीय सहकारी बैंक की वार्षिक आमसभा में बैंक के प्रथम संचालक मंडल के सदस्यों का सम्मान

अपेक्स बैंक के आई.टी. अधिकारी विनोद मिश्रा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र के लिए सम्मानित

सरकार की योजनाओं से हो रहा महिलाओं का सशक्तीकरण : गौतम दक

सहकारी बैंक एवं पैक्स के माध्यम से प्रत्येक गांव में वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें – गावंडे

केंद्रीय सहकारी बैंकों से किकआउट किये जायेंगे सहकारिता सेवा के अनप्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर?

सहकारी समिति पात्रता के बावजूद किसी व्यक्ति को सदस्य नहीं बनाती है तो रजिस्ट्रार के समक्ष अपील का प्रावधान

सहकारी समितियों से अभ्यर्थना मिलने पर सहकारी भर्ती बोर्ड व्यवस्थापकों की भर्ती करेगा : दक

प्रशासनिक अधिकारियों से सहकारी चुनाव सम्पन्न करवाने की संभावना से मंत्री का इंकार

भारत सरकार ने केंद्रीय सहकारी बैंकों को ब्याज अनुदान के 356 करोड़ रुपये का किया भुगतान

एमएसपी पर सरसों-चना की खरीद की तैयारी, पंजीकरण की संख्या के अनुरूप अतिरिक्त खरीद केंद्र खोले जायें – दक

सहकारी बैंकों में शत-प्रतिशत अवधिपार ब्याज माफी की योजना लागू, सरकार देगी 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता

हर जिले में होगा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, अपैक्स बैंक को मिली सर्वेक्षण की जिम्मेदारी

सीएम भजनलाल ने सहकारी बैंकों में ऋण एकमुश्त समझौता योजना लागू करने की घोषणा की

किसान सम्मान निधि में गड़बड़ी की जांच जारी, दोषियों पर कठोर कार्यवाही करेंगे – गौतम दक

आईएएस मंजू राजपाल का केंद्र सरकार में एडिशनल सैक्रेट्री के लिए एम्पैनलमेंट, दूसरी बार भारत सरकार में सेवाएं देंगी

नई पैक्स के गठन के लिए सदस्य संख्या और हिस्सा राशि में की गयी कटौती

अपेक्स बैंक स्तर से सहकारी मिनी बैंकों की निगरानी, पूरे राज्य में औचक निरीक्षण आरंभ

अपेक्स बैंक का अमानत संग्रहण अभियान, अतिरिक्त ब्याज दर के साथ सुरक्षा बीमा योजना का लाभ नि:शुल्क मिल रहा

जाम्बिया के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक का विजिट कर बैंकिंग सहकारिता की कार्यप्रणाली को जाना

लोन की रिकवरी के लिए सहकारिता विभाग हुआ सख्त, गारंटरों और बकायादारों से अब ऐसे होगी ऋणों की वसूली

कॉनफैड ने राज्य सरकार को दिया 21.73 लाख रुपये का लाभांश, सहकारिता मंत्री को सौंपा चेक

सहकारी बैंक का कर्ज चुकाए बिना बेच दी बंधक जमीन, सहकारिता विभाग ने शुरू की रजिस्ट्री शून्य घोषित करने की प्रक्रिया

सहकारिता विभाग ने 6 चार्टर्ड एकाउंटेंट्स फर्मों को किया ब्लेक लिस्टेड

सहकारी समितियों को डिपोजिटर्स एवं कर्जदारों की सूचियां सार्वजनिक करने का निर्देश

25 हजार करोड़ रुपये के रिकार्ड सहकारी फसली ऋण वितरण की घोषणा, 35 लाख किसान लाभान्वित होंगे

सहकारी सोसाइटी के नो-ड्यूज प्रमाण पत्र के बाद ही कृषि भूमि की रजिस्ट्री और इंतकाल दर्ज हो – राजपाल

 

 

error: Content is protected !!