एक्शन में एसीबी : राज्य बीज निगम के निदेशक और रिश्तेदार से 2 करोड़ 44 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद
कृषि मंत्री की छापेमारी में साथ होता है जुगलकिशोर बिश्नोई
श्रीगंगानगर, 7 जून। राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की छापेमारी में अक्सर उनके साथ देखे जाने वाले जुगलकिशोर बिश्नोई (निदेशक, राज्य बीज निगम) और उसके एक रिश्तेदार स्वतंत्र कुमार ज्याणी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आज काबू कर लिया। बिश्नोई से 1 करोड़ 59 लाख रुपये और स्वतंत्र से 85 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद की गयी है। एक दिन पहले, सीकर में कृषि विभाग के दो कर्मचारी थप्पडक़ांड को भी इस घटना के साथ जोडक़र देखा जा रहा है। वहां के बीज व्यापारियों का आरोप है कि इनमें से एक कर्मचारी ने स्वयं को कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का ओएसडी बताते हुए व्यापारियों से बीस लाख रुपये रिश्वत मांगी थी, हालांकि इस मामले में दोनों कर्मचारियों की ओर से सीकर पुलिस थाना में केस दर्ज कराया गया है। ये दोनों कर्मचारी – संदीप कुमार और रजनीश कुमार, कृषि विभाग श्रीगंंगानगर में कार्यरत हैं। गुजरात की एक बीज कम्पनी का बीज गंगानगर से ही सीकर भेजा गया था। बरामद की गयी संदिग्ध राशि के तार भी गुजरात की इसी बीज कंपनी से जुड़े हुए बताये गये हैं।
आज रविवार को एसीबी से पुख्ता सूचना के आधार पर बीकानेर से श्रीगंगानगर आ रही लोक परिवहन की एक बस से स्वतंत्र कुमार ज्याणी नामक व्यक्ति को नोटों से भरे बैग सहित बस से उतारा। तशाली लेने पर बैग से 85 लाख रुपये बरामद हुए। वह जुगल का रिश्तेदार है। एसीबी उसे लूणकरणसर थाना में ले गयी। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि स्वतंत्र कुमार, राज्य बीज निगम के निदेशक जुगलकिशोर बिश्नोई के लिए यह राशि बीकानेर से श्रीगंगानगर ले जा रहा था। स्वतंत्र से से पूछताछ के बाद, एसीबी की एक अन्य टीम ने बीकानेर में जुगलकिशोर बिश्नोई को डिटेन कर, उसके घर से 1 करोड़ 59 लाख रुपये बरामद किये। इधर, गंगानगर में भी एसीबी द्वारा ऐसी ही एक कार्यवाही में लाखोंं रुपये बरामद किये जाने की सूचना है, हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है।
सूत्र बताते हैं कि गुजरात बेस्ड एक कंपनी से जुड़े रिश्वतखोरी मामले की जांच में एसीबी ने यह एक्शन लिया है। राजस्थान में लगे प्रतिबंधों में ढील दिलाने की एवज में बड़ी राशि बतौर रुपये रिश्वत देने की बात सामने आई है। गुजरात की इस बीज कंपनी का बीज, गंगानगर से ही सीकर भेजा गया था। एसीबी एडिशनल एसपी आशीषकुमार के अनुसार, आज 90 लाख रुपये गंगानगर शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही थी। लूणकरणसर में बस से उतारे गए स्वतंत्र ज्यानी को 85 लाख रुपये नकद के साथ डिटेन किया गया। महानिदेशक (एसीबी) गोविंद गुप्ता के निर्देशन में आज इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया।

जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की बीज व्यापारियों पर छापेमारी की प्रत्येक कार्यवाही में जुगलकिशोर बिश्नोई को साथ देखा गया।
बीज निगम का मनोनीत निदेशक है जुगलकिशोर
राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड की अध्यक्ष, कृषि विभाग की शासन सचिव मंजू राजपाल और प्रबंध निदेशक विनीता सिंह हैं। सरकारी निदेशकों में राज्य के कृषि आयुक्त नरेशकुमार गोयल, डॉ. भारती दीक्षित, श्वेता चौहान, कैलाशचन्द्र मीणा, पी.के. पटनायक और नानूराम यादव शामिल हैं जबकि कृषि मंत्री द्वारा नामित निदेशकों में डॉ. अरविन्द वर्मा, डॉ. नन्दकिशोर शर्मा, जगदीश यादव, बृजमोहन सैनी, जुगल किशोर बिश्नोई और तुल्छाराम हैं।
कौन है जुगलकिशोर बिश्नोई
जुगलकिशोर बिश्नोई, कुछ वर्ष पहले तक एक पेस्टीसाइड कंपनी (संभवत: इंडोफिल इंडस्ट्रीज लि.) में सेल्स अधिकारी था। चर्चा है कि जुगलकिशोर सहित पांच-छह लोगों ने कंपनी में कई करोड़ रुपये का गोलमाल किया, जिसके बाद उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया, हालांकि फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। उसके बाद, जुगलकिशोर और उसके साथी कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के संपर्क में आये। मंत्री के आशीर्वाद से ही जुगलकिशोर को राज्य बीज निगम में नामित किया गया। मंत्री की बीज व्यापारियों अथवा फसली बीमा क्लेम से संबंधित छापेमारी में जुगलकिशोर को साथ देखा जाता था। इंडोफिल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, केके मोदी समूह का एक प्रमुख हिस्सा है। यह मुंबई में स्थित एक बहु-उत्पाद रसायन निर्माण कंपनी है, जो मुख्य रूप से कृषि रसायन (एग्रोकेमिकल्स) और विशेष रसायनों (स्पेशलिटी केमिकल्स) का निर्माण, विपणन और वितरण करती है।
सीकर में 4 जून को हुई थी मारपीट
सीकर के बीज व्यापारियों से कथित रूप से कृषि मंत्री के नाम पर 20 लाख रुपये की घूस मांगने के मामले में सदर थाना इलाके में कृषि विभाग के दो कर्मचारियों के साथ मारपीट, सरकारी काम में रुकावट डालने और अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया है। श्रीगंगानगर कृषि विभाग के दो कर्मचारियों – संदीप कुमार और रजनीश कुमार ने सीकर की एक बीज कंपनी, बीज व्यापारी व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया है. दूसरी ओर, बीज व्यापारी ने भी कृषि कर्मचारी पर खुद को कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का ओएसडी बताकर 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
बीज को लेकर मिली थी शिकायत
कर्मचारी संदीप कुमार और रजनीश कुमार की ओर से दर्ज रिपोर्ट में गया बताया कि बसंत सीड्स कंपनी की तरफ से पॉलीहाउस में तैयार खीरे की फसल के घटिया और नकली बीज सीकर जिले में पैक करके किसानों को ऊंचे दामों पर बेचे जाने की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर 4 जून को वे दोनों ग्राहक बनकर सीकर में खीरे के बीजों की जांच और जानकारी इक_ा कर रहे थे। इस दौरान बीज स्टोर के संचालक विकास ने उन्हें अपने पिता रामलाल ने मिलने के लिए सांवली चौराहे पर झंकार होटल में बुलाया, जहां दोनों ने उनसे मारपीट की और 20-25 अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया। इन सब ने संदीप कुमार को जबरन गाड़ी में डालने का प्रयास किया। पुलिस ने बीज कंपनी के मालिकों सहित अन्य के खिलाफ राजकार्य में बाधा, मारपीट और अपहरण के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया।
20 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
दूसरी ओर, गोकुलपुरा तिराहे पर बीज व्यापारी (विकास सीड्स) विकास के पिता रामलाल ने सदर थाने में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का ओएसडी बताकर 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। रामलाल ने रिपोर्ट में बताया कि कुछ दिन पूर्व, विकास के पास सुमितकुमार नाम के व्यक्ति ने फोन कर, खुद को कृषि मंत्री का ओएसडी बताते हुए, छापा न मारने के बदले 20 लाख रुपये मांगे। 4 जून को जब उन्हें दोबारा कॉल आया तो उन्हें सांवली सर्किल स्थित झंकार होटल में बुलाया गया. वहां बातचीत के दौरान उन्हें युवक पर शक हुआ और उन्होंने उससे अपना आईडी कार्ड दिखाने को कहा, लेकिन युवक ऐसा कार्ड नहीं दिखा पाया और भागने लगा। उन्होंने युवक को पकडऩे की कोशिश की तो वहां दो की जगह तीन लोग मौजूद मिले, जिनमें से एक मौके से भाग गया जबकि दो पकड़े गए।
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