आदिवासी क्षेत्र के सहकारी बैंक ने 2 करोड़ 29 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाया
डूंगरपुर, 26 मार्च (मुखपत्र)। राज्य के आदिवासी क्षेत्र के प्रमुख सहकारी बैंक – दी डूंगरपुर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की 50वीं वार्षिक साधारण सभा 22 मार्च को बैंक के प्रधान कार्यालय स्थित सहकार कृषक सभा भवन में बैंक के उपाध्यक्ष गोवर्धनलाल पाटीदार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री पाटीदार ने बताया कि वर्ष 2023-24 में सभी क्षेत्रों में बैंक द्वारा निरन्तर प्रगति अर्जित की गयी। बैंक की हिस्सा पूंजी तथा रक्षित कोष में बढोतरी हुई है।
बैंक की सभी शाखाओं द्वारा सीबीएस प्लेटफार्म पर कार्य करते हुए डीबीटी, सामाजिक पेंशन, नरेगा, भामाशाह योजना आदि के लाभार्थियों के खातों में ऑनलाइन राशि हस्तान्तरित की जा रही है। ऑनलाईन फसली ऋण पोर्टल पर अल्पकालीन फसली ऋण सीधे कृषकों के खातों में दिया जा रहा है। पाटीदार ने बताया कि बैंक ने वर्ष 2022-23 में 102.28 लाख रुपये तथा वर्ष 2023-24 में 126.52 लाख का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
बैंक की प्रगति के आंकड़े
उन्होंने वर्षवार बैंक की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2021-22 में बैंक की हिस्सा पूंजी 1470.46 लाख रुपये थी जो कि वर्ष 2022 23 में 1508.20. लाख एवं 2023-24 में 1766.15 लाख रुपये हो गयी है। वर्ष 2021-22 में रक्षित कोष 2870.27 लाख रुपये थे जो वर्ष 2022-23 में 3007.49 लाख एवं 2023-24 में 3021.01 लाख रुपये हो गये। बैंक की अमानतें 31 मार्च 2022 को 27685.34 रुपये लाख थी जो कि 31 मार्च 2023 को 29073.44 लाख एवं 31 मार्च 2024 को 28961.71 लाख रुपये रही। इसी प्रकार, बैंक का वर्ष 2021-22 में शीर्ष बैंक के प्रति 7065.55 लाख का उधार ऋण बकाया था जो कि वर्ष 2022-23 में 3358.35 लाख, एवं 2023-24 में 6029.25 लाख रुपये रहा।
ऋण वितरण
पाटीदार ने बताया कि वर्ष 2022-23 में बैंक ने कृषि एवं अकृषि क्षेत्र में 20650.00 लाख रुपये के लक्ष्य के विरूद्ध 17509.12 लाख, वर्ष 2023-24 में 27200.00 लाख रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 30418.58 लाख रुपये का ऋण वितरण किया। वर्ष 2023-24 में ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण योजनान्तर्गत 53412 कृषकों को 28550.84 लाख रुपये का फसली ऋण उपलब्ध कराया गया है।
मांग एवं वसूली
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में कृषि एवं अकृषि ऋण की कुल मांग 19970.95 लाख रुपये के विरूद्ध 15933.48 लाख (79.78 प्रतिशत) एवं वर्ष 2023-24 में कुल मांग 18433.49 लाख के विरूद्ध 15746.02 लाख रुपये (85.41 प्रतिशत) की वसूली की गयी। बैंक की कार्यशील पूंजी 31 मार्च, 2022 को 41693.79 लाख रुपये थी जो 31 मार्च 2024 को बढक़र 42659.97 लाख रुपये हो गयी है। 31 मार्च 2022 से 31 मार्च 2024 तक 966.18 लाख रुपये की वृद्धि हुई है।
सीबीएस सुविधा
अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया गया कि बैंक द्वारा सीबीएस प्लेटफार्म पर कार्य करते हुए नवीनतम तकनीक के जरिये एनपीसीआई के मार्फत डीबीटी को सफलतापूर्वक लागू कर दैनिक आधार पर सामाजिक पेंशन, नरेगा. भामाशाह योजना आदि के लाभार्थियों के खातों में सीधे ही राशि हस्तान्तरित की जा रही है। अल्पकालीन फसली ऋण ऑनलाईन पोर्टल पर ऋण वितरण तथा बीसी के माध्यम से पंचायत स्तर पर जन कल्याणकारी योजनाओं व फसली ऋण का भुगतान किया जा रहा है।
लेखों का अनुमोदन
बैंक के प्रबन्ध निदेशक राजकुमार खाण्डिया ने वर्ष 2022-23 से वर्ष 2023-24 के ऑडिटेड अंतिम लेखे, ऑडिट रिपोर्ट एवं अनुपालना रिपोर्ट, वास्तविक आय-व्यय तथा स्वीकृत बजट से अधिक व्यय, विकास कार्य योजना व उपलब्धि, अधिकतम साख सीमा, पूंजीगत व्यय आदि विचारणीय विषयों व क्रियाकलापों बाबत बैठक में विस्तृत जानकारी दी। सदस्यों द्वारा लेखों का अनुमोदन किया गया।
बैठक में डूंगरपुर उप रजिस्ट्रार मदनलाल, बैंक के पूर्व अध्यक्ष बद्रीनारायण शर्मा एवं वल्लभराम पाटीदार के साथ-साथ कमलेन्द्र सिंह, देवीलाल कटारा, धर्मेन्द्र भगोरा, रमेश मोदर, नरेन्द्र पण्डया, मोहनलाल पाटीदार, हितेश रावल, प्रकाश पाटीदार, राजसिंह डामोर, नागेन्द्र सिंह, कान्तिलाल पाटीदार, करण सिंह, गुमान सिंह, वालजी पाटीदार, मनसुख पाटीदार आदि लेम्पस एवं सहकारी समितियों के अध्यक्ष उपस्थित थे। कई अध्यक्षों ने अपने सुझाव रखे। एडिशनल ईओ श्रीमती हर्षवती अहारी ने आभार व्यक्त किया।
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