Monday, July 22, 2024
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राज्यसहकारिता

अजमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की वार्षिक एजीएम में झारोटिया के कारनामों की गूंज सुनाई दी

अजमेर, 11 सितम्बर (मुखपत्र)। अजमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की 113वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक में, बैंक के चार बार प्रबंध निदेशक/अधिशासी अधिकारी रहे, राजस्थान सहकारिता सेवा के अधिकारी बजरंग लाल झारोटिया के प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं की गूंज सुनायी दी।

लोहगढ़ रोड स्थित श्रीराम धर्मशाला में, बैंक अध्यक्ष मदन गोपाल चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित एजीएम में विधायक सुरेश रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सदस्य समितियों के अध्यक्षों की खचाखच उपस्थिति में निवर्तमान बैंक अध्यक्ष सहित अन्य सोसाइटी अध्यक्षों ने भ्रष्टाचार निरोधक अदालत से चार साल की सजा पाये झारोटिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चर्चा के दौरान इन अध्यक्षों ने झारोटिया पर, कस्टम हायरिंग सेंटर में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उस समय बजरंग लाल बैंक में अधिशासी अधिकारी के पद पर कार्यरत था और उसके पास प्रबंध निदेशक के पद का अतिरिक्त कार्यभार था।

अध्यक्षों का आरोप था कि सहकारिता विभाग द्वारा अजमेर जिले की 35 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेंटर स्वीकृत किये गये थे। झारेाटिया ने बिना ट्रैक्टर की खरीद किये ही यूसी विभाग को भिजवा दी, जिसमें शिकायत होने पर सहकारिता विभाग की ओर से जून 2023 में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गयी थी। अध्यक्ष जानना चाह रहे कि इस मामले में बैंक स्तर पर क्या कार्यवाही की गयी। इस पर बैंक अध्यक्ष मदन गोपाल चौधरी ने सदस्यों के सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाये।

वार्षिक आमसभा की बैठक में उपस्थित सदस्य सहकारी समितियों के अध्यक्ष।

बिना काम 9 लाख रुपये का वेतन दिया

आमसभा की कार्यवाही के दौरान बैंक में अतिरिक्त अधिशासी रही एक महिला अधिकारी को वेतन दिये जाने का गंभीर मुद्दा भी उठाया गया। सदस्यों का आरोप था कि उक्त महिला अधिकारी एक भी दिन बैंक में उपस्थित नहीं हुई। किसी पत्रावली पर उनके हस्ताक्षर नहीं है, फिर भी झारोटिया ने उपस्थिति पंजिका में, आठ माह की उपस्थिति दर्शा कर, वेतन पेटे करीब 9 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। सदस्यों को बैंक प्रबंधन से इस सवाल पर भी संतोषजनक उत्तर भी नहीं मिला।

बैंक को 90.84 लाख रुपये का शुद्ध लाभ

इससे पूर्व, आमसभा की शुरूआत में, अध्यक्षीय भाषण के दौरान, बैंक के चेयरमैन मदन गोपाल चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान बैंक को 90 लाख 84 हजार रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ हुआ है। इससे बैंक का संचित लाभ बढ़कर 5 करोड़ 45 लाख 88 हजार रुपये हो गया है। बैंक द्वारा वित्त वर्ष के दौरान 585 लाख 66 हजार रुपये का फसली ऋण वितरण किया गया, जो लक्ष्य से अधिक रहा।

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