Monday, July 22, 2024
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टोंक डीसीसीबी के अच्छे दिन लौट रहे हैं, एक साल में 6.43 करोड़ रुपये का लाभ कमाया

टोंक, 22 अगस्त (मुखपत्र)। लम्बे अर्से के बाद टोंक सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (टोंक डीसीसीबी) के अच्छे दिन लौट आये हैं। एक समय था जब टोंक सीसीबी बंद होने की कगार पर पहुंच चुका था और कर्मचारियों के सामने वेतन का संकट मुंह बाये खड़ा था, परन्तु हाल के वर्षों में कुशल वित्तीय प्रबंधन की बदौलत टोंक डीसीसीबी अपने सुनहरे दिनों की ओर लौटने लगा है। पिछले वित्त वर्ष में बैंक द्वारा 6 करोड़ रुपये से अधिक राशि का लाभ अर्जित किया गया।

टोंक डीसीसीबी के प्रबंध निदेशक रोहित सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में बैंक द्वारा 6 करोड़ 43 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया गया, जिसकी बदौलत संचित हानि 14 करोड़ 21 लाख रुपये से कम होकर 7 करोड़ 78 लाख रुपये रह गयी है। बैंक पिछले छह वित्तीय वर्षों में हर साल लाभ अर्जित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल बैंक को संचित हानि से निकालकर लाभ में संचालित करने के उद्देश्य से कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वित की जा रही है।

प्रबंध निदेशक ने बताया कि बैंक द्वारा ऑनलाइन ऋण वितरण प्रणाली के अंतर्गत गत वर्ष से 143 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक राशि का अल्पकालीन फसली ऋण वितरण किया गया। बैंक को 2022-23 में 575 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके विरुद्ध 537 करोड़ 88 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में बैंक द्वारा 394 करोड़ 13 लाख रुपये का फसली ऋण वितरित किया गया है। 31 मार्च 2023 को बैंक की अमानतों का स्तर 244 करोड़ 36 लाख रुपये रहा।

पैक्स कम्प्यूटराइजेशन और सीएचसी का कार्य प्रगति पर

विभिन्न क्षेत्रों में बैंक की प्रगति की जानकारी देते हुए एमडी रोहित सिंह ने बताया कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन प्रोजेक्ट के तहत जिले की 173 ग्राम सेवा सहकारी समितियों की अनुशंसा राज्य समिति का प्रेषित की गयी है। बैंक द्वारा उक्त 173 पैक्स की एफएचआर रिपोर्ट पूर्ण करवाकर, इन समितियों में से 61 समितियों ग्राम सेवा सहकारी समितियों की एफवीआर (फर्स्टहैंड वेरिफिकेशन रिपोर्ट) भी पूर्ण करवा दी गयी है, जो कि अन्य डीसीसीबी की तुलना में सर्वाधिक है। इसी प्रकार, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएचसी) योजना के अंतर्गत 107 ग्राम सेवा सहकारी समितियों की आईडी क्रिएट कराये जाने के उपरांत पैक्स को एक्टिवेट कर दिया गया है।

आजीविका में ऋण वितरण

रोहित सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 171 ‘राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना’ के अंतर्गत अब तक 288 लाभार्थियों को 3 करोड़ 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है।

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