राज्यसहकारिता

प्रदेश के पहले ऑर्गेनिक फूड फेस्टिवल का शुभारम्भ, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने किया उद्घाटन

जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में 7 मई तक चलेगा जैविक उत्पादों का मेला

जयपुर, 5 मई (मुखपत्र)। राजस्थान का पहला ऑर्गेनिक  फूड फेस्टिवल शुक्रवार को जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में आरम्भ हुआ। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने दोपहर 1.15 बजे ऑर्गेनिक फूड फेस्टिवल का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सहकारिता रजिस्ट्रार मेघराज सिंह रतनू सहित सहकारी विभाग और उपभोक्ता संघ के अधिकारी भी उपस्थित थे। सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफैड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रदेश यह पहला तीन दिवसीय फूड फेस्टिवल 7 मई की देर शाम तक चलेगा। फूड फेस्टिवल और जवाहर कला केंद्र के दक्षिण परिसर में आयोजित किये जा रहे राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला का समापन रविवार सायं एक साथ होगा। मेले में शुद्ध एवं उच्च गुणवत्ता वाले जैविक उत्पाद, सब्जियां, शहद, देसी घी, देसी खांड, विभिन्न प्रकार के मुरब्बे आदि प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए उपलब्ध कराये गये हैं।

उद्धाटन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि कहा कि जैविक उत्पादों का उपयोग स्वास्थ्य एवं प्रकृति के अनुकूल है। आज समय की भी मांग है कि आमजन जैविक खाद्य पदार्थों का उपयोग करें एवं भावी पीढ़ी के लिए संसाधनों को सुरक्षित करे। कृषि मंत्री ने राज्य में प्रथम बार आर्गेनिक फूड फेस्टिवल के आयोजन के लिए सहकारिता विभाग और कॉनफैड की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि पूरा विश्व साल 2023 को मिलेट्स वर्ष के रूप में मना रहा है। राजस्थानवासी सौभाग्यशाली है कि यहां पीढ़ी दर पीढ़ी खाने में मोटे अनाज एवं शुद्धता का ध्यान रखा जाता है। वैज्ञानिक शोध में भी यह तथ्य आया है कि जैविक खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अलग से कृषि बजट पेश किया है, जिसमें जैविक खेती पर विशेष ध्यान दिया गया है।

स्टालों का निरीक्षण करते कृषि मंत्री लालचंद कटारिया और रजिस्ट्रार मेघराज सिंह रतनू

पहली बार एक ही छत के नीचे बीसियों जैविक उत्पाद

सहकारिता रजिस्ट्रार मेघराज सिंह रतनू ने कहा कि विभाग द्वारा पहली बार जयपुरवासियों को एक ही छत के नीचे ऑर्गेनिक उत्पादों को उपलब्ध कराने की पहल की गई है। मेले में लगभग 50 स्टॉल्स पर अनेक प्रकार के जैविक खाद्य-अखाद्य विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध कराये गये हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेले के माध्यम से जैविक खाद्य पदार्थों एवं जैविक खेती के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि लोगों की जीवनचर्या में जैविक उत्पादों का उपयोग बढ़ सके।

उदयपुर के आदिवासी अंचल से आये ग्राम मादला (तहसील पलासिया) के सुंदरलाल कसोटा ने जड़ी-बूटियों की स्टॉल लगायी हैं, जिनका वे औषधि के रूप में उपयोग करते हैं।

जैविक मुरब्बे, देसी घी और शहद की स्टाल्स

कॉनफैड के महाप्रबंधक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि ऑर्गेनिक फूड फेस्टिवल में भैराणा के प्रगतिशील किसान सुरेन्द्र अवाना द्वारा कई उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। जैविक पदार्थों की खेती और उत्पादन करने वाली कई नामचीन संस्थाओं ने भी डेयरी प्रोडेक्ट, गोबर ने बने विभिन्न प्रकार के सामान, शहद, आंवला कैंडी, मुरब्बा, जैविक खाद, जैविक सब्जी, वनोपज उत्पाद सहित अन्य जैविक पदार्थ बिक्री के लिए उपलब्ध है। मेले में जैविक फॉग का रायता, जौ, बाजरा एवं धणी का रायता, तथा मोटे अनाज के रूप में स्वाद के लिए उपलब्ध है।

जैविक चावल की 12 किस्में उपलब्ध

इसके अलावा, बाजरे का लड्डू, कुरकुरे, बिस्किट, नमकीन, गेहूं, दलिया, दाले, हरी जैविक सब्जी, पनीर, छाछ, रेडी टू इट आर्गेनिक प्रोडक्ट, 12 किस्म के जैविक चावल, रोस्टेड आइटम, मसाले, खाने का तेल, आटा, चाय, देसी खाण्ड, गुड़ सहित अन्य पदार्थ भी उपलब्ध है। कॉनफैड के महाप्रबंधक अनिल कुमार ने कृषि मंत्री को मेला एवं स्टॉलों का अवलोकन करवाया। कृषि मंत्री ने कई स्टॉल्स पर जाकर ऑर्गेनिक उत्पादों की जानकारी ली एवं उनका स्वाद भी चखा।

error: Content is protected !!