राज्यसहकारिता

74 महिला बहुउद्देश्यीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन की स्वीकृति जारी

जयपुर, 15 सितम्बर (मुखपत्र)। सहकारिता विभाग द्वारा राज्य सरकार की बजट घोषणा की पालना में राजस्थान में 74 महिला बहुउद्देश्यीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन की स्वीकृति जारी कर दी गयी है।

रजिस्ट्रार मेघराज सिंह रतनू ने बताया कि जिला जयपुर ग्रामीण में 14, जयपुर (शहर) में 5, बीकानेर में 5, झालावाड़ में 5, बूंदी में 3, बारां में 7, धौलपुर में 2, अजमेर में 1, करौली में 1, सिरोही में 3, कोटा में 3, जालौर में 6, सीकर में 11, नागौर में 1, भरतपुर में 2 और बाड़मेर में 5 महिला बहुउद्देश्यीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन को मंजूरी दी गयी है।

रजिस्ट्रार के अनुसार, नवगठित महिला बहुउद्देश्यीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा प्रथम 5 वर्ष हेतु भवन उपलब्ध कराया जायेगा तथा गोदाम निर्माण के लिए 1500 वर्गमीटर का भूखंड नि:शुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि महिला समितियों के सृजन एवं संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक महिला बहुउद्देश्यीय ग्राम सेवा सहकारी समिति को हिस्सा राशि के रूप में 3 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गयी है।

गहलोत ने की थी बजट में घोषणा

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री अशोक गहलोत ने फरवरी 2023 में प्रस्तुत राज्य के साल 2023-24 के बजट में बिन्दु संख्या 178 पर, महिला सशक्तिकरण और महिला उत्थान के लिए प्रदेश में प्रत्येक ब्लॉक में एक महिला बहुउद्देश्यीय ग्राम सेवा सहकारी समिति के गठन की घोषणा की थी। बजट भाषण में समितियों का अंशदान माफ करने और राज्य सरकार की ओर से हिस्सा राशि के रूप में ऐसी प्रत्येक सोसाइटी को तीन लाख रुपये दिये जाने की घोषणा की गयी थी।

पंजीकरण के उपरांत मिलेगी हिस्सा राशि

रजिस्ट्रार के अनुसार, समिति का पंजीकरण 15 दिन में करवाना होगा, उसके पश्चात ही हिस्सा राशि समिति को हस्तांतरित की जायेगी। राशि हस्तांतरण के 7 दिन में उपयोगिता प्रमाण पत्र रजिस्ट्रार कार्यालय को भिजवाना होगा। हिस्सा राशि का उपयोग केवल हिस्सा राशि के रूप में ही किया जा सकेगा।

 

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