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करणपुर के बाद अब टोंक और जयपुर में फसल बीमा में भारी गड़बड़ी पकड़ी

– कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने F.I.R. दर्ज कराने के आदेश दिए

– कृषि विभाग ने मांगा, संगठित गिरोह का काम

– प्राइवेट व्यक्तियों के अलावा सरकारी अमले और बीमा कंपनी कार्मिकों की मिलीभगत की आशंका

जयपुर, 18 अगस्त (मुखपत्र)। श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में फर्जी पॉलिसी का मामला पकड़ में आने और प्रकरण पुलिस थाना में दर्ज कराए जाने के बाद, अब इस योजना में टोंक जिले में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कृषि विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। खरीफ 2026 के लिए टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में फर्जी फसल बीमा कराने की गोपनीय सूचना की जांच में शिकायत सही पाई गई।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल, IAS

इस पर कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने फर्जीवाड़ा करने वाली सीएससी (ई-मित्र) तथा संबंधित किसानों के विरुद्ध पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इनमे टोंक जिले की मालपुरा तहसील के कृषक मुकेश सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी एवं फूलचन्द पुत्र हजारी लाल सैनी एवं जयपुर जिले कृषक दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी एवं श्रीमती विनिता सैनी पत्नी सीताराम सैनी, सीएससी (ई-मित्र) एवं अन्य किसान शामिल हैं।

फर्जीवाड़े के नए नए हथकंडे

जांच में सामने आया है कि भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल कर फर्जी पॉलिसी बनाई जा रही थी, बिना खातेदार की जानकारी के बटाईदार के रूप में बीमा करवाया जा रहा था, एक ही खसरा पर अनेक पॉलिसी जारी की जा रही थीं, खसरे के वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्र पर बीमा करवाया जा रहा था तथा वास्तविक बोई गई फसल के बजाय दूसरी फसल का बीमा करवाया जा रहा था। विभाग का मानना है कि इस तरह का संगठित फर्जीवाड़ा हितधारकों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

विशेष अभियान चलाएगा कृषि विभाग

कृषि आयुक्त के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए विभाग दृढ़ संकल्पित है। फर्जी पॉलिसी जारी करने में शामिल सीएससी (ई-मित्र), सहयोगी किसानों, सक्रिय दलालों, बीमा कंपनी के कर्मचारियों तथा वित्तीय संस्थाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

कृषि विभाग की सख्त चेतावनी

इस बार कृषि विभाग द्वारा फसल बीमा पॉलिसी के साथ फार्मर आईडी को अनिवार्य किया तथा बीमा पॉलिसी को ई-गिरदावरी से लिंक किया गया। इससे फर्जीवाड़ा करने वालों की तुरंत पहचान हो जाएगी, साथ ही, ऐसे सभी किसान, जिन्होंने कृषि लोन नहीं लिया है तथा फसल बीमा करायी है, तो उन सब मामलों की गहनता से जांच की जाएगी।

कृषि आयुक्त की चेतावनी

श्री गोयल ने आगाह किया है कि यदि किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा पाया गया तो संबंधित विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई से कोई नहीं बच पाएगा। फर्जी तरीके से बनाई गई फसल बीमा पॉलिसियों को तत्काल निरस्त करवा लिया जाए, अन्यथा भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। कृषि विभाग ईमानदार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और योजना का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगा।

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