आरबीआई ने राजस्थान के एक और केंद्रीय सहकारी बैंक पर जुर्माना लगाया
केवाईसी नियमों की पालना नहीं करने पर दंडात्मक कार्यवाही
जयपुर, 2 जून (मुखपत्र)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने राजस्थान के एक और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक पर (DCCB) पर अपने ग्राहक को जानो (KYC) नियमों की पालना नहीं करने पर दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। शीर्ष बैंक द्वारा 22 मई 2026 के आदेश द्वारा यह दंड, जालौर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Jalore Central Cooperative Bank Ltd.), जालौर पर बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत लगाया गया है।
आरबीआई के प्रेसनोट के अनुसार, 31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण बैंक (नाबार्ड) द्वारा जालौर सीसीबी का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।
नोटिस पर बैंक के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, रिजर्व बैंक ने अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक, खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा के लिए एक प्रणाली स्थापित करने में विफल रहा, और बैंक निर्धारित अवधि के अनुसार अपने ग्राहकों के केवाईसी को समयसमय पर अद्यतन करने में विफल रहा। इसलिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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