सहकारिता

सहकारिता विभाग ने 726 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्वीकृति निरस्त की, कांग्रेस शासन में मंजूर हुए थे

जयपुर, 3 मार्च (मुखपत्र)। सहकारिता विभाग द्वारा राज्य की 726 ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स, लैम्पस) में कस्टम हायरिंग सेंटर (कृषि यंत्रिकरण केंद्र) की स्थापना के लिए गत वर्ष जारी की गयी प्रशासनिक स्वीकृति निरस्त कर दी गयी है। सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ ने 2 मार्च को इस आशय का आदेश जारी किया।

सहकारिता विभाग द्वारा 6 अक्टूबर 2023 को इन समितियों में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति की जारी की गयी थी, जिसके आधार पर रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां राजस्थान जयपुर द्वारा 9 अक्टूबर 2023 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में 726 कृषि यंत्रीकरण केंद्रों की सूची जारी की गयी थी।

इनमें श्रीगंगानगर जिले की सर्वाधिक 120 तथा भीलवाड़ा में 94 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर की मंजूरी दी गयी थी। इसके अलावा, बारां में 11, झुंझुनूं में 42, जोधपुर में 13, चित्तौडग़ढ़ में 36, चूरू में 10, कोटा में 23, सिरोही में 8, झालावाड़ में 17, भरतपुर में 39, सीकर में 20, टोंक में 6, जयपुर में 14, उदयपुर में 33, बाड़मेर में 35, अलवर में 51, डूंगरपुर में 18, जालौर में 3, नागौर में 36, अजमेर में 1, बूंदी में 6, हनुमानगढ़ में 38, करौली में 3, बांसवाड़ा में 13, दौसा में 26, बीकानेर में 6, पाली में 3 तथा जैसलमेर में 1 ग्राम सेवा सहकारी समिति में कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी थी।

किसानों को किराये पर मिलते हैं कृषि यंत्र

ग्राम सेवा सहकारी समितियों में स्थापित कस्टम हायरिंग सेंटर पर किसानों को बाजार की अपेक्षाकृत कम किराये पर ट्रैक्टर के साथ-साथ आधुनिक एवं परम्परागत कृषि यंत्र मिल सकेंगे। राज्य सरकार के बजट भाषण में साल 2023-24 एवं 2024-25 में 1500 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किये जाने हैं, जिसमें से 2023-24 में 900 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किये जायेंगे। इसी क्रम में 726 सेंटरों की स्वीकृति दी गयी है। इन सेंटर पर किसानों को ट्रैक्टर, थ्रेसर, रोटावेटर, रीपर, सीड ड्रिल सहित अन्य कृषि उपकरण किराये पर मिलते हैं।

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