राज्यसहकारिता

राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला का भव्य शुभारंभ

जयपुर, 17 अप्रेल (मुखपत्र)। सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफेड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। जवाहर कला केंद्र में आयोजित यह दस दिवसीय मसाला मेला 26 अप्रेल 2026 तक चलेगा। मेले का शुभारंभ सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतमकुमार दक और सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने किया। यह देश में सहकारी क्षेत्र में आयोजित होने वाला एक मात्र मसाला मेला है, जिसमें राजस्थान के साथ-साथ लगभग एक दर्जन अन्य प्रदेशों की सहकारी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूह, महिला सहकारिताओं को उनके उत्पादों को बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए नि:शुल्क प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाता है।

इस अवसर पर दक ने कहा कि राष्ट्रीय सहकार मसाला मेले की सफलता से प्रेरित होकर पहली बार संभाग स्तर पर सफलतापूर्वक सहकार मेलों का आयोजन किया गया। अब जिला स्तर पर भी सहकार मेलों के आयोजन किया जाएगा।

औपचारिक उद्घाटन के उपरांत सहकारिता मंत्री एवं शासन सचिव ने विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर देश और प्रदेश की सहकारी समितियों द्वारा प्रदर्शित मसालों एवं अन्य उत्पादों की जानकारी ली। मेले में इस बार लगभग 150 स्टॉल्स लगाई गई है। उद्घाटन कार्यक्रम में राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी सहित सहकारिता विभाग एवं कॉनफैड के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में सहकारजन उपस्थित रहे।

जयपुर। राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026 के उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित मंत्री, शासन सचिव एवं सहकारिता विभाग के अधिकारीगण।

ये विशिष्ट उत्पाद उपलब्ध

मेले में राजस्थान के साथ-साथ केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश आदि विभिन्न राज्यों की सहकारी संस्थाएं अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय कर रही हैं। साबुत एवं पिसे मसालों के अलावा विशिष्ट क्षेत्रीय उत्पाद भी यहां उपलब्ध हैं। केरल की काली मिर्च एवं लौंग, इरोड (तमिलनाडू) की हल्दी एवं दालचीनी, कश्मीर की केसर एवं ड्राई फ्रूट्स, पंजाब के चावल एवं रेडी टू ईट प्रोडक्ट, मध्य प्रदेश का सिहोरी गेहूं, मथानिया की लाल मिर्च, रामगंजमंडी एवं बारां का धनिया, नागौर का जीरा एवं कसूरी मैथी, जालोर की ईसबगोल, सिरोही की सौंफ, प्रतापगढ़ की हींग, चित्तौडग़ढ़ की अजवाइन, पुष्कर का गुलकन्द, नाथद्वारा की ठण्डाई, भुसावर का अचार, राजसमंद का शर्बत, सोजत की मेहंदी, डूंगरपुर का आम पापड़, झाड़ोल की अरहर दाल, बीकानेर के पापड़ आदि मेले के मुख्य आकर्षण होते हैं।

2003 से मेले का आयोजन

उल्लेखनीय है कि सहकारिता विभाग एवं उपभोक्ता संघ द्वारा वर्ष 2003 से प्रतिवर्ष इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता के मसाले एवं अन्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं, जिससे यह आयोजन जयपुरवासियों के बीच लोकप्रिय बन गया है।

खरीदारों के लिए प्रतिदिन लक्की ड्रा

मेले में खरीदारों के लिए प्रतिदिन लकी ड्रॉ तथा समापन अवसर पर मेगा बम्पर ड्रॉ का भी आयोजन रखा गया है। साथ ही, प्रतिदिन सायंकाल में अलग-अलग संभागों के लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे।

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