सहकारिता

निमोद सहकारी समिति में दो हजार एमटी और पांच सौ एमटी के गोदामों का लोकार्पण

डीडवाना/कुमाचन, 10 मार्च (मुखपत्र)। बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी सोसाइटी निमोद के विस्तार पटल ग्राम बांसा-निमोद में 2000 मीट्रिक टन और 500 एमटी भंडारण क्षमता के दो सहकारी गोदामों का विधिवत पूजा अर्चना के साथ समारोहपूर्वक लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता महेंद्र सिंह जोधा, विशिष्ट अतिथि सहकार नेता सूरजभान सिंह आमेरा रहे। विशेष अतिथि के रूप में एनसीडीसी के क्षेत्रीय निदेशक सुनील छापोला, ज्वाइंट रजिस्ट्रार पीथदान चारण, सेवानिवृत्त सहकारी अधिकारी शिवजीलाल चोपड़ा, नाबार्ड डीडीएम मोहित चौधरी, संयुक्त निदेशक कृषि डा. हरिओम सिंह और जल भू संरक्षण अभियंता विकास शर्मा आदि उपस्थित रहे। समिति अध्यक्ष खेमाराम बुगलिया ने सभी अतिथियों का साफा बांधकर एवं माला पहनाकर स्वागत किया।

महेंद्रसिंह जोधा ने अपने संबोधन में डीडवाना क्षेत्र में किसानों की सुविधा के लिए दो बड़े गोदामों के निर्माण हेतु वित्तीय अनुदान स्वीकृत करने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। उन्होंने बताया कि सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों की उपज खरीद करने और उपज को भंडारण के लिए गोदाम सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही है। निमोद के गोदाम नागौर, डीडवाना, कुचामन जिले के किसानों के लिए सौगात हैं।

विकसित भारत के निर्माण में सहकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण

सहकार नेता आमेरा ने कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण में सहकारिता के विकास मॉडल की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि निमोद बहुउद्देशीय सहकारी समिति सहकारी विकास मॉड्यूल का उत्कृष्ट उदाहरण एवं स्टार्टअप है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उपज खरीद भंडारण में सहकारी गोदामों को प्राथमिकता दी जाए। आमेरा ने निमोद पैक्स को सहकारिता का तीर्थ और पर्यटन स्थल घोषित करते हुए प्रत्येक सहकारजन के लिए इस सोसाइटी के विजिट को आवश्यक बताया।

निमोद सोसाइटी के कार्यक्रम में गौपाल क्रेडिट कार्ड योजना में ऋण वितरण करते अतिथि।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने गौपालन ऋण योजना के अन्तर्गत गौपालक किसानों को एक-एक लाख रुपये का ऋण वितरण भी किया।

सुभाष आर्य ने दी समिति के कार्यकलापों की जानकारी

निमोद समिति के शिल्पकार, पूर्व व्यवस्थापक सुभाष आर्य ने समिति में संचालित सोलर उत्पादन प्लांट, दो आधुनिक लाइब्रेरी, वाटर प्यूरीफाई प्लांट, डिस्टिल वाटर प्रोडक्ट, होलसेल भंडार, मिनी बैंक, लॉकर रूम सुविधा, दो विस्तार पटल, दुकानदारों को ऋण योजना, नित्य वसूली व जमा संग्रहण, महिला स्वयं सहायता समूह, कृषि यंत्र सुविधा, मेडिकल स्टोर गोदाम, प्रस्तावित पेट्रोल पम्प योजना आदि पर विस्तार से जानकारी दी गई। समिति अध्यक्ष खेमाराम एवं व्यवस्थापक झाबरमल भार्गव ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

सरसों एवं चना की एमएसपी खरीद के लिए 15 मार्च से रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे, 25 मार्च से आरंभ होगी खरीद

 

 

error: Content is protected !!