राज्यसहकारिता

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर अपेक्स बैंक में पौधारोपण एवं संगोष्ठी का आयोजन

डीजीएम पी.के. नाग ने फहराया सहकारिता ध्वज

जयपुर, 2 जुलाई (मुखपत्र)। सहकारिता रजिस्ट्रार के निर्देशानुसार, 101वें अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के उपलक्ष्य में 1 जुलाई को राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (आरएससीबी) के प्रधान कार्यालय में सहकारिता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैंक के उप महाप्रबंधक पी.के. नाग ने सहकारिता का ध्वज फहराया और बैंक परिसर में पौधारोपण किया गया। श्री नाग ने सभी को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस की शुभकामनायें प्रेषित की और सहकारी आंदोलन एवं सहकारिताओं की मजबूती के लिए काम करने का आह्वान किया।


इसके उपरांत बैंक के सभागार में आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए श्री नाग ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस-2023 की थीम ‘सहकारिता – त्वरित सतत विकास के लिये भागीदार’ की विस्तार से विवेचना की। नाग ने कहा कि सहकारितायें वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में नियमित रूप से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। उन्होंने इफको, कृभको, अमूल, मदर डेयरी, सहकारी चीनी मिलों और को-ऑपरेटिव बैंकिंग का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के आर्थिक-सामाजिक विकास में भी सहकारिताओं की अग्रणी भूमिका रही है।

पश्चिम देश भी सहकारिताओं को प्रोत्साहित करने लगे

उन्होंने कहा कि कई पाश्चात्य देश को-ऑपरेटिव की ओर अग्रसर हो रहे हैं। अमेरीका जैसे देश जो पहले पूरी तरह से पूंजीवाद पर निर्भर थे और जिसके कारण वहां की अर्थव्यवस्था कई बार डगमगा गयी थी, वे भी अब धीरे-धीरे इंटरनेशनल लेबर आर्गेनाइजेशन, यूनाइटेड नेशन एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहकारिताओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं।

पैक्स कम्प्यूटराइजेशन और सीएससी सकारात्मक कदम

डीजीएम श्री नाग ने बैंकिंग सैक्टर में कार्यरत अपेक्स से लेकर पैक्स स्तर की सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की अवधारणा को प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे पैक्स को विभिन्न नये क्षेत्रों में कारोबार का विस्तार करने और आय बढाने के सुअवसर मिलेंगे। पैक्स कम्प्यूटराइजेश से कारोबार में पारदर्शिता के साथ-साथ इसको मबजूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने पैक्स के मॉडल बायलाज को भी सहकारिताओं को सक्षम एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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