राज्यसहकारिता

रतनपुरा सोसाइटी ने ओमप्रकाश रोज को घर भेजा, अवैधानिक प्रस्ताव पारित करवाकर सेवानिवृत्ति के बाद दो साल सेवाकाल बढ़ा लिया था

ओमप्रकाश रोज़

श्रीगंगानगर, 16 जून (मुखपत्र)। इनसे मिलिये, ये हैं ओमप्रकाश रोज । राजस्थान के पैक्स कर्मचारियों में जाना-पहचाना नाम है। 1 फरवरी 2023 से लेकर तीन दिन पहले तक, गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की रिडमलसर शाखा के अंतर्गत रतनपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड में जबरिया मुख्य कार्यकारी बने हुए थे। नियमानुसार, ओमप्रकाश को 60 साल की अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर 31 जनवरी 2023 को सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उसने पूर्व प्रबंध कार्यकारिणी से अवैधानिक प्रस्ताव पारित करवाकर, दो साल सेवाकाल बढ़ा लिया और उप रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारियों की मिलीभगत से उस अवैधानिक प्रस्ताव को अनुमोदित भी करवा लिया। रतनपुरा सोसाइटी की नयी प्रबंध कार्यकारिणी के अध्यक्ष जितेंद्रपाल सिंह संधू को जब इस गोरखधंधे का पता चला, तो उन्होंने न केवल तत्काल प्रभाव से ओपी रोज की सेवाएं समाप्त कर दी, अपितु उस अवैधानिक प्रस्ताव के अपखंडन के लिए उप रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत कर दिया है। अब इसे संयोग कहें या दुर्योय कि अध्यक्ष संधू और रोज, दोनों ही घर पड़ौसी हैं।

सहकारी समिति कर्मचारियों के बड़े नेता कहे जाने वाले ओमप्रकाश रोज उर्फ ओ.पी. रोज पुत्र हजारीराम की पहचान भाषणजीवी के रूप में हैं। माइक और संगठन के पद के साथ चिपके रहना पसंद करते हैं। इसी गलतफहमी में इन्होंने समिति के मुख्य कार्यकारी पद पर चिपके रहने की पुरजोर कोशिश की। रोज ने, सेवानिवृत्ति के उपरांत भी कुर्सी से चिपके रहने की नीयत से, पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, 29 जुलाई 2022 को रतनपुरा सोसाइटी की तत्कालीन प्रबंध कार्यकारिणी से दो साल के सेवा विस्तार का प्रस्ताव पारित करवाकर, उप रजिस्ट्रार कार्यालय श्रीगंगानगर से प्रस्ताव का अनुमोदन भी करवा लिया। उस समय उप रजिस्ट्रार के पद पर मनोज कुमार मान पदस्थापित थे। इस प्रस्ताव में यह भी उल्लेख है कि सेवानिवृत्ति के उपरांत, सेवा विस्तार वाले पीरियड में वही वेतन-भत्ते और सुविधाएं मिलेंगी, जो मुख्य कार्यकारी रहते उसके द्वारा प्राप्त की जा रही हैं। प्रस्ताव में 65 साल की आयु तक समिति में कार्यरत रहने के नियम का हवाला दिया गया है, लेकिन मुख्य कार्यकारी के पद पर नहीं रह सकने के नियम का जिक्र नहीं किया गया। यह भी संयोग है कि इसी तारीख को यानी 29 जुलाई 2022 को ही रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान जयपुर द्वारा व्यवस्थापकीय सेवा नियम -2022 जारी किये गये थे, जिसमें स्पष्ट अंकित है कि मुख्य कार्यकारी के पद से सेवानिवृत्ति के उपरांत, वह कर्मचारी, अपनी समिति तो क्या, किसी भी समिति में मुख्य कार्यकारी के पद पर सेवा नहीं दे सकता। ओपी रोज, पूरे राजस्थान में ज्ञान देने के लिए जाने जाते हैं, ऐसे में यह कैसे सम्भव है कि उन्हें नियमों की जानकारी नहीं हो।

इधर, दिसम्बर 2022 में ओमप्रकाश रोज के पड़ौसी जितेंद्रपाल संधू सोसाइटी के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। संधू के विश्वास का अनुचित लाभ उठाते हुए, रोज 60 साल की अधिवार्षिकी आयु पूर्ण होने के बावजूद 31 जनवरी 2023 को सेवानिवृत्ति नहीं हुआ। सरसरी तौर पर जब कभी बात हुई तो उप रजिस्ट्रार कार्यालय से अनुमोदित प्रस्ताव की कापी दिखाकर, चुप करा दिया। अब बैंक के हस्तक्षेप के बाद, सोसाइटी ने रोज को सेवामुक्त कर दिया गया है, लेकिन समिति का रिकार्ड और चेकबुक इत्यादि शुक्रवार तक उनके पास थी। अध्यक्ष ने बैंक ब्रांच में प्रस्ताव की कॉपी देकर ओमप्रकाश रोज के कब्जे वाली चेक बुक को कैंसिल करवाकर, नयी चेक बुक जारी करवायी है। बैंक के आदेश पर अब एक दिन पहले ही, रिडमलसर ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक अनिल कुमार भादू को रतनपुरा ग्रामेसवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।

दो साल के सेवा विस्तार का प्रस्ताव पारित करवाया

इससे पहले, बैंक के संज्ञान में लाया गया कि ओ.पी. रोझ ने, दूरदर्शी सोच के तहत, जुलाई 2022 में ही 31 जनवरी 2023 को, सेवानिवृत्ति के पश्चात से दो साल के सेवा विस्तार (30 अप्रेल 2025 तक) का अवैधानिक प्रस्ताव पारित करवाकर, उप रजिस्ट्रार कार्यालय से अनुमोदित करवा रखा है। इस पर गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक ने 29 मई 2023 को समिति अध्यक्ष जेपी संधू को नोटिस जारी कर, रोज को हटाने के निर्देश दिये, लेकिन रोज अवैधानिक प्रस्ताव की कापी दिखाकर अध्यक्ष को गुमराह करने में सफल रहा। निर्धारित अवधि में समिति ने रोज के खिलाफ एक्शन नहीं लिया तो बैंक ने 6 जून 2023 को उप रजिस्ट्रार श्रीगंगानगर को पत्र लिखकर, रतनपुरा सोसाइटी के संचालक मंडल के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने की अनुशंसा कर दी। बैंक के अनुसार, रतनपुरा सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी ओमप्रकाश रोज को 60 वर्ष की अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने पर समिति द्वारा 31 जनवरी 2023 को सेवानिवृत्त किया जाना था और इसकी सूचना बैंक को प्रेषित की जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जो व्यवस्थापकीय सेवानियम 2022 के नियम 29.1 का उल्लंघन है, इसलिए सोसाइटी संचालक मंडल के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाये।

नोटिस मिलने पर प्रस्ताव अपखंडन की अर्जी लगायी

नोटिस की कापी सोसाइटी अध्यक्ष जितेंद्रपालसिंह संधू को भी दी गयी। बैंक ने समिति के बैंक खातों के संचालन पर भी रोक लगा दी। संधू दिसम्बर 2022 में ही सोसाइटी के अध्यक्ष बने हैं और ओपी रोज केे घर पड़ौसी भी हैं। वे मामले की तह तक गये और सारा माजरा समझ में आने पर उप रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत होकर उस अवैधानिक प्रस्ताव को अपखंडित करने के लिए प्रार्थना पत्र पेश कर दिया। बैंक प्रबंधन के तेवर को देखते हुए समिति ने 13 जून 2023 को ओमप्रकाश रोज की सेवा समाप्त कर, घर भेज दिया और रिडमलसर जीएसएसएस के युवा व्यवस्थापक अनिल कुमार को अतिरिक्त चार्ज देकर, बैंक प्रबंधन से पुष्टि करवा ली। अनिल ने शुक्रवार को समिति में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी।

रिकार्ड सौंपने के लिए रोझ को नोटिस दिया

समिति अध्यक्ष जेपी संधू ने बताया कि उन्होंने सेवानिवृत्त व्यवस्थापक ओमप्रकाश रोज को नोटिस जारी कर, समस्त रिकार्ड व चेक बुक सौंपने का निर्देश दिया है। यदि वह ऐसा नहीं करता है, तो उसके खिलाफ पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज करवाई जायेगी। उन्होंने बताया कि हमने उप रजिस्ट्रार को उस अवैधानिक प्रस्ताव को अपखंडित करने के लिए निवेदन कर दिया है, जिसके द्वारा ओपी रोज ने सेवानिवृत्ति के बाद अपना सेवाकाल बढ़वा लिया था।

प्रस्ताव के अपखंडन का नोटिस जारी

इस प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर उप रजिस्ट्रार मनोज कुमार मान ने बताया कि रतनपुरा सोसाइटी के उपरोक्त प्रस्ताव के अनुमोदन की जानकारी नहीं है, लेकिन अब मामला संज्ञान में आने पर, अपखंडन का नोटिस जारी कर दिया है।

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