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सहकारिता रजिस्ट्रार आनंदी की सीसीबी एमडी को खरी-खरी, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में अवधिपार ऋणियों को वितरित ऋण की वसूली करो, अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहो

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पैक्स कंप्यूटराइजेश प्रोजेक्ट : सिस्टम इंटीग्रेटर के स्टाफ पर रहेगी रजिस्ट्रार कार्यालय की नजर

जयपुर, 16 जनवरी (मुखपत्र)। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती आनंदी ने पहली समीक्षा बैठक में केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों की कलास लगा दी। शुक्रवार को वीसी के माध्यम से जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड (DCCB) के व्यवसायों एवं अन्य कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए आनंदी ने राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के अंतर्गत अवधिपार ऋणियों को नया ऋण देने पर प्रबंध निदेशकों को कड़ी फटकार लगायी, साथ ही, निर्देशित किया कि डिफाल्टर ऋणियों को इस योजना के तहत दिये गये ऋण की वसूली यदि 31 जनवरी 2026 तक नहीं हुई, तो अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए तैयार रहें।

बाड़मेर जिले में गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में ऋण वितरण को लेकर हुई अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए आनंदी ने कहा कि अपेक्स बैंक स्तर पर जुटाये गये आंकड़ों में प्रत्येक सीसीबी में इस योजना के तहत अवधिपार ऋणियों को ऋण दिये जाने की बात सामने आयी है। यह किसी डीसीसीबी में कम, तो किसी में अधिक है। ऐसे प्रत्येक अवधिपार ऋणी से ऋण की राशि 31 जनवरी तक वसूल की जाये और भविष्य में, जब इस योजना में पुन: ऋण वितरण शुरू हो, तो ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिये।

रजिस्ट्रार ने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन (डीसीटी, डायनेमिक डे-एंड व ऑन सिस्टम ऑडिट) तथा सिस्टम इंटीग्रेटर (एसआई) द्वारा नियोजित स्टाफ की जिलेवार स्थिति की समीक्षा करते हुए एसआई द्वारा तकनीकी सहायता के लिए सीसीबी स्तर पर उपलब्ध कराये गये मैनपावर (ऑपरेटर) की उपस्थिति को लेकर संशय व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एसआई द्वारा जिस स्टाफ को जिस बैंक शाखा में नियोजित किया गया है, उसकी उपस्थिति उसी शाखा में दर्ज होनी चाहिये। इसके लिए तकनीकी स्टाफ की आईडी की जियो टैगिंग करायी जाये, ताकि यह जानकारी मिलती रहे कि वह नियमित रूप से ब्रांच में जाकर अपना कार्य सम्पादित कर रहा है अथवा नहीं।

समीक्षा बैठक के एजेंडा में 11 प्रमुख बिन्दु शामिल किये गये थे, जिसमें बजट घोषणा एवं ऋण वितरण व वसूली के अंतर्गत फसली ऋण वितरण एवं वसूली, गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना की प्रगति, दीर्घकालीन कृषि व अकृषि ऋण वितरण एवं वसूली तथा स्वयं सहायता समूह एवं संयुक्तदेयता समूहों को ऋण वितरण/वसूली की समीक्षा की गयी। वित्तीय मापदण्डों की समीक्षा के अंतर्गत कमजोर आर्थिक स्थिति वाले केंद्रीय सहकारी बैंकों के सीआरएआर, अमानत संग्रहण, एनपीए की समीक्षा की गयी।

एजेंडों के अन्य बिन्दुओं में सहकार से समृद्वि की प्रगति, म्हारो खातो म्हारो बैंक अभियान अन्तर्गत एमअेयू, डिपोजिट एवं माइक्रो एटीएम का वितरण की समीक्षा, डेबिट कार्ड वितरण की समीक्षा, न्यू फाइनेंस प्रोडेक्ट की स्थिति, बिजनेस डवलपमेंट प्लान, नवगठित एमपैक्स की आमसभा, रजिस्ट्रेशन, बैंक की सदस्यता, केओ कोड स्टेटस, ट्राजेक्शन अलर्ट की स्थिति, आधार इंरोलमेंट के रूप में कार्यरत बैंक, पैक्स-लैम्पस में पेट्रोल-डीजल आउटलेटस की स्थिति तथा लंबित आवेदन, पैक्स एज एफपीओ- रजिस्ट्रेशन, सदस्यता, हिस्सा राशि की स्थिति, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र की समीक्षा, सीएससी/ई-मित्र, कॉपेरटिव इन्श्योरेंस, केसीसी धारकों की आधार सीडिंग की स्थिति, सीजीटीएमएसई में सदस्यता, आईफोरसी/एनसीआरपी में ऑन बोर्डिंग, पैक्स के द्वारा ऋण के अतिरिक्त व्यावसायिक गतिविधियों का अंगीकरण जैसे बिन्दु भी शामिल रहे, हालांकि करीब दो घंटे तक समीक्षा के उपरांत, रजिस्ट्रार वीसी छोडक़र चली गयी, बाद में, अपेक्स बैंक एमडी आरएस चूंडावत एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार (एचआरडी) भोमाराम ने वीसी को जारी रखा। तथापि अत्यधिक लंबा एजेंडा होने के कारण अनेक बिन्दुओं पर चर्चा नहीं हो पायी।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय से जोधुपर, सीकर, जैसलमेर और भीलवाड़ा केंद्रीय सहकारी बैंकों के संदर्भ में प्राप्त प्रकरणों, सहकारिता मंत्री के कार्यालय से जयपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर एवं अजमेर केंद्रीय सहकारी बैंक के संबंध में प्राप्त प्रकरणों पर भी चर्चा होनी थी, लेकिन समय अभाव के कारण ये मुद्दे डिस्कस नहीं हुए।

इनके अलावा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में स्वीकृत गोदामों के निर्माण की प्रगति एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्रों की स्थिति की समीक्षा, प्रधानमत्रंी किसान समृद्धि केन्द्र योजनान्तर्गत प्रगति की स्थिति पर चर्चा, खाद-बीज लाइसेन्स की स्थिति एवं लाइसेन्स का नवीनीकरण, कस्टम हायरिंग केन्द्र के प्रस्तावों, भौतिक सत्यापन व उपयोगिता प्रमाण पत्र की समीक्षा, सहकार सदस्यता अभियान के दौरान भूमि आवंटन संबंधी प्रगति पर चर्चा, अनुपयोगी भवन आवंटन पर चर्चा और गोदामों का उपयोग सुनिश्चित करवाने संबंधी बिन्दु भी समीक्षा बैठक के एजेंडा में शामिल थे।

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