Monday, July 22, 2024
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खेत में ढाणी बनाने के लिए मिलेगा 50 लाख रुपये का लोन, सरकार देगी 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान

जयपुर, 12 जून (मुखपत्र)। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने कहा कि किसान को खेत पर आवास (ढाणी) निर्माण के लिए सहकार ग्राम आवास योजना जारी कर दी गई है। इस योजना में केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा किसानों को 50 लाख रुपये तक का ऋण तीन किश्तों में उपलब्ध कराया जाएगा। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा। इस प्रकार किसान को 6 प्रतिशत ब्याज देना होगा। यह ऋण दीर्घकालीन अवधि यानी 15 वर्ष के लिए होगा।

वे सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि खेत पर आवास के लिए बैंकों को 72.70 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि मंहगाई राहत कैम्प में प्राप्त होने वाले आवेदनों पर त्वरित निर्णय लेते हुए पात्र आवेदको को शीघ्र ही ऋण वितरण किया जाए।
श्रेया गुहा ने कहा कि राजस्थान ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना के अन्तर्गत 1500 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया जाना है। अभी तक 2 लाख 34 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस योजना के आवेदनों पर सम्बंधित अधिकारियों से चर्चा कर ऋण वितरण की प्रक्रिया आरम्भ कर, 31 जुलाई 2023 तक आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित करें।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि वर्ष 2023-24 में 22 हजार करोड़ रुपये का फसली ऋण का वितरण होना है। इसमें से खरीफ 2023 में 11811 करोड़ रुपये तथा रबी 2023-24 के लिए 10189 करोड़ रुपये का लक्ष्य बैंकों को दिया गया है। अभी तक 15.27 लाख किसानों को 5793 करोड़ रूपये का ऋण दिया जा चुका है। उन्होंने सभी प्रबंध निदेशकों को समय पर ऋण वितरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।

नये सदस्यों को ऋण वितरण की धीमी गति पर जतायी नाराजगी

उन्होंने नये सदस्यों को फसली ऋण वितरण की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2023-24 में 5 लाख नए सदस्य किसानों को ऋण वितरण किया जाना है। अभी तक 34554 नए सदस्य किसानों को ऋण दिया गया है, जो काफी कम है। उन्होंने कहा कि नए सदस्य किसानों को सर्वाधिक संख्या में जोडऩे के लिए उदासीनता नहीं बरती जाए।

पैक्स सुदृढ़ीकरण की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा

बैठक में पैक्स एज एमएससी, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, कॉमन सर्विस सेन्टर, केन्द्रीय सहकारी बैंकों में अमानत का स्तर, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना के तहत खाता खोलना, एसएचजी को वित्त पोषण, भारत सरकार के पोर्टल पर प्रविष्टियां करना तथा केसीसी से सम्बंधित डाटा एन्श्योर पोर्टल पर समय पर अपलोड करने आदि बिन्दुओं की प्रगति पर भी समीक्षा की गई।

बैठक में सहकारिता रजिस्ट्रार मेघराज सिंह रतनू, अतिरिक्त-द्वितीय शिल्पी पांडे, राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भोमाराम, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) गुंजन चौबे, केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक, नाबार्ड, सहकारिता विभाग एवं अपेक्स बैंक के अधिकारी उपस्थित थे।

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