राज्य

सहकारी अधिनियम को वर्तमान परिपेक्ष्य मे प्रासंगिक बनाने के लिये नया कोऑपरेटिव कोड लायेंगे – भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री ने ली सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक, बजट घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिये

जयपुर, 1 अप्रेल (मुखपत्र)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के किसान वर्ग को  सशक्त एवं समृद्ध बनाने में सहकारी आन्दोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस हेतु राज्य सरकार राजस्थान सहकारिता अधिनियम 2001 को वर्तमान परिपेक्ष्य में प्रासंगिक बनाने के लिए नवीन कॉपरेटिव कोड लेकर आएगी। इसके लिए गठित एक समिति ने सहकारी आंदोलन में अग्रणी महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और केरल जैसे राज्यों का दौरा कर वहां के सहकारी कानून का व्यावहारिक अध्ययन किया है। वे मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अन्त्योदय के संकल्प को साकार करने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। सहकार से समृद्धि की भावना के साथ समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारे गांवों को समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए राज्य सरकार प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्थापना कर रही है।

सीएम ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बजट 2024-25 की अनुपालना में 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किया है। इससे राज्य के 35 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। बजट 2025-26 में भी 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरण की घोषणा की गई है।

बजट घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो

मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग से सम्बंधित बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इनका समयबद्ध रूप से प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं के भण्डारण की क्षमता में वृद्धि करने के लिए 150 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 से 500 मेट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। इन गोदामों में कृषि उत्पादों का योजनाबद्ध ढंग से भण्डारण सुनिश्चित हो, ताकि इनका अधिकतम उपयोग लिया जा सके।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के 1 लाख गोपालक परिवारों को गोपाल क्रेडिट कार्ड के तहत 1 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्तऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बजट 2025-26 में इन परिवारों की संख्या बढ़ाकर 2 लाख 50 हजार कर दी गई है। साथ ही, इस बजट में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत दी जाने वाली राशि को भी बढ़ाकर आगामी वर्ष से 9 हजार प्रतिवर्ष करने की घोषणा की गई है।

दलहन और तिलहन की 4700 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान राज्य सहकारी क्रय विक्रय संघ लिमिटेड (राजफैड) की ओर से खरीफ सीजन 2024 में दलहन और तिलहन जैसे मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन की 4700 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद की गई, जिसमें मूंगफली की 4 लाख 38 हजार 800 मेट्रिक टन से भी अधिक की रिकॉर्ड खरीद की गई। रबी सीजन 2025-26 के लिए सरसों और चना की खरीद हेतु आज से रजिस्ट्रेशन प्रारम्भ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्याप्त प्रचार-प्रसार कर किसानों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाए। पात्र किसानों को सहकारी बैंकों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों और ग्रामीणों के अधिक से अधिक बचत खाते सहकारी बैंकों में खुलें।

सहकार से समृद्धि में राजस्थान देश में अग्रणी – मंजू राजपाल

सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने विभाग की उपलब्धियों और योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है। इस परिकल्पना के तहत 54 पहलें प्रारम्भ की गई हैं, जिनमें पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, बहुद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्थापना तथा अन्न भण्डारण हेतु गोदामों की स्थापना प्रमुख हैं। राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफेड) ने मेडिकल मार्केटिंग तथा नागरिक आपूर्ति अनुभाग में लक्ष्य से अधिक व्यवसायिक उपलब्धि अर्जित की है। कॉनफेड द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला तथा दीपोत्सव मेला आयोजित किया जाता है।

ये लोग रहे बैठक में उपस्थित

बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतमकुमार दक, मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) आलोक गुप्ता, शासन सचिव (पशुपालन) समित शर्मा, राजफैड के प्रबंध निदेशक टीकमचन्द बोहरा, सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव दिनेशकुमार जांगिड़, अतिरिक्त रजिस्ट्रार प्रथम शिल्पी पांडे, अतिरिक्त रजिस्ट्रार-द्वितीय संदीप खंडेलवाल, राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय पाठक, राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक लि. के प्रबंध निदेशक जितेन्द्र प्रसाद, निदेशक राइसेम आर.एस. चूण्डावत आदि उपस्थित रहे।

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