केंद्रीय सहकारी बैंक कृषकों के सर्वांगीण विकास में अपनी भूमिका निभाता रहेगा – डॉ. अमित यादव
– शानदार वित्तीय प्रबंधन से केंद्रीय सहकारी बैंक निरंतर लाभ में संचालित
– गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की 73वीं वार्षिक आमसभा का आयोजन
श्रीगंगानगर, 29 सितंबर (मुखपत्र)। दी गंगानगर केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की 73वीं वार्षिक साधारण सभा (AGM) का आयोजन मंगलवार को जिला कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक डॉ. अमित यादव, IAS की अध्यक्षता में किया गया। राज्य सरकार द्वारा ऋण माफी पेटे ब्याज राशि का भुगतान नहीं करने और आरबीआई (RBI) के निदेशानुसार अप्राप्त राशि का शत-प्रतिशत प्रावधान किए जाने के बाद भी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक ने शानदार वित्तीय प्रबंधन की बदौलत लाभ में संचालन का सिलसिला जारी रखा है।
संगम पैलेस में आयोजित एजीएम में प्रशासकीय उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए प्रशासक ने बैंक के वित्तीय प्रदर्शन और उपलब्धियों का ब्योरा साझा किया। डॉ. यादव ने बताया कि बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17.29 रुपए लाख का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। साधारण सभा में बैंक के प्रशासक ने सदस्यों का स्वागत करते हुए बैंक के गौरवपूर्ण इतिहास और राजस्थान में इसके योगदान की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि बैंक आगामी वर्षों में भी प्रगति के नए सोपान तय करते हुए, विशेषकर क्षेत्र के कृषकों के सर्वांगीण विकास में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
आमसभा में बैंक के प्रबंध निदेशक दीपेंद्र सिंह शेखावत, अधिशासी अधिकारी भैरूंसिंह पालावत, उप रजिस्ट्रार (श्रीगंगानगर) दीपक कुक्कड़, उप रजिस्ट्रार (अनूपगढ़) राकेश मूंड, विशेष लेखा परीक्षक सूर्यकांत और मुख्य प्रबंधक विकास गर्ग सहित समस्त अनुभाग अधिकारी मंचस्थ रहे।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की मुख्य वित्तीय उपलब्धियां
हिस्सा पूंजी एवं कोष : बैंक की हिस्सा पूंजी 4198.55 लाख रुपए रही, जबकि सुरक्षित एवं अन्य कोष बढक़र 5204.88 लाख रुपए हो गए हैं। बैंक में कुल अमानतें 53648.34 रुपए लाख तक पहुंच गई हैं। बैंक प्रबंधन का प्रयास है कि अमानतों में वृद्धि करके उधार ऋण पर निर्भरता को कम किया जाए।
कृषि ऋण वितरण एवं वसूली: नाबार्ड के 51723.99 रुपए के वित्तीय सहयोग से एवं बहुउद्देश्यीय ग्राम सेवा सहकारी समितियां (एमपैक्स) के माध्यम से जिले के लघु, सीमान्त एवं अन्य कृषकों को कृषि व सम्बद्ध गतिविधियों हेतु 1044 करोड़ 7 लाख 26 हजार रुपए का अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किया गया। वर्ष 2025-26 में 130632.06 लाख रुपए की कुल मांग के विरुद्ध 114647.18 लाख रुपए की वसूली की गई, जो कुल मांग का 87.76 प्रतिशत है।
वित्तीय अनुशासन : बैंक द्वारा आरबीआई और नाबार्ड के समस्त वित्तीय अनुशासन व दिशानिर्देशों का पूर्ण पालन किया जा रहा है। भारत सरकार एवं राज्य सरकार की योजना के अंतर्गत बैंक कार्यक्षेत्र की 351 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण का कार्य प्रगति पर है। प्रथम चरण के तहत बैंक से जुड़ी 340 पैक्स को सफलतापूर्वक ‘गो लाईव’ कर दिया गया है।
प्रशासकीय उद्बोधन के अंत में जिला कलेक्टर ने राजस्थान सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, सहकारिता विभाग, राज्य सहकारी बैंक, जिला प्रशासन श्रीगंगानगर तथा बैंक के सभी सम्मानित जमाकर्ताओं एवं ग्राहकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सदस्यों ने दिए सुझाव

किसान गंगानगर क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष शिवदयाल गुप्ता ने सदस्य संस्थाओं को लाभांश एवं एजीएम में शामिल होने वाले संस्था अध्यक्षों को उपहार दिए जाने का सुझाव दिया, जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए प्रशासक ने कुल एक लाख रुपए मूल्य के उपहार सदस्यों को दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की। गुप्ता ने पिछली एजीएम का कार्यवाही विवरण उपलब्ध नहीं कराने पर आपत्ति व्यक्त की, जिस पर प्रबंध निदेशक दीपेंद्रसिंह शेखावत ने सदन का आश्वस्त किया कि आज की एजीएम का कार्यवाही विवरण समस्त सदस्यों को एक माह के भीतर उपलब्ध करा दिया जायेगा।
श्रीगंगानगर फल-सब्जी क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष निर्मल सिंह बराड़ ने समिति प्रबंधन की सहमति और उन्हें बिना बताए, ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सदस्यों की हिस्सा राशि का उपयोग, एनसीडीसी के बकाया लोन के लिए जबरन काटे जाने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए जांच की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने जांच करवाए जाने का आश्वासन दिया। बराड़ ने नियमानुसार, सदस्यों की हिस्सा राशि लौटाने, शेयर प्रमाणपत्र जारी करने और उनके द्वारा पिछले एजीएम में उठाए गए मुद्दों की जांच करवाने की मांग दोहरायी।
जिला सहकार संघ के अध्यक्ष शिव स्वामी ने प्रोसिडिंग सदस्यों को भेजने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बिना प्रोसिडिंग के गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि करवाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। गंगमूल डेयरी के संचालक मंडल सदस्य और भादुवावाला डेयरी प्राथमिक समिति के अध्यक्ष विनोद भादू ने डेयरी समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराने का आग्रह किया। बैंक के निवर्तमान संचालक कुनन सिंह, कालूराम मेघवाल आदि ने कर्मचारियों की समय पर डीपीसी करवाने, डीपीसी में आरक्षित वर्ग को पूरा प्रतिनिधित्व देने और बैंक की शाखाओं के लिए स्वयं के भवन बनाए जाने का सुझाव दिया। मंच संचालन मनीष चलाना ने किया।
एजीएम में रायसिंहनगर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष कालूराम थोरी सहित बैंक की सदस्य सहकारी समितियों के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष शामिल हुए।

