सहकारिता

K.P.I. में राज्य में दूसरे स्थान पर रहे सहकारी भंडार के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए बजट नहीं, 6 माह से फाका काट रहे 31 कर्मचारी

संचित हानि में चल रहे भंडार में महाप्रबंधक पद पर सहकारी अधिकारी की नियुक्ति कर सरकार ने 10 लाख रुपए का वित्तीय बोझ बढ़ा दिया

बीकानेर, 3 अगस्त (मुखपत्र)। बीकानेर सहकारी उपभोक्ता भंडार लिमिटेड के कर्मचारी छह माह से वेतन को तरस रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब बीकानेर भंडार, भारत सरकार द्वारा निर्धारित की-पैरामीटर इंटीकेटर (केपीआई) की पहली समीक्षा (जून, 2026) में राजस्थान में दूसरे नम्बर पर रहा था। भंडार के संविदा कर्मियों को माह फरवरी, 2026 से एक बार भी मासिक वेतन नहीं मिला है। स्थाई कर्मचारी को इससे भी पहले से वेतन की बाट जोह रहे हैं।

इस संबंध में भंडार की मेडिकल शॉप्स पर कार्यरत संविदा कार्मिकों द्वारा आज सोमवार को भंडार के महाप्रबंधक को ज्ञापन प्रस्तुत कर, बकाया वेतन दिए जाने की मांग की गई। कार्मिकों का कहना है कि छह माह से वेतन नहीं मिलने से गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहे हैं और भरण-पोषण में दिक्कतें आने लगी हैं।

उल्लेखनीय है कि बीकानेर भंडार लम्बे समय से खराब वित्तीय हालात से गुजर रहा है। भंडार के वर्तमान संचालक मंडल ने, पिछले तीन साल से विभिन्न व्यवसायों के रूप में नवाचारों के माध्यम से संचित हानि को कम करने में सफलता पाई है, लेकिन आरजीएचएस (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) में राज्य सरकार की ओर लगभग दो करोड़ 50 लाख रुपए फंसे होने के कारण, अब कर्मचारियों को वेतन देना भी मुश्किल हो गया है।

भंडार के मुख्य कारोबार में आरजीएचएस में दवाओं की बिक्री के 12 काउंटर, इंडेन एलपीजी एजेंसी और दो ग्रॉसरी स्टोर हैं। बीकानेर भंडार में वर्तमान में 6 स्थाई और 25 अस्थाई कर्मचारी कार्यरत हैं।

सरकार ने भंडार का 10 लाख रुपए सालाना खर्च बढ़ा दिया

इन मुश्किल हालात में भंडार को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की अपेक्षा, राज्य सरकार ने 10 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी कर, बीकानेर भंडार में महाप्रबंधक के पद पर, राज्य सहकारिता सेवा के अधिकारी को लगा दिया, जिससे भंडार पर सालाना लगभग 10 लाख रुपए पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है। यह भंडार के वर्तमान वार्षिक लाभ से चार गुणा अधिक है। इससे पहले, सरकार द्वारा भंडार की प्रतिकूल वित्तीय स्थिति को देखते हुए कई वर्षों से, महाप्रबंधक के पद का अतिरिक्त कार्यभार, बीकानेर में अन्य पदों पर पदस्थापित सहकारी अधिकारियों को सौंप रखा था। पिछले कुछ साल से यह जिम्मेदारी रणवीरसिंह, ज्वाइंट रजिस्ट्रार के पास थी।

केपीआई आधार पर राजस्थान में नंबर दो भंडार

हालांकि, बेहद प्रतिकूल वित्तीय परिस्थितियों में भंडार के स्थाई-अस्थाई कर्मचारियों से हौंसला नहीं छोड़ा और पूरी निष्ठा के साथ राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू किया, नवाचारों को अपनाया, जिसके आधार पर माह जून, 2026 में केपीआई आधारित पहली मासिक समीक्षा में बीकानेर भंडार राज्य में दूसरे नंबर पर रहा।

आरजीएचएस में बकाया से वित्तीय हालात बिगड़ रहे

भंडार के अध्यक्ष नगेंद्रपालसिंह शेखावत के अनुसार, आरजीएचएस के तहत राज्य सरकार से मिलने वाली पुनर्भरण की राशि, 31 जुलाई 2026 तक 2.50 करोड़ रुपए बकाया है, जिससे सारे वित्तीय समीकरण गड़बड़ा गए हैं। भंडार अध्यक्षों की समन्वय समिति द्वारा संयुक्त रूप से सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम दक, वित्त विभाग और रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां को इस स्थिति से कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन आरजीएचएस के तहत प्राप्त होने वाली राशि को लेकन पिछले कुछ वर्षों से जारी समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो रहा।

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