हैंडलिंग एंड ट्रांसपोटेशन कार्य में गड़बड़ी, क्रय विक्रय सहकारी समिति का संचालक मंडल भंग, प्रशासक नियुक्त
हैंडलिंग एंड ट्रांसपोर्ट कार्य में निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन, मुख्य व्यवस्थापक को भी दोषी माना
बीकानेर, 24 अप्रैल (मुखपत्र)।रबी सीजन में कृषि जिंसों की खरीद के दौरान हैंडलिंग एवं ट्रांसपोटेशन कार्य में निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन कर, सोसाइटी अध्यक्ष द्वारा सुझाये नाम से कार्य करवाने के एक मनमाने प्रकरण में, रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां द्वारा बीकानेर कोलायत क्रय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड, बीकानेर का संचालक मंडल भंग कर, प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के इस मामले में सोसाइटी के मुख्य व्यवस्थापक को भी दोषी माना गया है। राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 की धारा 30(1)(क) (ii) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए, रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान जयपुर द्वारा बीकानेर कोलायत क्रय-विक्रय सहकारी समिति लि., बीकानेर के वर्तमान संचालक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, बीकानेर को सोसाइटी का प्रशासक नियुक्त किया गया है, जो नई समिति के निर्वाचन होने तक कार्यभार संभालेंगे।
यह कार्रवाई राजफैड द्वारा प्रदत्त दिशा-निर्देश क्रमांक 3899-3999 दिनांक 24.01.2023 के बिंदु संख्या 2.6 और बीकानेर कोलायत क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की पंजीकृत उपविधियों की उपविधि संख्या 10(3)(ढ) के स्पष्ट उल्लंघन के बाद की गई है। समिति द्वारा रबी सीजन 2023-24 के दौरान हैंडलिंग एवं ट्रांसपोर्ट का कार्य में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने के चलते यह कार्यवाही की गयी।
रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां का आदेश
कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान, जयपुर
क्रमांक: फा.15(5)सविरा/नियम/क्रयविक्रय प्रशासक/86 पार्ट-7 पी-2 00291 दिनांक: 21.04.2026
आदेश
(राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 (संशोधन अधिनियम 2015) की धारा 30(1)(क) (ii) के अन्तर्गत)
अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, बीकानेर द्वारा बीकानेर कोलायात क्रय-विक्रय सहकारी समितियाँ, बीकानेर के संबंध मे राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 की धारा 55(5)(6) द्वारा जारी जांच परिणाम में यह तथ्य उजागर हुआ है कि समिति के संचालक मण्डल की बैठक दिनांक 21.4.2023 के प्रस्ताव संख्या-2 जिसमें हैंडलिंग एवं परिवहन के कार्य हेतु मुख्य व्यवस्थापक को अधिकृत किए जाने के बावजूद समिति के संचालक मण्डल की एक अन्य बैठक दिनांक 24.5.2023 मे प्रस्ताव संख्या 2 एवं 3 पारित करते हुए कार्यव्यवस्था हेतु हैंडलिंग एवं परिवहन एजेंट को नियुक्त करते हुए समिति के अध्यक्ष के द्वारा ही नाम दिये गए। इस आधार पर समिति संचालक मण्डल के विरुद्द राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 की धारा 30(1)(क)(ii) के अंतर्गत कार्यवाही किए जाने की अनुशंषा अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, बीकानेर द्वारा प्रेषित की गई है।
उक्त कार्य राजफैड द्वारा प्रदत्त दिशा-निर्देश क्रमांक 3899-3999 दिनांक 24.01.2023 के बिंदु संख्या 2.6 ‘सदस्य समिति स्वयं हैण्डलिंग एवं परिवहन का कार्य करती है तो उसे भी निविदा शर्तों के अनुसार पात्रता रखते हुए निविदा कार्यवाही में भाग लेना आवश्यक है तथा उसके द्वारा भी सभी पात्रता सहित संविदा/अनुबंध की शर्तों की पालना भी पूर्ण करनी होगी। सदस्य समिति द्वारा स्वयं हैण्डलिंग एवं परिवहन का कार्य करने की स्थिति में जिला कलक्टर एवं उप रजिस्ट्रार द्वारा यह प्रमाणित किया जाएगा कि सदस्य समिति द्वारा पात्रता सम्बन्धी समस्त शर्तें पूर्ण कर ली र्गइ हैं’ एवं बीकानेर कोलायात क्रय-विक्रय सहकारी समितियां, बीकानेर के पंजीकृत उपविधियां की उपविधि संख्या 10(3)(ढ) के अनुसार हैण्डलिंग परिवहन एजेंट की नियुक्ति में संचालक मण्डल द्वारा पारित प्रस्ताव से संचालक मण्डल के व्यक्तिगत हित पूर्ति होना जाहिर होता है और 10(6)(13) में वर्णित किसी कार्य विषेष को करने के लिए कमेटी का गठन न करके इस उपनियम का स्पष्ट उल्लंघन परिलक्षित होता है।
राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 की धारा 30(1)(क)(ii) के प्रावधानानुसार रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान समिति को सुने जाने का युक्तियुक्त अवसर क्रमश: दिनांक 10.03.2026 एवं 07.04.2026 द्वारा प्रदान किया गया। दिनांक 07.04.2026 को सुनवाई के दौरान हरिराम सियाग, अध्यक्ष बीकानेर कोलायत क्रय-क्रिय सहकारी समिति, बीकानेर एवं जरिये वीसी अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी सहमितियां, बीकानेर ने उपस्थित होकर प्रकरण में अपना-अपना पक्ष निम्नानुसार प्रस्तुत किया। अध्यक्ष, द्वारा प्रस्तुत लिखित अभिकथन को दोहराते हुए अवगत करवाया बीकानेर कोलायत क्रय-विक्रय सहकारी समिति लि. बीकानेर की संचालक मण्डल की बैठक दिनांक 21.04.2023 को आयोजित की गई, जिसमें समर्थन मूल्य खरीद वर्ष 2023-24 (रबी सीजन) के हैण्डलिंग एवं परिवहन के कार्य हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण उक्त कार्य समिति स्तर पर करने का निर्णय लिया गया।
खरीद के दौरान समिति में नये मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के पश्चात् उनके द्वारा 24.05.2023 को पुन: संचालक मण्डल की बैठक आहुत की गई। खरीद मे किसानों का पंजीकरण संख्या अधिक होने एवं किसानों के माल तुलवाई हेतु दबाव एवं मौसम संबंधी समस्या को देखते हुए हैण्डलिंग एवं परिवहन का कार्य फर्म के माध्यम से करवाने पर विचार किया गया। अध्यक्ष एवं संचालक मण्डल के द्वारा खरीद कार्य हेतु 8-10 नामों पर विचार किया गया तथा अंतिम रूप से खरीद कार्य के अनुभव के आधार पर तीन नामों पर सहमति बनी। इन नामों के लिए अंतिम रूप से चयन हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अधिकृृत किया गया था एवं अंतिम निर्णय मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा लिया गया। अध्यक्ष द्वारा सुझाये गये नामों द्वारा खरीद का कार्य शांतिपुर्वक एवं संतोषजनक रूप से किया गया। खरीद के दौरान किसी भी प्रकार की घटत एवं हानि का सामना समिति को नहीं करना पडा।
अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, बीकानेर द्वारा प्रकरण में अवगत करवाया गया कि राजफेड के दिशा निर्देशों कि अवहेलना कर समिति द्वारा स्वयं के स्तर पर बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन किये समिति स्तर पर हैण्डलिंग एंड ट्रांसपोर्ट फर्म नियुक्त किया गया, जिसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट एवं जांच परिणाम से होती है, इसके लिए संचालक मंडल एवं मुख्य व्यवस्थापक दोषी पाए गए हैं। उक्त क्रम में उपरोक्त वस्तुस्थिति से जाहिर होता है कि वर्ष समिति द्वारा वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य, खरीद के लिए हैण्डलिंग व परिवहन एजेंट की नियुक्ति के संबंध में नियम, प्रक्रिया एवं उपविधियों का पालन नहीं किया गया है, साथ ही बीकानेर कोलायात क्रय-विक्रय सहकारी समितियां, बीकानेर के संचालक मण्डल द्वारा पंजीकृत उपविधियां की उपविधि संख्या 10(3)(ढ) के अनुसार हैण्डलिंग परिवहन एजेंट की नियुक्ति हेतु पारित प्रस्ताव से संचालक मण्डल के व्यक्तिगत हित निहित होना जाहिर होता है और 10(6)(13) में वर्णित किसी कार्य विषेष को करने के लिए कमेटी का गठन न करके इस उपनियम का स्पष्ट उल्लंघन परिलक्षित होता है, जिसके लिए समिति का संचालक मण्डल एवं व्यवस्थापक उत्तरदायी है। इसलिए राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 की धारा 30(1)(क)(ii) के प्रावधानान्तर्गत ‘‘इस अधिनियम या नियमों या उप-विधियों द्वारा उस समिति या सदस्य पर अधिरोपित अपने कर्तव्यों के अनुपालन में उपेक्षा करता है, वहां रजिस्ट्रार, लिखित आदेश द्वारा, सोसाइटी के कार्यकलापों का प्रबन्ध करने के लिए, किसी सरकारी सेवक को, सोसाइटी की समिति का निर्वाचन होने तक, प्रशासक के रूप में नियुक्त कर सकेगा।’’
अत: उक्त आलोक में, मैं डॉ. समित शर्मा, रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान, बीकानेर कोलायात क्रय-विक्रय सहकारी समितियाँ, बीकानेर के वर्तमान संचालक मण्डल को भंग कर, मुझमें निहित राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 की धारा 30(1)(क)(ii) की शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सोसाइटी के संचालक मण्डल को अतिष्ठित करते हुए उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, बीकानेर को बीकानेर कोलायत क्रय-विक्रय सहकारी समितियाँ, बीकानेर के निर्वाचन होने तक, प्रशासक नियुक्त कर निर्देश देता हूंं कि वे सोसाइटी के प्रशासक का पदभार तत्काल प्रभाव स े ग्रहण कर निर्धारित समयावधि में सोसाइटी की नई समिति के निर्वाचन करवाया जाना सुनिश्चित करे।
यह आदेश यथाहस्ताक्षरित दिनांक को मेरे डिजीटल हस्ताक्षर से कर जारी किया गया।
(डॉ. समित शर्मा) रजिस्ट्रार
(काल्पनिक एवं संकेतात्मक चित्र डॉ. समित शर्मा, रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान)

