सीएम भजनलाल शर्मा की “सरस” को राष्ट्रीय ब्रांड बनाने की मंशा
डेयरी सेक्टर का विस्तार, प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सरस आउटलेट, दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण अवसंरचना का हो सुदृढ़ीकरण
जयपुर, 3 अप्रेल (मुखपत्र)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के सहकारी डेयरी सेक्टर के प्रसिद्ध ब्रांड “सरस” को राष्ट्रीय ब्रांड बनाने की मंशा जाहिर की है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में डेयरी क्षेत्र के विकास के संदर्भ में आयोजित बैठक को संबोधित कर करते हुए सीएम ने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य है। ऐसे में प्रदेश में डेयरी द्वारा दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ लक्ष्य निर्धारित करते हुए औसत दुग्ध संकलन एवं दुग्ध सहकारी समितियों का विस्तार किया जाए।
उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सशक्त धुरी है, जो किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि का आधार बनकर उभर रहा है। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिलता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं।
सरस उत्पादों की व्यापक ब्रांडिंग हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में 2000 हजार करोड़ रुपये के राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट फंड एवं सरस को राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में स्थापित किए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर के साथ ही प्रदेश के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर सरस आउटलेट खोले जाने की संभावना तलाशी जाए और डेयरी उत्पादों की व्यापक ब्रांडिंग करें।
उत्पादों में रखे उच्च गुणवत्ता, करें औचक निरीक्षण
सीएम ने कहा कि दुग्ध उत्पादों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चि करने के लिये मिलावट के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए औचक निरीक्षण किए जाएं एवं मिलावटखोरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, अत्याधुनिक मिल्क टेस्टिंग मशीन एवं रियल टाईम मॉनिटरिंग सिस्टम का सुदृढ़ीकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि समस्त विभागीय योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी एवं सुगम तरीके से दुग्ध उत्पादकों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाया जाए। साथ ही, तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए डेयरी क्षेत्र को और अधिक संगठित एवं प्रतिस्पर्धी बनाया जाए।
आरसीडीएफ के लाभ में बढोतरी
बैठक में बताया गया कि पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से आरसीडीएफके लाभ में वृद्धि हो रही है। वर्तमान में आरसीडीएफके औसत दुग्ध संकलन से लेकर दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता, दुग्ध उत्पादों के विपणन एवं विविधकरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास, आरसीडीएफ और सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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