मनरेगा में गड़बड़ी की गंभीर शिकायतें, केंद्र सरकार जांच के लिए टीम भेजेगी – चौहान
नई दिल्ली, 27 नवम्बर। केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पंजाब प्रवास के दौरान जालंधर में ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और हितग्राहियों से संवाद किया। इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पंजाब में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में गड़बडिय़ों और अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक दल भेजा जाएगा। चौहान ने स्पष्ट किया कि मनरेगा गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की आजीविका से सीधे जुड़ी योजना है, इसलिए इसमें एक रुपये की भी हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जहां भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि सामान्यत: मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन का रोजगार दिया जाता है, लेकिन पंजाब में बाढ़ के कारण फसलें खराब होने और खेतों में काम के अवसर घटने की आशंका को देखते हुए यहां विशेष व्यवस्था की गई है। पंजाब के लिए मनरेगा में रोजगार के दिन बढ़ाकर 150 दिन किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं, जिससे जरूरत पडऩे पर मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र की इस पहल को स्वीकार किया है और अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जरूरतमंद मजदूरों को अधिक दिनों का रोजगार समय पर मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सुरक्षा देना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।
मनरेगा की गड़बडिय़ों की होगी जांच
शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि पंजाब में मनरेगा के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें फर्जी जॉब कार्ड बनना, ठेकेदारों के माध्यम से काम कराया जाना, काम मांगने के बावजूद मजदूरों को रोजगार न मिलना और नहरों की सफाई जैसे कार्यों में बिना वास्तविक काम के भुगतान जैसी अनियमितताएं शामिल हैं। उन्होंने साफ कहा कि मनरेगा की धनराशि ठेकेदारों या बिचौलियों के लिए नहीं, बल्कि गरीब मजदूरों को रोजगार देने के लिए है, इसलिए ऐसे सभी मामलों की गहन जांच कर दोषियों को दंडित करना जरूरी है।
मनरेगा में राज्य को 6 हजार करोड़ रुपये जारी
चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार पंजाब में मनरेगा के लिए अब तक कुल 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध करा चुकी है और इसी वित्त वर्ष में राज्य को 842 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि जिन जिलों से शिकायतें आई हैं, वहां तत्काल जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाए, जबकि केंद्र की टीम भी मौके पर जाकर जांच-पड़ताल करेंगी, ताकि यदि कहीं मनरेगा का पैसा गलत हाथों में गया हो तो उसे रोका जा सके और गरीब मजदूरों को उनका पूरा हक दिलाया जा सके।
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