Monday, July 22, 2024
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16वें वित्त आयोग के सदस्य डॉ. निरंजन राजाध्यक्ष ने पद सम्भालने से इंकार किया

नई दिल्ली, 19 फरवरी। केंद्र सरकार द्वारा गठित 16वें वित्त आयोग के पूर्णकालिक सदस्य, अर्थ ग्लोबल के कार्यकारी निदेशक डॉ. निरंजन राजाध्यक्ष ने पद संभालने से इनकार कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि डॉ. निरंजन ने अप्रत्याशित व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण यह जिम्मेदारी लेने में असमर्थता व्यक्त की है। सरकार अब उनके स्थान पर नये सदस्य की नियुक्ति करेगी।

केंद्र सरकार ने 31 जनवरी, 2024 को एक अधिसूचना जारी कर, डॉ. निरंजन राजाध्यक्ष, अजय नारायण झा, एनी जॉर्ज मैथ्यू और सौम्य कांति घोष को सदस्य नियुक्त किया था। इनमें घोष को छोडक़र तीनों पूर्णकालिक सदस्य बनाये गये, जबकि घोष को पार्ट-टाइम मेंबर बनाया गया।

वित्त आयोग एक संवैधानिक बॉडी है, जिसका काम केंद्र सरकार और राज्यों के बीच के वित्तीय संबंधों पर सुझाव देना है। केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2023 को 16वें वित्त आयोग का गठन किया था। सोलहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढिय़ा हैं। वित्त आयोग द्वारा 31 अक्टूबर 2025 तक अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी जानी है।

कौन हैं डॉ. निरंजन राजाध्यक्ष

निरंजन राजाध्यक्ष आईडीएफसी संस्थान में अनुसंधान निदेशक और वरिष्ठ फेलो हैं। वह संस्थान के अनुसंधान कार्यक्रमों को दिशा प्रदान करता है। पहले, वह एक वित्तीय दैनिक मिंट के कार्यकारी संपादक थे, जहां उन्होंने ओपिनियन अनुभाग का प्रबंधन किया, दैनिक संपादकीय लिखे और पुरस्कार विजेता कैफे इकोनॉमिक्स कॉलम लिखा। उन्होंने अखबार में डेटा पत्रकारिता पहल शुरू करने में भी मदद की। मिंट में शामिल होने से पहले, वह एक वित्तीय पत्रिका बिजनेस वर्ल्ड के उप संपादक थे।

निरंजन को 1998 में हवाई में ईस्ट-वेस्ट सेंटर द्वारा जेफरसन फ़ेलोशिप से सम्मानित किया गया था। उन्हें लगातार दो वर्ष (2010 और 2011) में राय लेखन में उत्कृष्टता के लिए सोसायटी ऑफ़ पब्लिशर्स इन एशिया अवार्ड्स से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 2012 में पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार और 2017 में अर्थशास्त्र के लिए बी.आर. शेनॉय पुरस्कार जीता। निरंजन, मेघनाद देसाई एकेडमी ऑफ इकोनॉमिक्स के अकादमिक सलाहकार बोर्ड और सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी के न्यासी बोर्ड के सदस्य हैं। वह तीर्थंकर रॉय द्वारा लिखित भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आधिकारिक इतिहास के पांचवें खंड की सलाहकार समिति के सदस्य भी थे। उन्होंने मुंबई स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पब्लिक पॉलिसी, रामनारायण रुइया कॉलेज और वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम सलाहकार समितियों में काम किया है।

डॉ. निरंजन ने मुम्बई विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र में बी.ए.और एम.ए. किया है और मुंबई स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पब्लिक पॉलिसी से डाक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

 

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