राज्यसहकारिता

वेतन समझौता और रिक्त पदों पर भर्ती के लिए सहकारी बैंक कार्मिकों ने की आंदोलन की घोषणा

ऑल राजस्थान कोपरेटिव बैंक एम्प्लॉइज यूनियन व ऑफिसर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में हुआ निर्णय

जयपुर, 14 मार्च (मुखपत्र)। चार साल पहले ड्यू हो चुके वेतन समझौते के प्रति राज्य सरकार और सहकारिता विभाग की उदासीनता ने राजस्थान के सहकारी बैंक कार्मिकों को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया गया है। रविवार को जयपुर में सहकार नेता सूरजभान सिंह आमेरा की अध्यक्षता में सम्पन्न सहकारी बैंक कर्मचारियों की यूनियन और अधिकारी एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में वेतन समझौता लागू करने, सहकारी बैंकों में अधिकारियों, कर्मचारियों के सैकड़ों रिक्त पदों पर भर्ती सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। जयपुर के तारक भवन में आयोजित ऑल राजस्थान कोपरेटिव बैंक एम्प्लॉइज यूनियन व ऑफिसर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में सरकार व सहकारिता विभाग की हठधर्मिता के विरोध में 20 मार्च 2023 से चरणबद्ध ढंग से बैंकस्तर पर आंदोलन प्रारम्भ कर, बेमियादी हड़ताल पर जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

यूनियन और एसोसिएशन के महासचिव सूरजभान सिंह आमेरा ने बताया कि बैठक में अपेक्स बैंक, एसएलडीबी, सीसीबी व पीएलडीबी जिला इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक मेंं लम्बित 16वां वेतन समझौता वार्ता, रिक्त पदों पर भर्ती, स्टाफ स्ट्रेंथ, लम्बित डीपीसी करने, ऋण माफी के बकाया क्लेम भुगतान, पेंशन सुविधा, संविदा कर्मी, महिला अधिवेशन में भागीदारी, सहकारी बैंकों का आर्थिक स्वास्थ्य, संगठन सहित सभी मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।

नाबार्ड, राज्य सरकार, सहकारी विभाग व बैंक प्रबन्धन की सहकारी बैंकों के प्रति उदासीन व उपेक्षित रीति नीति पर सभी जिला इकाइयों ने चिंता व्यक्त करते हुए भारी असंतोष व्यक्तकिया। मीटिंग में सहकारी बैंकों की आर्थिक मजबूती व कार्मिक हितों की सुरक्षा के लिए सभी बैंकों व जिलों में एक ही यूनियन व एसोसिएशन ‘एआईबीओए’ के झंडे तले कर्मचारी-अधिकारी एकता की आवश्यकता महसूस की गई।

20 मार्च से आंदोलन

उन्होंने बताया कि सरकार, सहकारी विभाग व बैंक प्रबन्धन का हमारी मांगों पर ध्यानाकर्षण कर विरोध व्यक्त करने के लिए मीटिंग में सर्वसम्मति से चरणबद्ध ढंग से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। आंदोलन के प्रथम चरण में 20 मार्च से सभी जिला इकाइयों द्वारा बैंक के प्रबंध निदेशक, प्रशासक, रजिस्ट्रार, प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता मंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जायेगा।

सभी बैंक कार्मिक कार्यालय समय में काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे। बैंक के सामने विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। इसके पश्चात भी यदि, सरकार और विभाग ने बैंक कार्मिकों की मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं दिखाया तो राज्य सहकारी बैंक, केंद्रीय सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक और प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के कार्मिक एकसाथ हड़ताल पर चले जाएंगे।

ये हैं बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

– राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, केंद्रीय सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड एवं प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों में जनवरी 2019 से देय लम्बित 16वें वेतन समझौते के मांग पत्र पर कमेटी के साथ द्विपक्षीय वार्ता शुरू की जाये।

– राजस्थान के सहकारी बैंकों कर्मचारियों, अधिकारियों के सैकड़ों रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया अविलम्ब आरम्भ की जाये।

– सहकारी बैंकों की स्टाफ स्ट्रेंथ में बढ़ोतरी की जाये।

– सहकारी बैंक कार्मिकों के लिए ओपीएस सुविधा लागू की जाये।

– सहकारी बैंकों में लम्बित डीपीसी करायी जाये।

– सहकारी बैंकों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित किया जाये।

– राज्य सरकार द्वारा सहकारी बैंकों को फसली ऋण माफी की बकाया राशि का भुगतान किया जाये।

– सहकारी भूमि विकास बैंकों के सुदृढ़ीकरण और आर्थिक पुनरुद्धार के लिए एकमुश्त पैकेज दिया जाये।

– सहकारी बैंकों में जवाबदेह व जिम्मेदार प्रबंधकीय सुशासन व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

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