सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भण्डारण योजना में निर्मित गोदामों का समुचित उपयोग करें: मुख्य सचिव
जयपुर, 27 अक्टूबर (मुखपत्र)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सहकारिता क्षेत्र में बनाए गए गोदामों का संचालन समय पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गोदामों को अविलम्ब उपयोग में लाने पर जोर दिया, ताकि किसानों को भंडारण की सुविधा मिल सके। वे मंगलवार को शासन सचिवालय के चिंतन सभागार में सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बडी अन्न भण्डारण योजना एवं एनसीओएल, एनसीईएल तथा बीबीएसएसएल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में गोदामों के निर्माण और उपयोग, किसानों को किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने तथा सहकारी समितियां की गतिविधियों की समीक्षा की गई।
अन्न भंडारण योजना में 130 गोदामों का निर्माण पूर्ण
सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने बताया कि प्रदेश में इस योजना के तहत 130 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है और 70 गोदाम निर्माणाधीन हैं। इन गोदामों का उपयोग समर्थन मूल्य पर खरीदी गई उपज, राशन के अनाज, बीज और उर्वरकों के भंडारण में किया जा सकता है। बैठक में सहकरी समितियों द्वारा गोदामों का स्वयं उपयोग करने एवं गोदामों को किराये पर देने के विकल्प पर भी चर्चा हुई।
कृषि यंत्र केंद्र की स्थापना पर 24 लाख रुपए तक अनुदान
डॉ. समित शर्मा ने बताया कि प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से 1,575 कृषि यंत्र किराया केंद्र चल रहे हैं। इनसे छोटे एवं सीमांत किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर और बुवाई के लिए कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाते हैं। फलत: किसानों को महंगे यंत्र खरीदने की जरूरत नहीं होती है और इससे खेती की लागत कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि तीस लाख रुपए लागत वाले कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना पर 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
बैठक में राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के माध्यम से समितियों को गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक खेती और कृषि उपज के निर्यात से जोडऩे की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि नागौर में जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रमाणन और बाजार की सुविधा से जोडऩे का कार्य किया जा रहा है।
बीबीएसएसएल के कारोबार में 20 गुणा बढोतरी
डॉ. शर्मा ने बताया कि भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) का राजस्थान में कारोबार वर्ष 2024-25 के 2.34 करोड़ रुपए से बढक़र वर्ष 2025-26 में 24.28 करोड़ रुपए हो गया है। श्रीगंगानगर की अतुल्य ग्रामीण सहकारी समिति ने राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड के सहयोग से वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात को बाजरे के दो कंटेनर निर्यात किए। बाजरा, जीरा और किन्नू को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने के लिए उपज के संग्रहण, छंटाई, प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच की सुविधा पर भी चर्चा हुई।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य के क्षेत्रवार विशेष उत्पादों यथा- सोजत की मेहंदी, बारां का चावल, नागौर की मैथी एवं जीरा, मथानिया की मिर्च आदि को बढ़ावा देने एवं इनके निर्यात की संभावना तलाशने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव (कृषि एवं उद्यानिकी) मंजू राजपाल, अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक राजस्थान राज्य भण्डारण निगम डॉ. आरूषी अजेय मलिक, राजफैड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार-प्रथम कार्तिकेय मिश्र एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार-द्वितीय राजेंद्र कुमार मीणा आदि उपस्थित रहे।

