AIBEA का 30वां राष्ट्रीय अधिवेशन 19 अप्रेल से बैंगलूरु में आयोजित होगा
सहकार नेता आमेरा सहित राजस्थान से आज 55 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बेंगलूरु पहुंचा
बेंगलूरु,18 अप्रेल। भारत में बैंक कर्मियों का सबसे बड़ा और 80 साल से सतत सक्रिय ट्रेड यूनियन संगठन ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) का 30वां राष्ट्रीय अधिवेशन 19 से 22 अप्रेल 2026 तक कर्नाटक राज्य की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित किया जा रहा है। एआईबीए राष्ट्रीय जनरल कौंसिल के सदस्य, राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन के प्रान्तीय उप महासचिव, सहकार नेता सूरजभान सिंह आमेरा इस अधिवेशन में शामिल होने के लिए आज बेंगलूरु पहुंचे।
आमेरा ने बताया कि राजस्थान से आरजी शर्मा, महेश शर्मा, टीसी झालानी, रामावतार शर्मा, एमएस भटेजा, राहुल पांडे, रविकांत शर्मा, रवि वर्मा इत्यादि बैंक कार्मिक नेताओं कॉमर्शियल बैंक, ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक और निजी बैंकों के पदाधिकारी प्रतिनिधि अधिवेशन में भाग लेने बेगलुरु पहुंचे हैं। अधिवेशन में कारगिल से कन्याकुमारी तक देश के सभी राज्यों से बैंकिंग सेक्टर के नेता और प्रतिनिधि शामिल होंगे। पड़ोसी राष्ट्रों – नेपाल, बांग्लादेश, मलेशिया, श्रीलंका, साइप्रस, क्यूबा आदि राज्यों के प्रतिनिधि भी अधिवेशन में भाग लेंगे।
19 अप्रेल को होगा उद्घाटन
सहकार नेता ने बताया कि 19 अप्र्रेल को परवाना प्रभातकार नगर द रॉयल सीनेट हॉल बेंगलूरु पैलेस ग्राउंड में फ्लैग होस्टिंग के साथ ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर अधिवेशन का उद्घाटन करेंगी। मुख्य अतिथि साइप्रस देश से वल्र्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन के महासचिव पंबीस किरिप्सिस होंगे। अधिवेशन को देश के बैंकिंग, वित्तीय, जीवन बीमा, जनरल इंश्योरेंस और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेता भी संबोधित करेंगे।
20 अप्रेल को स्थापना दिवस
20 अप्रेल को एआईबीईए का 80वां स्थापना दिवस (1946-2026) समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर ‘संविधान एवं लोकतंत्र-ट्रेड यूनियन के सामने चुनौतियां’ विषय पर व्याख्यान आयोजित होगा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स के सचिव साथी अश्विनी कुमार बख्शी व्याख्यान देंगे।
21-22 अप्रेल को प्रतिनिधि सत्र
21-22 अप्रे्रल को प्रतिनिधि सत्र आयोजित होंगे, जिसमें देश के सभी राज्यो में सहकारी बैंकों, ग्रामीण बैंकों, व्यावसायिक बैंकों और निजी बैंकों दशा और दिशा, चुनौतियां, आर्थिक समस्याएं, सरकार की रीति नीति, निजीकरण, सहकारी बैंकों का मर्जर, कृषि ऋण, आर्थिक जगत, बैंक कर्मियों की सेवा शर्ते, वेतन वृद्धि समझौते आदि मुद्दों पर सभी राज्य से डेलीगेट अपने विचार-रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। एआईबीईए के राष्ट्रीय महासचिव सी.एच. वेंकटचलम, महासचिव प्रतिवेदन के साथ विभिन्न विषयों पर प्रस्ताव पेश करेंगे और संगठनात्मक निर्णय लेंगे, जिन पर देश के बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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