किसान क्रेडिट कार्ड योजना में होगा बड़ा बदलाव, देश के करोड़ों किसान होंगे लाभान्वित
नई दिल्ली, 13 फरवरी। देश के किसानों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान करने वाली किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) )के लिए नए और संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य कृषि एवं सम्बद्ध गतिविधियों के लिए एक ही सरल और स्पष्ट नियमों वाला ढांचा बनाना एवं किसानों को सरल एवं अधिक लचीला कर्ज उपलब्ध कराना ताकि केसीसी कर्ज को किसानों की नई जरूरतों के अनुसार बेहतर बनाया जा सके। ये नियम केसीसी जारी करने वाले सभी बैंकों, यथा – वाणिज्यिक बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक पर लागू होंगे।
सरल और एक समान ढांचा
आरबीआई ने किसान क्रेडिट कार्ड लोन के लिए एक सिंगल और आसान नियमों वाला ढांचा प्रस्तावित किया है। इसका मकसद है कि खेती और उससे जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए एक ही तरह के नियम लागू हों, ताकि बैंक केसीसी योजना को और सरल तरीके से चला सकें और अधिक किसानों तक पहुंच बनाई जा सके। साथ ही, किसानों में भ्रम कम करने के लिए आरबीआई ने पूरे देश में फसल सीजन को एक जैसा करने का सुझाव दिया है। प्रस्तावित योजना में कम अवधि वाली फसलें यानी 12 महीने का चक्र और लंबी अवधि वाली फसलें यानी 18 महीने का चक्र को शामिल किया गया है। इससे लोन देने और वापस लेने का समय पूरे देश में समान रहेगा।
संशोधित योजना का मसौदा
– ऋण स्वीकृति और चुकौती कार्यक्रमों में एकरूपता लाने के लिए, फसल-मौसम को महीनों अर्थात कम अवधि वाली फसल (12 महीने) और दीर्घ अवधि वाली फसल (18 महीने) के संदर्भ में मानकीकृत किया गया है।
– किसानों को, कृषि की वास्तविक लागत के आधार पर, पर्याप्त ऋण प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए केसीसी के अंतर्गत आहरण सीमा को प्रत्येक फसल-मौसम के वित्त-स्तर के साथ संरेखित किया गया है।
– किसानों को, भूमि परीक्षण, तत्काल मौसम पूर्वानुमान और जैविक/हितकारी कृषि प्रथाओं के प्रमाणन आदि जैसी तकनीकी आवश्यकताओं के लिए वित्त प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु, ऐसे व्यय को, कृषि आस्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए, 20 प्रतिशत अतिरिक्त घटक के भीतर पात्र घटकों के रूप में जोड़ा गया है।
केसीसी लोन की अवधि 6 साल होगी
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि किसान क्रेडिट कार्ड लोन की अवधि अब 6 साल तक हो सकती है। यह उन किसानों के लिए उपयोगी है, जो लंबी अवधि वाली फसलें उगाते हैं, क्योंकि उनकी फसल का चक्र लंबा होता है, आय आने में ज्यादा समय लगता है और नए नियमों से लोन चुकाना उनके लिए आसान हो जाएगा। (Input – RBI and Ndtv India)
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