सहकारिता

शुक्र है, किसी मंत्री ने सहकारिता के पुराने पापों को धोना शुरू तो किया

बजरंग लाल झारोटिया के बाद, कृष्ण कुमार मीना का नम्बर लगा

जयपुर, 31 जनवरी (मुखपत्र)। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक के निर्देश पर, सहकारिता सेवा के उप रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार मीणा उर्फ के.के. मीना को निलम्बित कर दिया गया है। सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव मोहम्मद अबू बक्र ने बुधवार को केेके मीना का निलम्बन आदेश जारी किया। निलम्बन काल में मीना का मुख्यालय उदयपुर रखा गया है। मीना को जालोर केंद्रीय सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक के पद पर रहते हुए अवैध लेनदेन के मामले में निलम्बित किया गया है, वर्तमान में वह उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, जयपुर शहर के पद पर कार्यरत था।

जालोर केंद्रीय सहकारी बैंक के एक वरिष्ठ कार्मिक की दस्तावेजी सुबूतों के साथ प्रस्तुत शिकायत पर प्रारम्भिक जांच के उपरांत निलम्बित कर दिया गया है। खातों में अवैध लेनदेन के इस प्रकरण में बैंक के दो संविदा कर्मियों – जसाराम मीणा व उसके पुत्र प्रवीण को नौकरी से हटा दिया गया है। इन दोनों के बैंक खाते से उप रजिस्ट्रार के.के. मीना, उनकी पत्नी, पुत्री, पुत्र, कुछ स्वर्णकारों व रिश्तेदारों के बैंक खाते में लगभग 40 लाख रुपये ट्रांसफर हुये हैं। ये वो राशि है जो सहकारी बैंक के मीना के डमी खाते से परिजनों और अन्य लोगों के नाम ट्रांसफर की गयी। इसके अलावा अन्य बैंक खातों से कितनी राशि, कब-कब और किन लोगों के खाते में ट्रांसफर की गयी, इसकी विस्तृत जांच का जिम्मा जालोर कलेक्टर और बैंक प्रशासक निशांत जैन को सौंपा गया है। केके मीना मूलत: जिला अलवर के गूंती (गुनती) का रहने वाला है और जालौर जिले में एक ही बार पदस्थापित रहा है।

शिकायतकर्ता नंदकिशोर सोनी जालोर सीसीबी में ही वरिष्ठ प्रबंधक हैं और भीनमाल शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि केके मीना ने जालोर केंद्रीय सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक केे कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये की अवैध राशि बनायी है। सोनी ने मीना के खिलाफ एसीबी, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की है। फिलहाल, इस प्रकरण की जांच सहकारिता विभाग कर रहा है।

40 लाख रुपये का अवैध लेनदेन

शिकायत के अनुसार, संविदा कार्मिक जसाराम के खाते से 40 बार में 26 लाख 23 हजार 500 रुपये और उसके पुत्र प्रवीण के खाते से 12 बार में 13 लाख 79 हजार 800 रुपये, तत्कालिन एमडी केके मीना, उसके परिजनों व अन्य लोगों के खाते में, कुल 40 लाख 3 हजार 300 रुपये ट्रांसफर किये गये। जिनके खातों में राशि ट्रांसफर की गयी, उनमें स्वयं के.के. मीना, विमला मीणा, गार्गी मीणा, सचिन कुमार मीणा, विकास मीणा, अनिरुद्ध मीणा, विक्रम सिंह, शशिभारत यादव, रीना थापर, राम अवतार शर्मा, राकेश शर्मा, राजेंद्र कुमार, नरेंद्र सिंह राठौड़, नकुल विजय, महेंद्र कुमार शर्मा, जय सिंह, अनिता यादव, राजकुमार, पूनम, बिग शॉप, श्याम ट्रेडिंग कम्पनी, श्री नवरत्न ज्लैलर्स आदि नाम शामिल हैं।

न भूतो, न भविष्यित

शिकायतकर्ता का दावा है कि जिन लोगों के खातो में ये राशि ट्रांसफर की गयी, उनका जसाराम मीणा और प्रवीण मीणा से कोई सीधा सम्पर्क नहीं है। साथ ही, यह राशि के.के. मीणा के प्रबंध निदेशक के कार्यकाल जनवरी 2021 से जुलाई 2023 के दौरान ही ट्रांसफर की गयी। उससे पहले, या उसके बाद में कोई राशि इन दोनों के खातों से उपरोक्त किसी खाते में ट्रांसफर नहीं की गयी। जसाराम जालौर सीसीबी के प्रधान कार्यालय में तथा उसका पुत्र प्रवीण बैंक की सायंकालीन शाखा में कार्यरत है। विशेष बात यह है कि इन दोनों के खातों में जिस-जिस दिन राशि अन्य खातों से जमा हुई, उसी दिन यह राशि, नैफ्ट/आरटीजीएस के माध्यम से, केके मीना व अन्यों के खातों में जमा करवा दी गयी।

इन बिन्दुओं की जांच की मांग

– जसाराम मीणा व प्रवीण मीणा के खातों में जमा हुई सम्पूर्ण राशि के स्रोत, कारण व उद्देश्यों की जांच
– उपरोक्त लाभान्वितों, जिसके खाते में रकम ट्रांसफर की गयी, के जालौर सीसीबी व अन्य बैंकों में संधारित खातों की जांच।
– के.के.मीना के प्रबंध निदेशक के कार्यकाल में तमाम नैफ्ट/आरटीजीएस की विस्तृत जांच, ताकि जसाराम व प्रवीण के अलावा किसी अन्य ने भी, उपरोक्त लाभान्वितों के खाते में ट्रांसफर की गयी रकम का पता लगाया जा सके।
– जिन व्यक्तियों के खातों में राशि ट्रांसफर की गयी है, उनके खातों में हुए लेन-देने की विस्तृत जांच और यह राशि किन-किन व्यक्तियों द्वारा जमा करवायी गयी।
– के.के. मीना के प्रबंध निदेशक के कार्यकाल में हुई अन्य समस्त शिकायतों का संज्ञान लेकर जांच की जाये। इससे करोड़ों रुपये का भ्र्रष्टाचार का खुलासा होने की संभावना।

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