Monday, July 22, 2024
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नेशनल लेवल की मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव सीड्स सोसाइटी की स्थापना को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

प्राथमिक से राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियां जिनमें प्राथमिक समितियां, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के संघ और बहु राज्य सहकारी समितियां शामिल हैं, इसकी सदस्य बन सकती हैं। इसके उपनियमों के अनुसार, सोसायटी के बोर्ड में इन सभी सहकारी समितियों के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे

यह समिति गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन, खरीद, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, लेबलिंग, पैकेजिंग, भंडारण, विपणन और वितरण, महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास, और स्थानीय प्राकृतिक बीजों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए एक प्रणाली विकसित करने के लिए एक शीर्ष संगठन के रूप में कार्य करेगी

एसआरआर और वीआरआर को बढ़ावा देगी और उपज अंतराल को कम करने एवं उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगी

नई दिल्ली, 11 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बहु-राज्य सहकारी समितियां (एमएससीएस) अधिनियम, 2002 के अंतर्गत एक राष्ट्रीय स्तर की बहु-राज्य सहकारी बीज समिति की स्थापना करने और उसे प्रोत्साहन देने के एक ऐतिहासिक निर्णय को मंजूरी दी है।

पीएम मोदी का कहना है कि सहकारी समितियों की ताकत का लाभ उठाने के हरसम्भव प्रयास किए जाने चाहिए और उन्हें “सहकार-से-समृद्धि” के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सफल और ऊर्जावान व्यावसायिक उद्यमों में बदला जाना चाहिए, क्योंकि सहकारी समितियों के पास देश के कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन की कुंजी उपलब्ध है।

पैक्स से एपेक्स को प्रतिनिधित्व

प्राथमिक से राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियां, जिनमें प्राथमिक समितियां, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के संघ और बहुराज्य सहकारी समितियां शामिल हैं, इसकी सदस्य बन सकती हैं। इसके उपनियमों के अनुसार, सोसायटी के बोर्ड में इन सभी सहकारी समितियों के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे।

बीजों के उत्पादन, अनुसंधान, ब्रांडिंग का काम करेगी

राष्ट्रीय स्तर की यह बहुराज्य समिति सम्बंधित मंत्रालयों, विशेष रूप से कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) की सहायता और उनकी योजनाओं व एजेंसियों के जरिए देश भर की विभिन्न सहकारी समितियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन, खरीद, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, लेबलिंग, पैकेजिंग, भंडारण, विपणन और वितरण, महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास और स्थानीय प्राकृतिक बीजों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए एक प्रणाली विकसित करने के लिए एक शीर्ष संगठन के रूप में कार्य करेगी।

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