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सहकारिता में नये युग का सूत्रपात, देश की पहली सहकारिता आधारित “भारत टैक्सी” का शुभांरभ

– तीन साल में देश भर में उपलब्ध होगी भारत टैक्सी – टैक्सी चालक की मालिक, कोई कमीशन नहीं, कोई हिडन चार्जेज नहीं – टैक्सी किराये का भुगतान सीधी सारथी के खाते में होगा – भारत टैक्सी का 80 प्रतिशत लाभ सारथियों में बंटेगा

नई दिल्ली, 5 फरवरी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में भारत की पहली सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा भारत टैक्सी का औपचारिक शुभांरभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर एवं मुरलीधर मोहोल, सहकारिता सचिव डॉ. आशीषकुमार भूटानी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 1200 से अधिक सारथियों (ड्राइवर पार्टनर्स) ने भाग लिया, जो भारत टैक्सी के चालक सशक्तिकरण और सहकारी स्वामित्व आधारित मॉडल के प्रति व्यापक समर्थन को दर्शाता है।

कार्यक्रम को अमित शाह ने कहा कि तीन साल के अंदर कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामख्या तक सहकार टैक्सी हमारे टैक्सी सार्थियों के कल्याण का एक बहुत बड़ा माध्यम बन जाएगी। शाह ने कहा कि संभवत: विश्व में पहली बार ऐसी अनूठी कंपनी अस्तित्व में आ रही है, जिसका असली मालिक कोई व्यक्ति या बाहरी कंपनी नहीं, बल्कि टैक्सी चलाने वाला सारथी ही है। सहकार टैक्सी में सबसे बड़ी शेयर पूंजी केवल 500 रुपये है। यह छोटी सी राशि टैक्सी सारथियों की मेहनत, आत्मसम्मान और उनकी आर्थिक आजादी की नींव बनने जा रही है।

80 प्रतिशत मुनाफा सारथियों में बटेंगा

शाह ने कहा कि हर 5 साल पर होने वाले चुनाव के बाद टैक्सी सारथियों द्वारा चुने गए दो प्रतिनिधि बोर्ड में बैठेंगे। वे ही उनके हितों की देखभाल करेंगे और उनके लिए फैसले करेंगे। यही सहकारिता की आत्मा और सच्चे मालिकाना हक की भावना है। उन्होंने कहा कि सहकार टैक्सी कुल लाभ में केवल 20 प्रतिशत पैसे ही अपने पास रखेगी, यानि 100 रुपए में से 20 रुपए ही सहकार टैक्सी अपने पास रखेगी, जिसके मालिक सारथी ही हैं। सारा लाभ भारत टैक्सी से जुड़े सारथी के अकाउंट में ही जाएगा। भारत टैक्सी के पूंजी खाते में पड़े 20 रुपए के मालिक भी सारथी ही होंगे।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी की कल्पना मौजूदा तीनों प्रकार के टैक्सी वाहनों को एक साथ जोडक़र की गई है, जिसमें चार पहिया टैक्सी, तीन पहिया और दो पहिया वाहन शामिल हैं।

सारथी दीदी चलायेंगी दोपहिया टैक्सी

उन्होंने देश की मातृ शक्ति को संदेश दिया कि भारत टैक्सी उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखेगी। उन्होंने कहा कि हमने सारथी दीदी की एक विशेष संकल्पना तैयार की है, जिसके तहत आने वाले समय में ऐप में ‘सारथी दीदी’ के लिए एक अलग विंडो होगी, जिसके जरिए रजिस्ट्रेशन कराने वाली किसी भी महिला को केवल ‘सारथी दीदी’ ही पिक करने आएंगी। सारथी दीदी दो पहिया वाहन लेकर आएंगी और बहुत कम किराए में सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाएंगी। यह सुविधा महिलाओं के लिए बहुत बड़ी और व्यावहारिक राहत साबित होगी। भविष्य में सारथी दीदी के माध्यम से देश की मातृ शक्ति को एक सुरक्षित, सस्ती और सम्मानजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा। यह केवल एक सेवा नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कोई हिडन चार्जेज नहीं

उन्होंने कहा कि आज से सारथी हिडन चार्जेज से पूरी तरह मुक्त हैं। हिडन चार्जेज लेना सारथी के साथ एक तरह का छल है। टोल, पार्किंग और अन्य सभी तरह के अतिरिक्त शुल्क से भी मुक्ति मिलेगी। सारथियों के लिए 24*7 हेल्पलाइन उपलब्ध रहेगी। फिलहाल इसकी शुरुआत गुजरात के कुछ शहरों, दिल्ली व एनसीआर में हो रही है। लेकिन अगले तीन साल से भी कम समय में हम देश के हर राज्य और हर बड़े शहर तक पहुंच जाएंगे।

कोई कमीशन नहीं कटेगा

अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी द्वारा तय किया गया फिक्स्ड चार्ज सारथियों के अकाउंट से अलग रहेगा। भारत टैक्सी सारथियों की पसीने की कमाई से एक प्रतिशत भी कमीशन नहीं काटेगी, जिससे उनकी समृद्धि तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ग्राहक द्वारा किया गया भुगतान सीधे सारथी के अकाउंट में तत्काल ऑटोमैटिकली ट्रांसफर हो जाएगा। किसी भी सारथी का अकाउंट बिना उचित सुनवाई के बंद नहीं किया जाएगा।

शाह ने कहा कि अब तक बुकिंग फीस, प्लेटफॉर्म फीस और भारी कमीशन जैसी बातें कंपनी की बैलेंस शीट को मोटा करती थीं और सारथी की कमाई को घटाती थीं। भारत टैक्सी में ऐसी कोई फीस या कमीशन की व्यवस्था ही नहीं है और सारथी ही मालिक होंगे। यह विचार पश्चिमी सोच वाले लोगों को शायद समझ न आए, लेकिन यही सहकारिता की असली ताकत है।

8 माह में मिला भरपूर रिस्पोंस

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी के 4 मूल मंत्र हैं -स्वामित्व, सुरक्षा कवच, सम्मान और सबका पहिया-सबकी प्रगति यानी सभी के लिए लाभांश का उचित वितरण। इन्हीं 4 उद्देश्यों के साथ भारत टैक्सी की शुरुआत हुई है। भविष्य में यह एक बहुत सफल प्रयोग साबित होगा। उन्होंने कहा कि 6 जून 2025 को इसकी स्थापना हुई और आज से यह कमर्शियली लॉन्च हो रही है। केवल 8 माह के भीतर दिल्ली और गुजरात में किसी भी अन्य टैक्सी कंपनी से ज्यादा सारथी और ग्राहक भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं। इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन किसी अन्य कंपनी ने नहीं कराए हैं। निकट भविष्य में सारथियों को बीमा, सरकारी रोजगार, योजनाओं, कर्ज, अनुदान और गिग वर्कर से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ स्वत: मिल सकेगा।

एसओएस अलर्ट, शिकायत निवारण प्रक्रिया

सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी ऐप में एसओएस अलर्ट की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, जिसके माध्यम से आपातकालीन स्थिति में तुरंत सुरक्षा और सहायता प्राप्त की जा सकती है। अभी दिल्ली-एनसीआर में 8 हेल्पलाइन और सहायता केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं। भविष्य में देशभर में ऐसे केन्द्रों का एक व्यापक जाल बिछाया जाएगा। शिकायत निवारण की पूरी प्रक्रिया तीन स्तरों पर संचालित होगी। ऐप के माध्यम से, वेबसाइट पर और टोल-फ्री नंबर के जरिए। हमारे प्रतिनिधि नियमित रूप से सारथियों के साथ बैठकें करेंगे ताकि हर समस्या का समय पर समाधान हो सके।

9 प्रमुख संस्थाओं से एमओयू

शाह ने कहा कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी, इफको टोक्यो इंश्योरेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित कुल नौ प्रमुख संस्थाओं के साथ भारत टैक्सी ने समझौता (एमओयू) किया है। इन समझौतों के जरिए भारत टैक्सी के ग्राहकों को कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, इन सभी संस्थाओं को भारत टैक्सी की सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। ये संस्थाएं अब सहकार टैक्सी की सफलता में हिस्सेदार बन चुकी हैं।

भारत टैक्सी में नयी सेवाएं शामिल होंगी

अमित शाह ने कहा कि जल्द ही भारत टैक्सी में बहुत सारी नई सेवाओं को शामिल करेंगे और इसे लगातार विस्तार देंगे। अब तक दिल्ली-एनसीआर में 2.5 लाख से अधिक ड्राइवर भारत टैक्सी के साथ जुड़ चुके है, 8.5 लाख से अधिक यात्री इस परिवार का हिस्सा बन चुके हैं और कई बड़ी कंपनियों के साथ समझौते अंतिम चरण में हैं।

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