मुखपत्र

जन सेवा हॉस्पिटल में दूरबीन से युवक के कंधे की सफल सर्जरी

श्रीगंगानगर, 1 जुलाई (मुखपत्र)। कंधे का जोड़ बार-बार उतर जाने से परेशान एक युवक को टांटिया यूनिवर्सिटी कैम्पस में स्थित डॉ. एसएस टांटिया मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (जन सेवा हॉस्पिटल) में आराम मिल पाया है। यह जटिल सर्जरी दूरबीन पद्धति से बिना किसी चीर-फाड़ से की गई है।

 

डॉ. मनोज गोदारा

हॉस्पिटल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रो. बलजीतसिंह कुलडिय़ा ने बताया कि हनुमानगढ़ के निकट एक गांव में रहने वाले युवक के कंधे में कुछ समय पूर्व चोट लगी थी। इसके बाद से ही उसका कंधा बार-बार उतर जाता था, जिसे चिकित्सा जगत में रिकरंट शोल्डर डिस्लोकेशन कहा जाता है। जब वह जन सेवा हॉस्पिटल में आया तो यहां हड्डी एवं जोड़ रोग और स्पोट्र्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. मनोज गोदारा ने एमआरआई व सीटी स्कैन करवाया। तब पता चला कि उसके बाएं कंधे का लेब्रम फटा हुआ है तथा सॉकेट में भी 10-11 प्रतिशत हड्डी का घिसाव था।

आर्थो विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम अरोड़ा ने बताया कि डॉ. गोदारा ने दूरबीन पद्धति से ऑर्थोस्कोपिक बेंकाट रिपेयर एवं रेम्पलीसाज प्रोसिजर किया। ऑप्रेशन में निष्चेतन विभाग के डॉ. नवीन जैन, डॉ. आशीष अग्रवाल, रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. गुरविंदर एवं डॉ. अनूप नागपाल का सहयोग रहा। स्टाफ में रणजीत, प्रगटसिंह और राकेश भी साथ रहे।

उल्लेखनीय है कि डॉ. मनोज गोदारा ऑर्थोस्कोपी एवं स्पोट्र्स इंजरी में अहमदाबाद से फैलोशिप कर चुके हैं। पूर्व में इस तरह के मामले सामने आने पर रोगी को जयपुर, चंडीग या दिल्ली रेफर किया जाता था। डॉ. मनोज गोदारा के यहां आने के बाद अब इस तरह के रोगियों का यहीं उपचार होने लगा है।

 

 

 

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