व्यापारसहकारिता

गुलाबी नगरी में सहकारी मसालों की सुगंध के सामने हीट वेव बेअसर

राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला में अब तक 1 करोड़ 10 लाख रुपये का कारोबार

जयपुर, 25 मई (मुखपत्र)। जवाहर कला केेंद्र में आयोजित किये जा रहे राष्ट्रीय सहकारी मसाला मेला -2024 से उठी सहकारी मसालों की सौंधी खुशबू, जयपुरवासियों को अपनी ओर खींचने में सफल रही है। शुद्ध, गुणवत्तायुक्त और बाजार से अपेक्षाकृत कम दरों पर मसालों की खरीद करने के इच्छुक लोग, अत्यधिक तापमान और लू के थपेड़ों के बीच, मसालों की खरीदारी करने उमड़ रहे हैं। यही कारण है कि रिकार्डतोड़ गर्मी के बावजूद मात्र 6 दिन में ही मसालों की बिक्री एक करोड़ दस लाख रुपये का आंकड़ा पार कर गयी है। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण, दोगुनी बिक्री की अपेक्षा की जा रही है। मेला 28 मई को सम्पन्न होगा।

जयपुरवासियों की मांग पर, सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफैड) जयपुर की ओर से पिछले 25 साल से लगातार राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला का आयोजन किया जा रहा है। कोरोनाकाल की असाधारण विकट परिस्थिति को छोडक़र, मसाला मेला का आयोजन निरंतर जारी है। इसी कोरोनाकाल में जनसाधारण ने जीवन में स्वास्थ्य और खाद्य वस्तुओं की शुद्धता की महत्व को समझा, जिससे सहकार मसाला मेले की अहमियत और बढ़ गयी है।


कॉनफैड की प्रबंध निदेशक श्रीमती शिल्पी पांडे ने बताया कि पहले दिन सायंकाल में मेला आरंभ होने के बाद मात्र 4 घंटे में ही 10 लाख रुपये के मसालों की बिक्री हो गयी थी। उसके बाद, प्रतिदिन 20 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो रही है। शुक्रवार तक 1 करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक राशि के मसाले व अन्य पदार्थ बेचे गये हैं।
उपभोक्ता संघ के महाप्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि मेले में 119 स्टॉलों पर 200 से अधिक प्रकार के मसाले, खाद्य पदार्थ एवं अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया है। मेले में इरोड (तमिलनाडु) की विश्वप्रसिद्ध हल्दी, गुंटूर (आंध्रप्रदेश) की लाचमिर्च, केरल की कालीमिर्च, लौंग, इलायची, वरजिन कोकोनेट ऑयल, तमिलनाडु एवं केरल की दालचीनी, गुजरात का जीरा, केरल एवं मेघालय की सोंठ, असम का तेजपत्ता, बंगाल एवं असम की हरड़, सिहोर (मध्यप्रदेश) का गेहूं, पंजाब के लजीज मसाले, अचार-मुरब्बे, गर्मियों के लिए शहद में तैयार च्यवनप्राश और उत्तरप्रदेश एवं पंजाब की राई विशेष रूप से उपलब्ध करायी गयी है। इसके अलावा राजस्थान के लगभग सभी प्रसिद्ध मसाले मेले में उपलब्ध हैं, जिनमें मथानिया की मिर्च, कोटा एवं बूंदी का चावल, बारां व रामंगजमंडी का धनिया, जालौर व नागौर का जीरा, जालौर का ईसबगोल, प्रतापगढ़ की हींग, भरतपुर व अलवर की राई, टोंक, सिरोही व उदयपुर का सौंफ, चित्तौडग़ढ़, उदयपुर व झालावाड़ की अजवायन, नागौर की कसूरी मैथी व मेथी दाना और कोटा का उत्तम क्वालिटी का गेहूं शामिल है।

लक्की ड्रा बना आकर्षक का केंद्र

मेला स्थल पर शुक्रवार रात्रि डेली लक्की ड्रा निकालते सहकारिता विभाग के अधिकारीगण।

 

उपभोक्ता संघ के महाप्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि मसाला मेला में न्यूनतम 2000 रुपये की खरीदारी करने वालों के लिए प्रतिदिन तीन लक्की ड्रा निकाले जाते हैं, जिन्हें प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के रूप में 5100 रुपये, 3100 रुपये और 2100 रुपये के गिफ्ट हैम्पर दिये जाते हैं। मेला प्रांगण में रात्रि 9.30 बजे उपस्थित खरीदारों के समक्ष लक्की ड्रा खोला जाता है और सहकारिता विभाग के अधिकारी, विजेता को गिफ्ट हैम्पर भेंट करते हैं। जो व्यक्ति पांच हजार रुपये या इससे अधिक राशि का सामान खरीद रहा है, उसे डेली लक्की ड्रा के साथ-साथ मेगा लक्की ड्रा में भी भाग्य आजमाने का मौका मिलेगा, जो मेले के समापन पर 28 मई को खोला जायेगा। मेगा ड्रा का प्रथम पुरस्कार फ्रंट लोडेड वाशिंग मशीन, द्वितीय पुरस्कार एलईडी टीवी, तृतीय पुरस्कार टेबलेट, चतुर्थ पुरस्कार स्पोट्र्स साइकिल एवं पंचम पुरस्कार म्यूजिक सिस्टम है।

गर्मी से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम

जवाहर कला केंद्र में जारी दस दिवसीय सहकार मसाला मेला -2024 में खरीदारों की सुविधा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं। सभी प्रकार के मसाले एवं अन्य प्रकार की स्टालें वातानुकूलित डोम में लगायी गयी हैं, जहां आगुंतकों को गर्मी में राहत मिलती है। मेले में प्रवेश, पार्किंग और शीतल पेयजल की सुविधा नि:शुल्क है। इसके अलावा, फूडमार्ट में भोजन और साउथ इंडियन फूड, आईसक्रीम, नमकीन पदार्थ, जलजीरा की स्टाल पर लगायी गयी है। मेला प्रांगण में आरामदेह सोफासैट व कुर्सियां लगायी गयी हैं, ताकि लोग खरीदारी करने के पश्चात, अपनी पसंदीदा फूड का आनंद लेते हुए थकान उतार सकें। प्रतिदिन सायंकाल के समय में तीन घंटे के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। मेले का समय प्रात: 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक है।

मेले में ये सामान की उपलब्ध

मेले में शुद्ध मसालों के साथ-साथ कई प्रकार के ड्राईफ्रूट्स, तेल, अचार, मुरब्बे, चटनी, शर्बत, अर्क, सीकर का प्याज, मोटे अनाज (मिलेट्स), सरस की लस्सी, छाछ, श्रीखंड, आईसक्रीम, घी, अमूल की आईसक्रीम तथा अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स, लेडिज सूट, साडिय़ां, बेडशीट्स, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, पुस्तकें, जूतियां, अन्य घरेलू सामान भी उपलब्ध कराया गया है।

 

 

error: Content is protected !!