बजट से उपजी निराशा, भजनलाल सरकार से खफा पैक्स कर्मी बड़े आंदोलन की तैयारी में
संयुक्त संघर्ष समिति में शामिल समस्त संगठनों की 23-24 फरवरी 2026 को जयपुर में आयोजित बैठक में होगा ऐलान
जयपुर, 20 फरवरी (मुखपत्र)। प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) के कर्मचारियों के प्रति राजस्थान सरकार की बेरूखी से आहत पैक्स कर्मियों ने आंदोलन की ओर कदम बढ़ा दिये हैं। पैक्स कर्मी राजस्थान के बजट से घोर निराश हैं। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम दक के ठोस आश्वासन के बावजूद बजट से पैक्स कर्मी खाली हाथ रहे। बजट में सरकार द्वारा पैक्स कार्मिकों के लिए कॉमन कैडर, कोटे से बैंकों में भर्ती, वेतन और सेवा सुरक्षा की गारंटी सहित उनकी चारों मुख्य मांगों के संबंध में कोई घोषणा नहीं की गयी।
पैक्स कार्मिक अब यह मान बैठे हैं कि सहकारिता की सबसे महत्वपूर्ण इकाई यानी पैक्स के कर्मचारियों में सरकार की कोई रुचि नहीं है। प्रदेश में 35 लाख किसानों में 25 हजार करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त फसली ऋण उपलब्ध कराने की आधारभूत इकाई (ग्राम सेवा सहकारी समिति/पैक्स) से जुड़े, परंतु सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति से आहत, निराश और आक्रोषित कर्मचारियों में एक बार पुन: आंदोलन की सुगबुगाहट होने लगी है।
पैक्स कर्मियों की मांगों के लिए गठित राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने, वर्तमान हालात पर विचार-विमर्श करने और अपनी मांगों के संबंध में आगामी रणनीति तय करने के लिए 23 एवं 24 फरवरी 2026 को जयपुर में बड़ी बैठक बुलाई है। पहले ये बैठक 17 फरवरी को होने वाली थी, जिसे अपरिहार्य कारण से स्थगित कर दिया गया था। कर्मचारियों में सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतमकुमार दक के प्रति भी रोष देखने को मिल रहा है। कार्मिकों का कहना है कि मंत्री ने राज्य बजट में पैक्स कार्मिकों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं किये जाने के प्रति ठोस आश्वासन दिया गया था, लेकिन बजट में पैक्स कार्मिकों को कुछ नहीं मिला।
दो दिन जयपुर में जुटेंगे प्रदेश एवं जिलों के पदाधिकारी
संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बैठक की सूचना प्रसारित की गयी है, जिसमें पैक्स कार्मिक संगठनों ने जिला अध्यक्षों, महामंत्रियों एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को आवश्यक रूप से उपस्थित रहने के लिये कहा गया है। राजस्थान बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन के सह मीडिया प्रभारी और डूंगरपुर जिला महामंत्री वासुदेव पाटीदार ने बताया कि बैठक दो दिन 23 एवं 24 फरवरी को जयपुर में होगी। बैठक का विस्तृत एजेंंडा 22 फरवरी को जारी किया जायेगा। बैठक में मांगों के संबंध में शक्ति प्रदर्शन, असहयोग आंदोलन या संपूर्ण हड़ताल, इस पर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया जायेगा।
पहले ही चेतावनी दे चुकी है संयुक्त संघर्ष समिति
वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रतीत होता है कि सहकारिता मंत्री और सहकारी विभाग के कोरे आश्वासनों से आहत पैक्स कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटा चुका है। पैक्स कर्मियों ने 5 फरवरी 2026 को सहकारिता मंत्री गौतम दक और शासन सचिव, सहकारिता विभाग को ज्ञापन प्रेषित कर, स्पष्ट कर दिया था कि यदि इस बार बजट में उनकी मांगों के संबंध में घोषणा नहीं हुई, तो वे बजट सत्र के बाद बड़ा आंदोलन छेड़ देंगे। आंदोलन के तहत केंद्रीय सहकारी बैंकों में जमा मिनी बैंकों की धनराशि की एकमुश्त वापसी, राज्य सरकार को हिस्सा राशि लौटाना, फसली ऋण वितरण/वसूली और पैक्स कम्प्यूटराजेशन परियोजना बंद करना शामिल है। (फोटो : एक्सडाटकॉम से साभार)
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