क्रय विक्रय सहकारी समितियां भी इफको की टैगिंग नीति के विरोध में उतरी, पैक्स कर्मचारियों के आंदोलन को दिया समर्थन, एक मार्केटिंग सोसाइटी ने यूरिया लौटाया
श्रीगंगानगर, 29 अगस्त (मुखपत्र)। सहकारी क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी रायायनिक उर्वरक उत्पाद संस्था इफको (IFFCO) की टैगिंग नीति के खिलाफ, इफको के उत्पादों की खरीद के बहिष्कार का दायरा और विस्तृत हो गया है। श्रीगंगानगर जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियां के बाद अब क्रय विक्रय सहकारी समितियां द्वारा भी इफको के दानेदार यूरिया (UREA), डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैंगिंग के विरोध में उत्पादों की खरीद बंद कर दी गयी है।

बहुउद्दश्ेयीय ग्राम सेवा सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रगटसिंह ने बताया कि जिले की पांच क्रय विक्रय सहकारी समितियों ने इफको की जबरन टैगिंग नीति के विरोध में, इफको के रायायनिक उर्वरकों की खरीद से इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि रायसिंहनगर क्रय विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष राकेश ठोलिया, श्रीविजयनगर क्रय विक्रय सहकारी अध्यक्ष आत्माराम लेघा, गजसिंहपुर क्रय विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष सुखदेव सिंह, सादुलशहर क्रय विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष मुंसफ अली राठ, अनूपगढ़ क्रय विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष श्रीमती पलविन्द्रकौर बराड़ आदि ने यूनियन के आंदोलन का समर्थन करते हुए लिखित में पत्र दिया है। पत्र में कहा गया है कि कृषि विभाग द्वारा स्पष्ट रोक लगाये जाने के बावजूद, इफको द्वारा यूरिया, डीएपी, एनपीके के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग की जा रही है, जो कि सर्वथा अनुचित है और एफसीओ 1985 तथा उर्वरक संचलन आदेश व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का स्पष्ट उल्लंघन है।

केवीएसएस ने यूरिया का ट्रक लौटाया
प्रगटसिंह ने बताया कि सूरतगढ़ क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष भानू गोदारा ने भी यूनियन के आंदोलन का समर्थन किया है। अध्यक्ष व्यक्तिगत कारणों से गंगानगर जिले से बाहर है। उनके पीछे से इफको द्वारा यूरिया का एक ट्रक सूरतगढ़ केवीएसएस में भेजा गया था, लेकिन अध्यक्ष ने आंदोलन के समर्थन में यूरिया का ट्रक इफको को वापिस भिजवा दिया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि एक-दो दिन में जिले की अन्य क्रय विक्रय सहकारी समितियां भी आंदोलन के समर्थन में इफको के उत्पादों की खरीद बंद कर देंगी।
एक सप्ताह से बहिष्कार
उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर जिले की 346 पैक्स में से 343 से गैर जरूरी उत्पादों की टैगिंग के खिलाफ इफको की दानेदार डीएपी और एनपीके की खरीद का एक सप्ताह से अधिक समय से बहिष्कार कर रखा है। कई ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष पहले से ही पैक्स कर्मचारियों के इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। यूनियन की ओर से जिला कलेक्टर, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक प्रबंधन को ज्ञापन प्रस्तुत कर, बिना टैगिंग के इफको के रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की है।
Related News
सहकारी समितियां इफको के उत्पाद नहीं बेचेंगी, जबरन टैगिंग से आहत होकर जिला यूनियन से लिया निर्णय
बड़े सहकारी नेता की कोऑपरेटिव सोसाइटी में 91 लाख रुपये के गबन का आरोप

