दस दिवसीय राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला 17 अप्रेल से
File Photo
जयपुर, 31 मार्च (मुखपत्र)। देशभर में अपने गुणवत्तापूर्ण मसालों के लिए सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026 का आयोजन 17 अप्रेल से 26 अप्रेल 2026 तक जयपुर में किया जायेगा। सहकारिता विभाग एवं राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लि. (कॉनफेड), जयपुर के तत्वावधान में हर साल आयोजित किये जाने वाले इस 10 दिवसीय राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला में राजस्थान के विशिष्ट मसाला उत्पादों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के उत्पादों को प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
मेला प्रबंधन एवं सुचारू संचालन के लिए रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां द्वारा विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है। इनमें मेला प्रबंध समिति, स्टॉल आवंटन कमेटी, आवास एवं परिवहन समिति, सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति, चिकित्सा प्रबंध समिति एवं पारितोषित वितरण कमेटी, मेला उद्घाटन एवं समापन व्यवस्था कमेटी, बिक्री सूचना कमेटी आदि शामिल है, जिनमें सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कॉनफेड के अधिकारियों-कर्मचारियों को दायित्व सौंपा गया है। इनके अलावा स्वागत एवं नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जायेगा, जिसमें दो पारियों में 12 सहकारी अधिकारी ड्यूटी देंगे।
सहकारी क्षेत्र का एक मात्र राष्ट्रीय मसाला मेला
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला का वर्ष 2003 से हर साल (कोरोनाकाल को छोडक़र) आयोजन किया जाता है। वृहद स्तर पर आयोजित होने वाला, सहकारी क्षेत्र का यह देश का एक मात्र राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला है, जिसमें उत्तरभारत, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत की सहकारी संस्थाएं शामिल होती हैं।
2025 में 4 करोड़ रुपये से अधिक बिक्री हुई थी
वर्ष 2025 में आयोजित राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला में 4 करोड़ रुपये से अधिक उत्पादों की रिकार्ड बिक्री हुई थी। मसाला मेला में सवा सौ से अधिक स्टॉल्स लगाये जाते हैं, जिसमें राजस्थान सहित लगभग एक दर्जन राज्यों की राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर की सहकारिताएं, महिला सहकारी समितियां, सेल्फ हेल्प ग्रुप आदि अपने उत्पादों को प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए उपलब्ध कराते हैं। मेले में खरीदारी करने वालों के लिए प्रतिदिन लक्की ड्रा एवं समापन के अवसर पर मेगा लक्की ड्रा निकाला जाता है। वर्ष 2025 में आयोजित मेले के दौरान मेगा लक्की ड्रा में 55 ईंच का एलईडी (टीवी), डबल डोर रेफ्रिजरेटर और आटा चक्की बतौर पुरस्कार दिये गये थे। इसके अलावा, मेलास्थल पर प्रतिदिन सायंकाल में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें राजस्थान की संस्कृति और विभिन्न नृत्य शैलियों की झलक देखने का मिलती है।
Related News
TOP NEWS
पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना के सॉफ्टवेयर का अन्य राष्ट्रीय पोर्टल्स से एकीकरण
राजस्थान के एक और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक पर आरबीआई ने लगाया आर्थिक दंड
पैक्स को विकास के इंजन के रूप में सशक्त बनाने पर रणनीतिक मंथन
एकमुश्त समझौता योजना : सहकारी बैंक के अवधिपार ऋणियों के पास अब केवल दो दिन का अवसर
प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित IAS डॉ. समित शर्मा अब सहकारिता के खेवनहार
केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान के 100 करोड़ रुपये स्वीकृत
दिव्यांगता प्रमाणपत्र में गड़बड़ी, राणावत अपेक्स बैंक की सेवा से बर्खास्त
निमोद सहकारी समिति में दो हजार एमटी और पांच सौ एमटी के गोदामों का लोकार्पण
किसान क्रेडिट कार्ड योजना में होगा बड़ा बदलाव, देश के करोड़ों किसान होंगे लाभान्वित

