सहकारिता

सहकारी बैंक बचाने के लिए सरकार से दो-दो हाथ करने की तैयारी

-सहकार नेता आमेरा ने मुख्य सचिव को ज्ञापन प्रस्तुत कर संगठन की चिंताओं से अवगत कराया

– राज्य सरकार ने सहकारी बैंकों के 1400 करोड़ रुपये के क्लेम रोक रखे

– सरकार का ध्यान आकर्षित करने हेतु 4 फरवरी को जिलों में, 9 फरवरी को जयपुर में धरना-प्रदर्शन

जयपुर, 2 फरवरी (मुखपत्र)। राज्य सरकार की वादाखिलाफी से प्रदेश में जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCB) के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। ऑल राजस्थान कोऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन एवं ऑल राजस्थान कोऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन अब सहकारी बैंकों को बचाने के लिए सरकार से दो-दो हाथ करने की तैयारी में है।

इसके अंतर्गत 4 फरवरी को राज्य के सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रधान कार्यालयों पर, तदोपरांत 9 फरवरी को नेहरू सहकार भवन, जयपुर में धरना-प्रदर्शन किये जाने की घोषणा की गयी है। इसी क्रम में यूनियन-एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव, सहकार नेता सूरजभान सिंह आमेरा ने सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मुलाकात कर, उन्हें सरकार की वादाखिलाफी से सहकारी बैंकों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति एवं संगठन की चिंताओं से अवगत कराते हुए, सरकार की ओर बकाया 1401.56 करोड़ रुपये की राशि अविलंब सहकारी बैंकों को जारी करने की मांग की।

मुख्य सचिव को दिये ज्ञापन में आमेरा ने बताया कि राज्य सरकार में सहकारी बैंकों के ऋण माफी ब्याज के बकाया 765.56 करोड़ रुपये एवं ऋण वितरण पर ब्याज अनुदान के बकाया 635.98 करोड़ रुपये लम्बे समय से बकाया हैं। उन्होंने, सरकार द्वारा समय पर इस राशि का भुगतान नहीं करने के फलस्वरूप 11 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) घाटे के घाटे में आने, सीआरएआर गिरने से नाबार्ड द्वारा फसली ऋण पुनर्वित्त पर रोक लगाने, किसानों को समुचित ऋण उपलब्ध नहीं होने तथा पैक्स से अपैक्स तक सहकारी साख व्यवस्था बाधित होने की चिंताजनक स्थिति से अवगत कराया।

4 फरवरी को जिलों में धरना, 9 को जयपुर में

सहकार नेता ने ज्ञापन में बताया कि सहकारी बैंकों के बकाया 1401.56 करोड़ रुपये का अतिशीघ्र भुगतान नहीं होने की स्थिति में बैंकों को इस राशि का लेखा पुस्तकों में प्रावधान करना होगा, जिससे वित्तीय वर्ष की समाप्ति में प्रदेश के सभी 29 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के घाटे में आ जायेेंगे, इससे किसानों के लिए पैक्स से अपैक्स तक सहकारी ऋण व्यवस्था चौपट होना तय है। आमेरा ने बताया कि बैंकों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर पैक्स से अपैक्स तक कार्मिकों के असंतोष से संगठनात्मक आंदोलन में 4 फरवरी 2026 को सभी सीसीबी जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने तथा 9 फरवरी को सहकार भवन जयपुर पर सहकारी बैंक कर्मियों का प्रान्तीय धरना-प्रदर्शन आयोजित कर बजट पूर्व सरकार का ध्यानाकर्षण किया जाएगा।

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