महाप्रबंधक ने किया सहकारी उपभोक्ता भंडार के कारोबार का बंटाधार
भंडार अध्यक्ष ने सहकारिता रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर, जीएम की मनमानी और आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कार्यप्रणाली से अवगत कराया
दीपावली पर ही भंडार की लाखों रुपए की आय प्रभावित होने की आशंका
बीकानेर, 4 नवम्बर (मुखपत्र)। बीकानेर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार लिमिटेड के महाप्रबंधक जोगेंद्र सिंह की कार्यशैली और मनमाने रवैये को लेकर विवाद गहरा गया है। भंडार के अध्यक्ष नगेंद्र पाल सिंह शेखावत ने सहकारिता रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर महाप्रबंधक पर संचालक मंडल के निर्देशों की अवहेलना करने, व्यापारिक गतिविधियों को ठप्प करने तथा संस्था को आर्थिक एवं प्रतिष्ठात्मक नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
संचालक मंडल के फैसलों की अनदेखी और मेले से दूरी
अध्यक्ष द्वारा भेजे गए पत्र में दो प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जिसमें दीपावली पर काजू कतली का प्रोडक्शन एवं बिक्री बंद करना और बीकानेर में सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित संभाग स्तरीय सहकार मेला से दूरी बनाना है।
दीपावली पर काजू कतली बिक्री बंद करना : प्रतिवर्ष भंडार द्वारा आम उपभोक्ताओं को किफायती और उचित दरों पर शुद्ध काजू कतली बनाकर बेची जाती थी। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को निजी व्यापारियों की मुनाफाखोरी से राहत देना था। आरोप है कि संचालक मंडल की स्पष्ट मंशा के बावजूद महाप्रबंधक ने इस बार काजू कतली के उत्पादन एवं बिक्री न करवाने का एकपक्षीय निर्णय लिया, जिससे संस्था को आर्थिक नुकसान हुआ।
जानकारी के अनुसार, भंडार द्वारा गत वर्ष 10 क्विंटल काजू कतली बनाकर, बेची गई थी और इस बार 30 क्विंटल के उत्पादन एवं बिक्री का लक्ष्य है। भंडार को विभिन्न कंपनियों, संस्थाओं एवं औद्योगिक इकाईयों से मौखिक ऑर्डर भी मिलने शुरू हो गए थे, लेकिन जीएम जोगेंद्र सिंह की हठधर्मिता के चलते, काजू-कतली नहीं बनाने-बेचने का निर्णय लिया गया, जिससे भंडार को लाखों रुपए की हानि की आशंका है।
संभाग स्तरीय सहकार मेले का बहिष्कार : बीकानेर में हाल ही में आयोजित संभाग स्तरीय सहकार मेले में भंडार की ओर से 30 हजार रुपए की अंशपूंजी उपलब्ध करवाने के बावजूद महाप्रबंधक ने भंडार की एक भी स्टॉल नहीं लगवाई। साथ ही, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र जैसी महत्वाकांक्षी योजना का प्रचार-प्रसार करने का भी कोई प्रयास नहीं किया गया।
रजिस्ट्रार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
भंडार अध्यक्ष नगेंद्र पाल सिंह शेखावत ने रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है :-
लिखित स्पष्टीकरण : काजू कतली निर्माण न कराने और सहकार मेले में भागीदारी न करने पर महाप्रबंधक से लिखित जवाब तलब किया जाए।
जवाबदेही तय करना : प्रशासनिक लापरवाही और बोर्ड के फैसलों की अवहेलना पर महाप्रबंधक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय हो।
आर्थिक क्षति की वसूली : संस्था को हुए संभावित और वास्तविक वित्तीय नुकसान का आंकलन करवाकर महाप्रबंधक से वसूली की जाए।
अनुशासनात्मक कार्रवाई : नियम विरुद्ध कार्य करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। पत्र की प्रतिलिपि अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, बीकानेर खंड को भी भेजी गई है।

