सहकारिता

कैसे आयेगी ‘सहकार से समृद्धि’? 7 साल से वार्षिक निरीक्षण नहीं करवाने वाली सहकारी समिति को अनुदानित योजनाओं का सर्वाधिक लाभ मिला

साल 2018 के बाद से अब तक एक बार भी वित्तदाता बैंक के स्तर पर वार्षिक निरीक्षण नहीं हुआ

600 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों एवं कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 45 लाख रुपये अनुदान दिया गया

श्रीगंगानगर, 4 जनवरी (मुखपत्र)। गंगानगर जिले के सबसे बड़े सहकारी नेताओं में शुमार लखविंद्रसिंह लखियां के नेतृत्व वाली 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस समिति का लगातार 7 साल से वार्षिक निरीक्षण नहीं हुआ, लेकिन इस अवधि में प्रत्येक सरकारी योजना का लाभ निर्बाध ढंग से मिलता रहा।

गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की श्रीकरणपुर शाखा क्षेत्र की 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति, 4 ओ (लखियां) में 92 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप की कार्यालय रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर के निर्देश पर राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001 की धारा 55 के अंतर्गत जांच की जा रही है। जांच अधिकारी द्वारा सोसाइटी की वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट्स के आंकड़ों से इतर, लीपापोती वाली जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी, जिसे फिलहाल स्वीकार नहीं करते हुए, जांच अधिकारी को कुछ बिन्दुओं पर विस्तार से स्थिति स्पष्ट करने के लिए निर्देशित किया गया है।

हालांकि, जांच अधिकारी चंद्रशेखर मुड़ासिया, सहकारी निरीक्षक (ऑडिट) की ओर से प्रस्तुत इस जांच रिपोर्ट में इस बात का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड द्वारा पिछले 7 साल से 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति का वार्षिक निरीक्षण नहीं किया जा रहा। वार्षिक निरीक्षण और सालाना ऑडिट से ही किसी सोसाइटी की वास्तविक वित्तीय स्थिति की जानकारी सामने आती है। यह भी उल्लेखनीय है कि 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति की वित्तीय वर्ष 2024-25 की ऑडिट भी चंद्रशेखर को ही आवंटित है।

श्रीगंगानगर : 4 ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति के समक्ष मनोहारी मुद्रा में समिति अध्यक्ष लखविंद्रसिंह (नीली पगड़ी में) व अन्य।

 

2018 में हुआ था अंतिम वार्षिक निरीक्षण

4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति का अंतिम वार्षिक निरीक्षण साल 2018 में हुआ था, जब राज्य सहकारिता सेवा के अधिकारी दीपक कुक्कड़ बैंक के कार्यवाहक प्रबंध निदेशक की भूमिका में थे। उसके बाद, पिछले 7 साल में 4 सहकारी अधिकारी (भूपेंद्र सिंह ज्याणी 01.03.2019 से 11.08.2021, डॉ. एमआर खन्ना 11.08.2021 से 03.09.2021 व 24.06.2022 से 27.02.2023, संजय गर्ग 08.11.2021 से 23.06.2022 व 04.3.2023 से आदिनांक तक) बैंक में प्रबंध निदेशक रहे, लेकिन किसी के कार्यकाल में 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति का वार्षिक निरीक्षण नहीं हुआ।

वर्तमान प्रबंध निदेशक संजय गर्ग के लंबे समय से अवकाश पर होने के कारण इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी कि 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति का बैंक स्तर से ही वार्षिक निरीक्षण आवंटित नहीं हुआ अथवा जिन कार्मिकों को निरीक्षण आवंटित किया गया, उनके द्वारा निरीक्षण नहीं किया गया। या फिर सोसाइटी ने ही निरीक्षण नहीं करने दिया।

दंड की बजाय पुरस्कार

वित्तदाता बैंक द्वारा अपने क्षेत्राधिकार की प्रत्येक ग्राम सेवा सहकारी समिति का वार्षिक निरीक्षण अनिवार्य एरूप से करवाया जाता है। निरीक्षण नहीं करवाने वाली सोसाइटी के वित्तीय अधिकार सीज किये जाने का प्रावधान है। निरीक्षण नहीं होने पर समिति के कार्मिकों को सेवानिवृत्ति लाभ/परिलाभ एवं समिति को किसी प्रकार की सरकारी योजना का लाभ नहीं दिया जाता। परन्तु 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति के मामलों में इन नियमों को खूंटी पर टांग दिया गया। इसी अवधि में सोसाइटी का एक कार्मिक सेवानिवृत्त हुआ, जिसे समस्त लाभ/परिलाभ प्रदान किये गये।

बैंक प्रबंधन द्वारा निरीक्षण के अभाव में 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करना तो दूर, उल्टे लगातार निरीक्षण नहीं कराये जाने के बावजूद पिछले 4 साल में 600 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता के दो गोदाम (अन्न भंडारण योजना के तहत 25 लाख रुपये के अनुदान वाला एक 500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 12 लाख रुपये के अनुदान वाला 100 एमटी क्षमता का एक गोदाम) और कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 8 लाख रुपये अनुदान, कुल 45 लाख रुपये की सरकारी ग्रांट (सब्सिडी) उपलब्ध करवा दी गयी।

950 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता

वर्तमान में इस समिति की कुल भंडारण क्षमता 950 मीट्रिक टन है, जबकि गंगानगर जिले की दर्जनों समितियां मात्र 100 एमटी क्षमता के एक अदद गोदाम के लिए तरस रही हैं। इनके पुराने गोदाम जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं, परंतु राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) में इन जरूरतमंद समितियों के हक पर 4-ओ जीएसएस जैसी राजनीतिक अप्रोच वाली समितियां डाका मार जाती हैं। बैंक द्वारा एनसीडीसी, राजस्थान सरकार और भारत सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ जिले में सर्वप्रथम 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति को दिया जाता है, लेकिन वार्षिक निरीक्षण करवाना बैंक प्रबंधन की प्राथमिकता नहीं रहा।

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