रजिस्ट्रार की SOP बेअसर, सहकार नेता की कोऑपेरटिव सोसाइटी में 91 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की अधिनियम अंतर्गत जांच 130 दिन से अधर में
जांच रिपोर्ट के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय पांच पत्र लिख चुका
श्रीगंगानगर, 2 फरवरी (मुखपत्र)। सहकारिता रजिस्ट्रार के खिलाफराजस्थान हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर, सुर्खियां बटोर चुके सहकार नेता लखविंद्रसिंह लखियां के नेतृत्व वाली सहकारी सोसाइटी में लाखों रुपये के गबन/वित्तीय अनियमितता की अधिनियम अंतर्गत जांच चार माह से अधिक समय से लंबित है। इस पर सहकारिता विभाग ने कड़ा एतराज जताया है। इस संबंध में कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां द्वारा विशेष लेखा परीक्षक, श्रीगंगानगर को पांचवीं बार पत्र लिखकर, जांच की धीमी गति पर रोष व्यक्त करते हुए अविलंब जांच रिपोर्ट प्राप्त कर, उप-रजिस्ट्रार, श्रीगंगानगर को सौंपने के लिए पाबंद किया गया है।
बैंकिंग अनुभाग की ओर से लिखे गये इस चतुर्थ स्मरण पत्र में उल्लेखित है कि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति लि. में 91 लाख रुपये के गबन के आरोप की अधिनियम अंतर्गत जांच विशेष लेखा परीक्षक कार्यालय में पदस्थापित निरीक्षक (ऑडिट) चंद्रशेखर को सौंपी गयी है। जांच अधिकारी ने अभी तक जांच रिपोर्ट सहकारिता विभाग को नहीं सौंपी है।
रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से इस बात के लिए गहरी नाराजगी जतायी गयी है कि विशेष लेखा परीक्षक को पहले भी कई बार निर्देशित किये जाने के बावजूद, जांच अधिकारी से जांच रिपोर्ट प्राप्त कर, उप-रजिस्ट्रार, श्रीगंगानगर को नहीं भेजी गयी। करणपुर क्षेत्र की 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष लखविंद्रसिंह दो दशक से अधिक समय से लगातार समिति के चेयरमैन हैं। वे करणपुर क्रय विक्रय सहकारी समिति के चेयरमैन और श्रीगंगानगर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के संचालक मंडल सदस्य हैं। कॉनफैड की सदस्य समिति के अध्यक्ष होने के नाते ही होने के नाते ही, लखविंद्र सिंह ने कॉनफेड चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, जयपुर के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर रखी है।
ऑॅडिट रिपोर्ट से उजागर हुई अनियमितता
उल्लेखनीय है कि सहकारिता विभाग को प्रेषित शिकायत में, 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति लि., लखियां में 91 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गयी थी। शिकायतकर्ता द्वारा विभाग को ठोस दस्तावेजी साक्ष्यों के रूप में सोसाइटी की 9 वित्तीय वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट संलग्न की गयी है। सहकारिता रजिस्ट्रार के निर्देश और जोनल एडिशनल रजिस्ट्रार, बीकानेर के आदेश पर उप-रजिस्ट्रार, श्रीगंगानगर द्वारा जांच की जिम्मेदारी विशेष लेखा परीक्षक, श्रीगंगानगर में पदस्थ निरीक्षक (ऑडिट) चंद्रशेखर को सौंपी गयी है। 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति की ऑडिट भी चंद्रशेखर को आवंटित है।
90 दिन में करनी होती है धारा 55 की जांच
रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां द्वारा जारी एसओपी में राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम की धारा 55 के अंतगर्त जांच की अधिकतम समय सीमा 90 दिन निर्धारित है, हालांकि, 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति की अधिनियम अंतर्गत जांच सितम्बर, 2025 में सौंपी गयी थी, जो लगभग 130 दिन से लंबित है। रजिस्ट्रार कार्यालय जांच रिपोर्ट को लेकर 4 स्मरण पत्र लिख चुका है। अंतिम पत्र 27 जनवरी 2026 को लिखा गया, लेकिन 2 फरवरी 2026 तक जांच रिपोर्ट, उप रजिस्ट्रार, श्रीगंगानगर को नहीं मिली थी।
निरीक्षण में भी 74 लाख रुपये का अंतर
यह भी उल्लेखनीय है कि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा फरवरी-मार्च, 2025 में गंगानगर जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में संचालित मिनी बैंकों का निरीक्षण करवाया गया था। इसमें 50 लाख रुपये से अधिक डिपोजिट वाले मिनी बैंकों में सबसे अधिक ऋणात्मक अंतर भी 4ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति में सामने आया था। तब बैंक के निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार, मिनी बैंक में कुल जमा राशि में से 74 लाख 53 हजार रुपये की राशि कम है।
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