मुखपत्र

आंदोलन की घोषणा का असर, सरकार ने पांच केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए 82.85 करोड़ रुपये स्वीकृत किये

जयपुर, 3 फरवरी (मुखपत्र)। जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCB) को अपने हाल पर मरने के लिए छोड़ चुकी राज्य सरकार पर सहकारी बैंक कार्मिकों के आंदोलन का दबाव नजर आने लगा है। केंद्रीय सहकारी बैंकों के कार्मिकों के आंदोलन से पहले राज्य सरकार ने प्रदेश के पांच केंद्रीय सहकारी बैंकों, जिनके अल्पकालीन फसली ऋण पुनर्वित्त पर नाबार्ड द्वारा रोक लगा दी गयी है, के लिए सरकार ने 82 करोड़ रुपये से अधिक राशि की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सहकारिता विभाग की ओर से बताया गया कि कृषक ऋण माफी के विरुद्ध देय ब्याज की एवज में राज्य सरकार ने भरतपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लि., नागौर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लि., अलवर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लि., पाली सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लि. और जैसलमेर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के लिए 82 करोड़ 85 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है। फिलहाल यह राशि राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (अपेक्स बैंक) के पीडी खाते में हस्तांतरित की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा कृषक ऋण माफी के विरुद्ध देय ब्याज के 765 करोड़ रुपये, जो कि जून, 2019 से लम्बित हैं, और ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण योजना योजना के ब्याज अनुदान के बकाया 635 करोड़ 98 लाख रुपये का समय पर भुगतान नहीं किये जाने के कारण राज्य के 11 केंद्रीय सहकारी बैंक घाटे में आ चुके हैं। इनमें से उपरोक्त 5 डीसीसीबी – भरतपुर, नागौर, अलवर, पाली और जैसलमेर – की डांवाडोल आर्थिक स्थिति के कारण नाबार्ड ने फसली ऋण का पुनर्वित्त रोक लिया है।

बैंकों को करना पड़ा शत-प्रतिशत राशि का प्रावधान

आरबीआई की गाइडलाइन के अनुरूप, उपरोक्त 11 बैंकों द्वारा राज्य सरकार से मिलने वाली राशि, जो कि समय पर नहीं मिल पायी, का लेखा पुरस्तों में प्रावधान किये जाने के कारण, ये बैंक विषम आर्थिक स्थिति का सामना कर रहे हैं। इससे कृषकों को अल्पकालीन ऋण मिलने में दिक्कतें आ रही हैं, साथ ही, बैंक कार्मिकों को मिलने वाली सुविधाएं और आर्थिक लाभ-परिलाभ भी बाधित हो रहे हैं।

आंदोलन की घोषणा

वर्णीय है कि ऑल राजस्थान कोऑपरेटिव बैंक एम्प्लॉइज यूनियन और ऑल राजस्थान कोऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने 1401 करोड़ रुपये की बकाया राशि सरकार से केंद्रीय सहकारी बैंकों को दिलाने के लिए 4 फरवरी 2026 से आंदोलन की कॉल दी है।

 

Related News

वचनभंगी सरकार के खिलाफ सहकारी बैंक कार्मिकों के आंदोलन का कल से आगाज

सहकारी बैंक बचाने के लिए सरकार से दो-दो हाथ करने की तैयारी

भजनलाल सरकार ने केंद्रीय सहकारी बैंकों के 1400 करोड़ रुपये के अनुदान क्लेम रोके, 11 डीसीसीबी घाटे में, 5 बैंकों का नाबार्ड ने कृषि ऋण पुनर्वित्त रोका

Top News

रजिस्ट्रार की SOP बेअसर, सहकार नेता की कोऑपेरटिव सोसाइटी में 91 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की अधिनियम अंतर्गत जांच 130 दिन से अधर में

कोटा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने मनाया 100वां स्थापना दिवस

सहकारिता निरीक्षक सहकारी समितियों के संरक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं

सहकारिता रजिस्ट्रार आनंदी की सीसीबी एमडी को खरी-खरी, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में अवधिपार ऋणियों को वितरित ऋण की वसूली करो, अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहो

सहकारी क्षेत्र को पेशेवर और व्यावसायिक मॉडल के रूप में विकसित करने की जरूरत – डॉ. भूटानी

सहकार के बिना समृद्धि संभव नहीं : डॉ. भूटानी

सहकारिता के शीशमहल में चुंडावत की ताजपोशी

यह सहकारी अधिकारी अब सुपरमैन की भूमिका मेें नजर आयेगा

कैसे आयेगी ‘सहकार से समृद्धि’? 7 साल से वार्षिक निरीक्षण नहीं करवाने वाली सहकारी समिति को अनुदानित योजनाओं का सर्वाधिक लाभ मिला

सहकारी दुग्ध डेयरी की शीर्ष संस्था को मिला नया प्रशासक

सरकार ने IAS आनंदी को सौंपी सहकारी आंदोलन की बागडोर

राज्य की पहली यूथ कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन

ग्राम सेवा सहकारी समितियां के उप नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन, संचालक मंडल की संरचना में आयेगा बदलाव

सरस डेयरी का संचालक मंडल भंग, कलेक्टर प्रशासक नियुक्त

 

 

 

 

 

 

 

 

 

error: Content is protected !!